मुंबई के 248 करोड़ के फ्लाईओवर पर बवाल, उद्घाटन के 24 घंटे बाद दिखा पैच और उबड़-खाबड़ सड़क

मुंबई के 248 करोड़ के फ्लाईओवर पर बवाल, उद्घाटन के 24 घंटे बाद दिखा पैच और उबड़-खाबड़ सड़क

मुंबई महानगरपालिका (BMC) एक बार फिर विवादों में घिर गई है। गोरेगांव में हाल ही में शुरू किए गए मृणालताई गोरे फ्लाईओवर एक्सटेंशन की गुणवत्ता को लेकर गंभीर सवाल उठने लगे हैं। उद्घाटन के महज चंद दिन बाद ही फ्लाईओवर पर पैच और उबड़-खाबड़ हिस्से दिखाई देने के बाद विपक्ष ने बीएमसी और महायुति सरकार को घेरना शुरू कर दिया है।

शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) की नेता और बीएमसी में विपक्ष की नेता किशोरी पेडनेकर ने मंगलवार को अन्य पार्षदों के साथ फ्लाईओवर का दौरा किया और इसकी गुणवत्ता पर सवाल उठाते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की।

जनता के टैक्स के पैसे से बना पुल, जवाब देना होगा- पेडनेकर

बीएमसी की पूर्व मेयर किशोरी पेडनेकर ने कहा कि यह फ्लाईओवर आम जनता के टैक्स के पैसों से बनाया गया है, इसलिए इसकी गुणवत्ता और बढ़ी हुई लागत दोनों की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।

उन्होंने भाजपा नेता व बीएमसी मेयर ऋतु तावड़े के हालिया निरीक्षण दौरे को दिखावा और राजनीतिक स्टंट करार दिया और कहा कि जनता को यह जानने का अधिकार है कि परियोजना की लागत इतनी अधिक क्यों बढ़ी और निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर सवाल क्यों उठ रहे हैं। उन्होंने कहा कि परियोजना का गुणवत्ता परीक्षण किसी स्वतंत्र थर्ड पार्टी एजेंसी से कराया जाना चाहिए।

उद्घाटन के अगले ही दिन सामने आई शिकायतें

6 जून को फ्लाईओवर का उद्घाटन किया गया था। लेकिन उद्घाटन के अगले ही दिन वाहन चालकों ने सड़क की खराब गुणवत्ता को लेकर शिकायतें शुरू कर दीं। कई लोगों ने सोशल मीडिया पर तस्वीरें और वीडियो साझा कर सड़क की सतह पर बने पैच, असमान हिस्सों और निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल उठाए।

इस मुद्दे ने देखते ही देखते राजनीतिक रंग ले लिया और अब विपक्ष ने इसे बड़े भ्रष्टाचार और लापरवाही से जोड़कर जांच की मांग तेज कर दी है।

170 करोड़ से बढ़कर 248 करोड़ पहुंची परियोजना लागत

मृणालताई गोरे फ्लाईओवर एक्सटेंशन परियोजना का काम वर्ष 2018 में शुरू किया गया था। दिसंबर 2018 में इसकी मंजूर की गई लागत महज 170 करोड़ रुपये ही थी। हालांकि परियोजना पूरी होने तक लागत बढ़कर 248 करोड़ रुपये तक पहुंच गई। यही कारण है कि अब लागत वृद्धि को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं।

8 साल में बना 750 मीटर लंबा फ्लाईओवर

मृणालताई फ्लाईओवर का मुख्य हिस्सा 2016 में यातायात के लिए खोला गया था। हालांकि, इसके दोनों एप्रोच आर्म्स का निर्माण कार्य तब बाकी था। प्रत्येक एप्रोच आर्म की लंबाई लगभग 390 मीटर है।

करीब 750 मीटर लंबा यह नया फ्लाईओवर आर्म्स गोरेगांव पूर्व और पश्चिम को जोड़ने वाली महत्वपूर्ण परियोजना का हिस्सा है। यह राम मंदिर क्षेत्र, एसवी रोड, लिंक रोड और वेस्टर्न एक्सप्रेस हाईवे कॉरिडोर को जोड़ता है। इस फ्लाईओवर का उद्देश्य गोरेगांव पूर्व और पश्चिम के बीच ट्रैफिक जाम को कम करना था।

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