अवंति विहार के पार्क पर अवैध कब्जा:रहवासी बोले- मेयर को अंधेरे में रखा गया, सुप्रीम कोर्ट के आदेश का उल्लंघन, महापौर बोलीं- जांच होगी

अवंति विहार के पार्क पर अवैध कब्जा:रहवासी बोले- मेयर को अंधेरे में रखा गया, सुप्रीम कोर्ट के आदेश का उल्लंघन, महापौर बोलीं- जांच होगी

रायपुर के अवंति विहार सेक्टर-2 में पार्क-गार्डन के लिए आरक्षित जमीन पर अवैध कब्जे और नए निर्माण कार्यों को लेकर स्थानीय लोगों में नाराजगी है। कॉलोनी वासियों ने महापौर मीनल चौबे से शिकायत कर कहा कि, मेयर को अंधेरे में रखकर घोषणाएं कराई गई। रहवासियों का आरोप है कि, श्री श्री दुर्गा सेवा समिति का दुर्गा मैदान की जमीन पर पहले से ही अवैध निर्माण है। अब नए निर्माण कार्यों की घोषणा की जा रही है, जो कि नियमों के खिलाफ है। स्थानीय लोगों ने सुप्रीम कोर्ट और छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के आदेशों का हवाला देते हुए निर्माण कार्यों पर रोक लगाने और जगह को पार्क के रूप में विकसित करने की मांग की है। उनका कहना है कि जिस जमीन को टाउन एंड कंट्री प्लानिंग ने पार्क और ओपन स्पेस के रूप में आरक्षित किया था, उसका मूल स्वरूप लगातार खत्म किया जा रहा है। इस पर मेयर चौबे ने कहा कि, शिकायत मिली है, इसकी जांच कर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। पहले देखिए ये तस्वीरें… 2023 से कर रहे विरोध, अब फिर उठाया मुद्दा रहवासियों का कहना है कि, यह विवाद नया नहीं है। साल 2023 में भी उन्होंने दुर्गा मैदान में हुए निर्माण और अतिक्रमण को लेकर शिकायत की थी। इसके बावजूद स्थिति में कोई बदलाव नहीं आया। कॉलोनी निवासी एस.के. जाधव ने कहा कि, पहले यहां एक मंच बनाया गया था, अब निर्माण कार्य शुरू हो गया है। टाउन एंड कंट्री प्लानिंग के ले-आउट में यह जमीन पार्क के लिए आरक्षित है। हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन साफ कहती है कि कॉलोनी के पार्क में किसी भी तरह का अवैध कब्जा हटाया जाना चाहिए। स्थानीय बोले- महापौर को अंधेरे में रखकर उद्घाटन कराया स्थानीय परेश कुमार बानी का आरोप है कि, निर्माण से जुड़ी घोषणा और कार्यक्रम की जानकारी कॉलोनी वासियों को नहीं दी गई। महापौर को अंधेरे में रखकर उद्घाटन करवाया गया। कॉलोनी के किसी वास्तविक निवासी को कार्यक्रम की जानकारी नहीं थी। बच्चों के खेलने और बुजुर्गों के टहलने की जगह नहीं रहवासियों का कहना है कि, कॉलोनी में पहले से ही पर्याप्त सार्वजनिक सुविधाओं का अभाव है। ऐसे में पार्क की जमीन पर निर्माण होने से आम लोगों की परेशानी बढ़ रही है। दुर्गा मैदान की जमीन पार्क के लिए आरक्षित- स्थानीय रहवासियों ने महापौर को सौंपे ज्ञापन में दावा किया है कि, दुर्गा मैदान की जमीन मूल ले-आउट में पार्क के लिए आरक्षित है। मैदान में पहले से स्थायी निर्माण और अतिक्रमण किया गया है। हाल में शेड और अन्य निर्माण कार्यों की घोषणा की गई है। पार्क की जमीन का उपयोग किसी अन्य उद्देश्य के लिए करना न्यायालयों के आदेशों के विपरीत है। निर्माण पर खर्च होने वाली राशि से गार्डन, ओपन जिम और अन्य सार्वजनिक सुविधाएं विकसित की जानी चाहिए। सुप्रीम कोर्ट-हाईकोर्ट के फैसलों का दिया हवाला रहवासियों ने सुप्रीम कोर्ट के 2009 के उस आदेश का उल्लेख किया है, जिसमें सार्वजनिक पार्कों और ओपन स्पेस पर नए धार्मिक निर्माणों की अनुमति नहीं देने की बात कही गई थी। साथ ही छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के एक फैसले का हवाला देते हुए कहा गया है कि, सार्वजनिक उपयोग के लिए आरक्षित जमीन का इस्तेमाल किसी अन्य उद्देश्य के लिए नहीं किया जा सकता। कार्रवाई नहीं हुई तो होगा विरोध रहवासियों की मांग और महापौर के जांच के आश्वासन के बाद अब सभी की नजर निगम की कार्रवाई पर है। स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर उचित कार्रवाई नहीं होती है तो आगे विरोध प्रदर्शन करेंगे।

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