एक तरफ 8000 लोगों की छंटनी, दूसरी तरफ AI पर ₹11 लाख करोड़! मार्क जुकरबर्ग ने सुबह 4 बजे वाले ‘Layoff ईमेल’ पर भी तोड़ी चुप्पी

एक तरफ 8000 लोगों की छंटनी, दूसरी तरफ AI पर ₹11 लाख करोड़! मार्क जुकरबर्ग ने सुबह 4 बजे वाले ‘Layoff ईमेल’ पर भी तोड़ी चुप्पी

Meta AI Investment: सोशल मीडिया कंपनी Meta के मालिक मार्क जुकरबर्ग ने इस साल मई में मेटा के हजारों कर्मचारियों को अचानक सुबह 4 बजे एक ईमेल मिला था, जिसने एक झटके में 8,000 लोगों की नौकरी छीन ली थी। हाल ही में कंपनी के नतीजों की जानकारी देते हुए जुकरबर्ग ने न सिर्फ इस छंटनी पर ही बात नहीं की, बल्कि यह भी बताया कि एक तरफ लोगों को निकालने वाली उनकी कंपनी दूसरी तरफ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) पर इतना पैसा क्यों खर्च कर रही है।

सुबह 4 बजे का वो ईमेल और अल्युमनाई पोर्टल का सच

मई 2026 में मेटा ने अपने कुल कर्मचारियों में से लगभग 10 फीसदी (8,000 लोगों) को अचानक काम से निकाल दिया था। कर्मचारियों को सुबह 4 बजे एक मेल मिला जिसमें साफ लिखा था कि अब कंपनी में उनकी जरूरत नहीं है। कंपनी ने तुरंत उनके कंप्यूटर और सिस्टम का एक्सेस बंद कर दिया था। हालांकि, उन्हें पैसे और वीजा से जुड़ी जानकारी के लिए ‘अल्युमनाई पोर्टल’ का लिंक दिया गया, जिसे एक्सेस बंद होने के एक घंटे के अंदर देखा जा सकता था। जुकरबर्ग के अनुसार, इस छंटनी का असर Q2 के नतीजों पर दिखा और कंपनी को सेवरेंस कॉस्ट के रूप में करीब $1.2 बिलियन (लगभग ₹10,000 करोड़) चुकाने पड़े।

कमाई बढ़ी, लेकिन खर्चों ने बिगाड़ा गणित

मेटा की दूसरी तिमाही (Q2) के नतीजे मिले-जुले रहे। एक तरफ कंपनी की कुल कमाई 28% बढ़कर $60.8 बिलियन हो गई। वहीं दूसरी तरफ कंपनी का कुल खर्च भी 55% बढ़कर $42 बिलियन पहुंच गया। खर्च बढ़ने की बड़ी वजह कर्मचारियों का मुआवजा, $2.4 बिलियन का कानूनी जुर्माना, एआई का खर्च और डेटा सेंटर का रखरखाव रहा। इसी वजह से कंपनी का शुद्ध मुनाफा 8% घटकर $18.8 बिलियन रह गया। अगर छंटनी के खर्च और कानूनी पेनल्टी को हटा दिया जाए, तो कंपनी की ऑपरेटिंग इनकम में वास्तव में 9% की बढ़ोतरी हुई होती।

‘AI से नौकरियां जा नहीं रहीं, बन रही हैं’- मार्क जुकरबर्ग

छंटनी के बीच जुकरबर्ग ने एक ऐसा दावा किया है जिसकी काफी चर्चा हो रही है। वॉल स्ट्रीट जर्नल से बातचीत में उन्होंने कहा कि AI तकनीक आने से नौकरियां खत्म नहीं हो रहीं, बल्कि नेट लेवल पर नए काम और नई नौकरियां पैदा हो रही हैं, क्योंकि AI को चलाने के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर की जरूरत है। वह नए रोजगार बना रहा है। हालांकि, आलोचकों का कहना है कि मेटा में तस्वीर अलग दिखती है, जहां कंपनी ने 8,000 लोगों को निकाला और 7,000 अन्य कर्मचारियों को एआइ प्रोजेक्ट्स में शिफ्ट कर दिया।

एआई इंफ्रास्ट्रक्चर पर $130 बिलियन से ज्यादा इन्वेस्ट

मेटा अब पूरी तरह से ‘AI-First’ कंपनी बनने की दिशा में आगे बढ़ रही है। यही वजह है कि 8,000 कर्मचारियों को निकालने के बावजूद जुकरबर्ग AI इंफ्रास्ट्रक्चर पर इस साल $130 बिलियन से $145 बिलियन (लगभग ₹11 लाख करोड़ से ₹12 लाख करोड़) खर्च करने जा रहे हैं। यह आंकड़ा पिछले साल के मुकाबले लगभग दोगुना है।
फिलहाल, मेटा के पास 75,000 से अधिक कर्मचारी बचे हैं, जो पहली तिमाही की तुलना में 3% कम हैं। कंपनी का अनुमान है कि इस साल की तीसरी तिमाही (Q3) के अंत तक छंटनी से प्रभावित सभी कर्मचारी कागजी तौर पर भी रोल से बाहर हो जाएंगे।

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