बिहार इलेक्ट्रिक वाहन परिचालन नीति के तहत राज्य में इलेक्ट्रिक वाहनों के परिचालन को बढ़ावा देने के लिए एक बड़ी पहल की गई है। सरकार ने साल 2030 तक कुल वाहनों में 30 फीसदी इलेक्ट्रिक वाहनों की हिस्सेदारी सुनिश्चित करने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य तय किया है। इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए निजी और सार्वजनिक दोनों क्षेत्रों में चार्जिंग स्टेशन नेटवर्क का मजबूत जाल बिछाया जा रहा है। इस योजना की सबसे खास बात यह है कि अब आम लोग भी अपने निजी भवनों में चार्जिंग स्टेशन स्थापित कर सकते हैं, जिसके लिए केंद्र सरकार के ऊर्जा मंत्रालय द्वारा आकर्षक अनुदान दिया जाएगा। इस संबंध में परिवहन विभाग ने जिला परिवहन कार्यालय को पत्र भेजकर नई गाइडलाइन की विस्तृत जानकारी साझा की है। इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग स्टेशन नेटवर्क की स्थापना से संबंधित गाइडलाइन जारी परिवहन विभाग की इस नई पहल की जानकारी देते हुए डीटीओ रंजीत कुमार ने बताया कि सरकार द्वारा इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग स्टेशन नेटवर्क की स्थापना से संबंधित गाइडलाइन जारी कर दी गई है। पर्यावरण संरक्षण और पर्यावरण-अनुकूल वाहनों को बढ़ावा देने के लिए चार्जिंग स्टेशनों के निर्माण पर विशेष बल दिया जा रहा है। इसके तहत विभिन्न श्रेणियों के स्टेशनों की स्थापना पर ₹75 हजार से लेकर ₹15 लाख तक की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। नियमों के अनुसार पेट्रोल पंप, हाउसिंग सोसाइटी, होटल, मोटल, बस टर्मिनल, व्यावसायिक क्षेत्रों और सार्वजनिक पार्किंग स्थलों पर कोई भी इच्छुक व्यक्ति या संस्था चार्जिंग स्टेशन स्थापित कर सकती है। इसके लिए आवश्यक उपकरणों की खरीद पर अधिकतम ₹2.25 लाख तक का अनुदान प्रदान किया जाएगा, जबकि बड़े कमर्शियल चार्जिंग स्टेशन स्थापित करने पर ₹10 लाख से ₹15 लाख तक की भारी-भरकम सब्सिडी मिलेगी। इस योजना का लाभ लेने के लिए आवेदकों को विभाग के पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन करना होगा, जिसके बाद ही प्रोत्साहन राशि हस्तांतरित की जाएगी। निजी और आवासीय परिसरों में भी चार्जिंग पॉइंट बना सकते हैं नई नीति के तहत आम नागरिक अपने निजी और आवासीय परिसरों में भी चार्जिंग पॉइंट बना सकते हैं। आवासीय भवनों के मालिक, आवासीय कल्याण संघ और सहकारी गृह निर्माण समितियां अपने निजी इस्तेमाल के लिए इसे स्थापित कर सकती हैं। हालांकि, इसके लिए एक अनिवार्य शर्त यह रखी गई है कि संबंधित परिसर में कम से कम पांच कारों के बराबर पार्किंग स्पेस उपलब्ध होना चाहिए। इस प्रावधान के तहत भी निर्धारित गाइडलाइन के अनुसार प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। आवासीय और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों द्वारा अपने पार्किंग क्षेत्र में चार्जिंग स्टेशन लगाने के लिए संबंधित सक्षम विभाग द्वारा अनापत्ति प्रमाणपत्र निर्गत किया जाएगा। सरकार के इस कदम से जहां एक तरफ बुनियादी ढांचे का विकास होगा, वहीं दूसरी तरफ आम लोगों के लिए ईवी चार्जिंग की राह आसान हो जाएगी। बिहार इलेक्ट्रिक वाहन परिचालन नीति के तहत राज्य में इलेक्ट्रिक वाहनों के परिचालन को बढ़ावा देने के लिए एक बड़ी पहल की गई है। सरकार ने साल 2030 तक कुल वाहनों में 30 फीसदी इलेक्ट्रिक वाहनों की हिस्सेदारी सुनिश्चित करने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य तय किया है। इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए निजी और सार्वजनिक दोनों क्षेत्रों में चार्जिंग स्टेशन नेटवर्क का मजबूत जाल बिछाया जा रहा है। इस योजना की सबसे खास बात यह है कि अब आम लोग भी अपने निजी भवनों में चार्जिंग स्टेशन स्थापित कर सकते हैं, जिसके लिए केंद्र सरकार के ऊर्जा मंत्रालय द्वारा आकर्षक अनुदान दिया जाएगा। इस संबंध में परिवहन विभाग ने जिला परिवहन कार्यालय को पत्र भेजकर नई गाइडलाइन की विस्तृत जानकारी साझा की है। इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग स्टेशन नेटवर्क की स्थापना से संबंधित गाइडलाइन जारी परिवहन विभाग की इस नई पहल की जानकारी देते हुए डीटीओ रंजीत कुमार ने बताया कि सरकार द्वारा इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग स्टेशन नेटवर्क की स्थापना से संबंधित गाइडलाइन जारी कर दी गई है। पर्यावरण संरक्षण और पर्यावरण-अनुकूल वाहनों को बढ़ावा देने के लिए चार्जिंग स्टेशनों के निर्माण पर विशेष बल दिया जा रहा है। इसके तहत विभिन्न श्रेणियों के स्टेशनों की स्थापना पर ₹75 हजार से लेकर ₹15 लाख तक की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। नियमों के अनुसार पेट्रोल पंप, हाउसिंग सोसाइटी, होटल, मोटल, बस टर्मिनल, व्यावसायिक क्षेत्रों और सार्वजनिक पार्किंग स्थलों पर कोई भी इच्छुक व्यक्ति या संस्था चार्जिंग स्टेशन स्थापित कर सकती है। इसके लिए आवश्यक उपकरणों की खरीद पर अधिकतम ₹2.25 लाख तक का अनुदान प्रदान किया जाएगा, जबकि बड़े कमर्शियल चार्जिंग स्टेशन स्थापित करने पर ₹10 लाख से ₹15 लाख तक की भारी-भरकम सब्सिडी मिलेगी। इस योजना का लाभ लेने के लिए आवेदकों को विभाग के पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन करना होगा, जिसके बाद ही प्रोत्साहन राशि हस्तांतरित की जाएगी। निजी और आवासीय परिसरों में भी चार्जिंग पॉइंट बना सकते हैं नई नीति के तहत आम नागरिक अपने निजी और आवासीय परिसरों में भी चार्जिंग पॉइंट बना सकते हैं। आवासीय भवनों के मालिक, आवासीय कल्याण संघ और सहकारी गृह निर्माण समितियां अपने निजी इस्तेमाल के लिए इसे स्थापित कर सकती हैं। हालांकि, इसके लिए एक अनिवार्य शर्त यह रखी गई है कि संबंधित परिसर में कम से कम पांच कारों के बराबर पार्किंग स्पेस उपलब्ध होना चाहिए। इस प्रावधान के तहत भी निर्धारित गाइडलाइन के अनुसार प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। आवासीय और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों द्वारा अपने पार्किंग क्षेत्र में चार्जिंग स्टेशन लगाने के लिए संबंधित सक्षम विभाग द्वारा अनापत्ति प्रमाणपत्र निर्गत किया जाएगा। सरकार के इस कदम से जहां एक तरफ बुनियादी ढांचे का विकास होगा, वहीं दूसरी तरफ आम लोगों के लिए ईवी चार्जिंग की राह आसान हो जाएगी।


