नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में होने वाली एनडीए शासित राज्यों के मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्रियों की अहम बैठक में बिहार से मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, उपमुख्यमंत्री विजय चौधरी और वरिष्ठ मंत्री बिजेंद्र यादव शामिल होंगे। बैठक को केंद्र और राज्यों के बीच बेहतर समन्वय, आगामी विकास और राजनीतिक एजेंडे के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। विकसित भारत अभियान पर होगा विशेष मंथन बैठक का प्रमुख एजेंडा केंद्र सरकार के ‘विकसित भारत’ अभियान को गति देना बताया जा रहा है। प्रधानमंत्री मोदी राज्यों के मुख्यमंत्रियों और उपमुख्यमंत्रियों के साथ वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के लक्ष्य पर चर्चा करेंगे। इस दौरान राज्यों में चल रही विकास योजनाओं की प्रगति, नई संभावनाओं और केंद्र की अपेक्षाओं पर भी विस्तार से विचार-विमर्श होगा। राज्यों से सुझाव लेकर आगे की रणनीति तैयार की जाएगी। केंद्रीय योजनाओं के स्थिति की होगी समीक्षा बैठक में केंद्र सरकार की प्रमुख योजनाओं के जमीनी स्तर पर क्रियान्वयन की समीक्षा भी की जाएगी। प्रधानमंत्री आवास योजना, जल जीवन मिशन, आयुष्मान भारत, पीएम किसान और अन्य कल्याणकारी योजनाओं के लाभार्थियों तक पहुंच और उनकी प्रभावशीलता पर चर्चा होने की संभावना है। केंद्र सरकार चाहती है कि राज्यों में योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे और इसमें आने वाली चुनौतियों का समाधान समय पर किया जाए। वैश्विक चुनौतियों और अर्थव्यवस्था पर भी होगी चर्चा सूत्रों के अनुसार, बैठक में वैश्विक स्तर पर उत्पन्न हो रहे आर्थिक और भू-राजनीतिक संकटों पर भी चर्चा हो सकती है। अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों का राज्यों की अर्थव्यवस्था, निवेश और रोजगार पर पड़ने वाले प्रभाव को लेकर प्रधानमंत्री राज्यों के अनुभव जान सकते हैं। साथ ही निवेश बढ़ाने, रोजगार सृजन और आधारभूत संरचना को मजबूत करने के उपायों पर भी मंथन होने की संभावना है। बिहार के लिए कई मायनों में अहम है बैठक बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और दोनों डिप्टी सीएम विजय चौधरी, बिजेंद्र यादव की मौजूदगी को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। बिहार में विकास परियोजनाओं, केंद्र से मिलने वाली सहायता और आगामी योजनाओं को लेकर राज्य सरकार अपना पक्ष रख सकती है। साथ ही केंद्र और राज्य के बीच चल रही विभिन्न परियोजनाओं की प्रगति पर भी चर्चा होने की संभावना है। इस बैठक में बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी बिहार में विकास के लिए योजनाओं के स्थिति और निवेश और उद्योग को लेकर किए जा रहे प्रयासों को सामने रखेंगे। मुख्यमंत्री बनने के बाद सम्राट चौधरी का यह पीएम मोदी के साथ पहली बड़ी बैठक है, जिसमें बिहार के विकास को लेकर विस्तार से चर्चा होगी। राजनीतिक दृष्टिकोण से भी महत्वपूर्ण है आयोजन एनडीए शासित राज्यों के शीर्ष नेताओं की यह बैठक राजनीतिक रूप से भी अहम मानी जा रही है। आगामी विधानसभा चुनावों और संगठनात्मक गतिविधियों को देखते हुए एनडीए नेतृत्व राज्यों के अनुभवों और राजनीतिक परिस्थितियों पर भी विचार कर सकता है। हालांकि, बैठक का मुख्य फोकस सुशासन, विकास और केंद्र-राज्य समन्वय रहेगा, लेकिन राजनीतिक संदेश के लिहाज से भी इस बैठक पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं। बैठक के बाद बिहार के नेताओं की केंद्रीय मंत्रियों और भाजपा नेतृत्व के साथ अलग-अलग मुलाकातों की भी संभावना जताई जा रही है, जिसमें राज्य से जुड़ी विकास परियोजनाओं और अन्य महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा हो सकती है। नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में होने वाली एनडीए शासित राज्यों के मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्रियों की अहम बैठक में बिहार से मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, उपमुख्यमंत्री विजय चौधरी और वरिष्ठ मंत्री बिजेंद्र यादव शामिल होंगे। बैठक को केंद्र और राज्यों के बीच बेहतर समन्वय, आगामी विकास और राजनीतिक एजेंडे के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। विकसित भारत अभियान पर होगा विशेष मंथन बैठक का प्रमुख एजेंडा केंद्र सरकार के ‘विकसित भारत’ अभियान को गति देना बताया जा रहा है। प्रधानमंत्री मोदी राज्यों के मुख्यमंत्रियों और उपमुख्यमंत्रियों के साथ वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के लक्ष्य पर चर्चा करेंगे। इस दौरान राज्यों में चल रही विकास योजनाओं की प्रगति, नई संभावनाओं और केंद्र की अपेक्षाओं पर भी विस्तार से विचार-विमर्श होगा। राज्यों से सुझाव लेकर आगे की रणनीति तैयार की जाएगी। केंद्रीय योजनाओं के स्थिति की होगी समीक्षा बैठक में केंद्र सरकार की प्रमुख योजनाओं के जमीनी स्तर पर क्रियान्वयन की समीक्षा भी की जाएगी। प्रधानमंत्री आवास योजना, जल जीवन मिशन, आयुष्मान भारत, पीएम किसान और अन्य कल्याणकारी योजनाओं के लाभार्थियों तक पहुंच और उनकी प्रभावशीलता पर चर्चा होने की संभावना है। केंद्र सरकार चाहती है कि राज्यों में योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे और इसमें आने वाली चुनौतियों का समाधान समय पर किया जाए। वैश्विक चुनौतियों और अर्थव्यवस्था पर भी होगी चर्चा सूत्रों के अनुसार, बैठक में वैश्विक स्तर पर उत्पन्न हो रहे आर्थिक और भू-राजनीतिक संकटों पर भी चर्चा हो सकती है। अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों का राज्यों की अर्थव्यवस्था, निवेश और रोजगार पर पड़ने वाले प्रभाव को लेकर प्रधानमंत्री राज्यों के अनुभव जान सकते हैं। साथ ही निवेश बढ़ाने, रोजगार सृजन और आधारभूत संरचना को मजबूत करने के उपायों पर भी मंथन होने की संभावना है। बिहार के लिए कई मायनों में अहम है बैठक बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और दोनों डिप्टी सीएम विजय चौधरी, बिजेंद्र यादव की मौजूदगी को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। बिहार में विकास परियोजनाओं, केंद्र से मिलने वाली सहायता और आगामी योजनाओं को लेकर राज्य सरकार अपना पक्ष रख सकती है। साथ ही केंद्र और राज्य के बीच चल रही विभिन्न परियोजनाओं की प्रगति पर भी चर्चा होने की संभावना है। इस बैठक में बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी बिहार में विकास के लिए योजनाओं के स्थिति और निवेश और उद्योग को लेकर किए जा रहे प्रयासों को सामने रखेंगे। मुख्यमंत्री बनने के बाद सम्राट चौधरी का यह पीएम मोदी के साथ पहली बड़ी बैठक है, जिसमें बिहार के विकास को लेकर विस्तार से चर्चा होगी। राजनीतिक दृष्टिकोण से भी महत्वपूर्ण है आयोजन एनडीए शासित राज्यों के शीर्ष नेताओं की यह बैठक राजनीतिक रूप से भी अहम मानी जा रही है। आगामी विधानसभा चुनावों और संगठनात्मक गतिविधियों को देखते हुए एनडीए नेतृत्व राज्यों के अनुभवों और राजनीतिक परिस्थितियों पर भी विचार कर सकता है। हालांकि, बैठक का मुख्य फोकस सुशासन, विकास और केंद्र-राज्य समन्वय रहेगा, लेकिन राजनीतिक संदेश के लिहाज से भी इस बैठक पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं। बैठक के बाद बिहार के नेताओं की केंद्रीय मंत्रियों और भाजपा नेतृत्व के साथ अलग-अलग मुलाकातों की भी संभावना जताई जा रही है, जिसमें राज्य से जुड़ी विकास परियोजनाओं और अन्य महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा हो सकती है।


