टीकमगढ़ में बुधवार को कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने अस्पताल चौराहे पर धरना प्रदर्शन और शांतिपूर्ण उपवास किया। यह प्रदर्शन राज्यसभा उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन का नामांकन निरस्त किए जाने के विरोध में आयोजित किया गया था। कांग्रेस ने इस पूरी कार्रवाई को भाजपा की एक सोची-समझी साजिश करार दिया है। मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष जीतू पटवारी के निर्देश पर हुए इस प्रदर्शन में कांग्रेस नेताओं ने भाजपा और चुनाव प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने इसे लोकतंत्र के लिए एक चिंताजनक स्थिति बताया। समान अवसर न देने का आरोप प्रदेश कांग्रेस महासचिव किरण अहिरवार ने आरोप लगाया कि कांग्रेस प्रत्याशी मीनाक्षी नटराजन का पर्चा एक सोची-समझी रणनीति के तहत जल्दबाजी में निरस्त किया गया। उन्होंने कहा कि जिस मामले में कांग्रेस ने भाजपा समर्थित उम्मीदवार पर आपत्ति जताई थी, उसमें तो पूरा समय दिया गया, लेकिन कांग्रेस प्रत्याशी को अपनी बात या पक्ष रखने का बराबर मौका ही नहीं मिला। नारी सम्मान के दावे पर उठाए सवाल किरण अहिरवार ने भाजपा को घेरते हुए कहा कि एक तरफ भाजपा नारी सम्मान और नारी वंदन की बड़ी-बड़ी बातें करती है, तो दूसरी तरफ गांधीवादी विचारधारा से जुड़ीं महिला नेता मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द करवा देती है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि पहले तो वोटों की चोरी होती थी, लेकिन अब सीधे सीटों की चोरी की जा रही है। यह कार्रवाई लोकतांत्रिक मूल्यों और निष्पक्ष चुनाव की भावना के बिल्कुल खिलाफ है। प्रदर्शन में यह नेता रहे मौजूद कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने उपवास रखकर अपना विरोध जताया और लोकतंत्र की रक्षा करने का संकल्प लिया। इस प्रदर्शन के दौरान जिला कांग्रेस अध्यक्ष नवीन साहू, संजय नायक, अनीश खान, सूर्य प्रकाश मिश्रा, इसरार मोहम्मद, पार्थ सिंह और अंकित जैन सहित युवा कांग्रेस व संगठन के कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे। सभी ने चुनाव प्रक्रिया में पूरी पारदर्शिता और निष्पक्षता बनाए रखने की मांग की है।


