मथुरा में शनिवार शाम करीब 5 बजे अचानक तेज बारिश शुरू हुई। कुछ ही देर में शहर के प्रमुख मार्गों और निचले इलाकों में पानी भर गया। भूतेश्वर रेलवे पुल, कंकाली रोड और नया बस स्टैंड समेत कई जगहों पर सड़कें जलमग्न हो गईं। पानी और कीचड़ के बीच लोगों को आवाजाही करनी पड़ी। दोपहिया वाहन चालकों और पैदल राहगीरों के साथ बाहर से आए श्रद्धालुओं को भी परेशानी उठानी पड़ी। हालांकि, बारिश से उमस और गर्मी से परेशान लोगों को राहत मिली। मौसम सुहाना होने के साथ तापमान में भी गिरावट महसूस की गई। नालों की सफाई के दावों पर उठे सवाल बारिश के बाद हुए जलभराव ने मथुरा-वृंदावन नगर निगम की जल निकासी व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए। स्थानीय लोगों का कहना है कि बारिश से पहले नालों और नालियों की सफाई के दावे किए जाते हैं, लेकिन बारिश होते ही प्रमुख सड़कें पानी में डूब जाती हैं। लोगों का कहना है कि नालों की नियमित सफाई और जल निकासी की बेहतर व्यवस्था हो तो जलभराव की समस्या को काफी हद तक कम किया जा सकता है। धार्मिक नगरी होने के कारण मथुरा में रोज बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। ऐसे में प्रमुख मार्गों पर बार-बार जलभराव होना परेशानी बढ़ाता है। श्रद्धालुओं को भी पानी से होकर गुजरना पड़ा भूतेश्वर रेलवे पुल, कंकाली रोड और नया बस स्टैंड क्षेत्र में पानी भरने से स्थानीय लोगों के साथ श्रद्धालुओं को भी परेशानी हुई। कई जगह लोगों को दूषित पानी और कीचड़ के बीच से होकर गुजरना पड़ा। इससे पैदल यात्रियों और दोपहिया वाहन चालकों की मुश्किल बढ़ गई। किसानों के चेहरे खिले शहर में जलभराव से लोग परेशान रहे, वहीं बारिश ने किसानों के चेहरे खिला दिए। किसान आनंद सारस्वत और चंदन चौधरी ने बताया कि बारिश बाजरा, धान और अन्य फसलों के लिए फायदेमंद है। खेतों में पर्याप्त नमी पहुंचने से फसलों की वृद्धि बेहतर होने की उम्मीद है।

