फर्रुखाबाद में सावन मास के दौरान एक अनोखी कांवड़ यात्रा देखने को मिली। शाहजहांपुर के भल्हागंज क्षेत्र के दिबियापुर गांव का एक परिवार अपनी नौ माह की बेटी को कांवड़ में लिटाकर पांचाल घाट पहुंचा। यहां से गंगाजल भरकर वे दिबियापुर स्थित शिव मंदिर के लिए रवाना हुए। इस कांवड़ में एक ओर 11 लीटर का जल कलश था, वहीं दूसरी ओर पालने में उनकी नौ माह की बेटी थी। पिता शनि और अन्य परिजन ‘हर-हर महादेव’ के जयकारे लगाते हुए शिव मंदिर की ओर बढ़ रहे थे। इस दृश्य को देखने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु उमड़ पड़े और उन्होंने परिवार की इस पहल की सराहना की। बेटी के चाचा आशीष कुमार ने बताया कि उनके बड़े भाई शनि की शादी के तीन साल बाद भी संतान नहीं हुई थी। परिवार ने भगवान शिव से संतान प्राप्ति की मन्नत मांगी थी और संकल्प लिया था कि संतान होने पर वे कांवड़ लाकर जलाभिषेक करेंगे। नौ माह पहले परिवार में बेटी का जन्म हुआ। परिवार ने इसे ईश्वर का आशीर्वाद मानते हुए अपनी मन्नत पूरी करने के लिए बेटी के साथ ही कांवड़ यात्रा निकालने का निर्णय लिया।


