अररिया में जिलाधिकारी विनोद दूहन के निर्देश पर आंगनवाड़ी केंद्रों की व्यापक जांच जारी है। यह अभियान दूसरे दिन भी विभिन्न विभागों के अधिकारियों द्वारा चलाया गया। इस अभियान का उद्देश्य सरकारी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करना और पात्र लाभार्थियों तक उनका शत-प्रतिशत लाभ पहुंचाना है। इसमें बाल विकास, स्वास्थ्य, शिक्षा और अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी शामिल हैं। स्वास्थ्य और पोषण सेवाओं की भी जांच की गई निरीक्षण के दौरान आंगनवाड़ी केंद्रों के नियमित संचालन, सेविका एवं सहायिका की उपस्थिति और 3 से 6 वर्ष के बच्चों की दैनिक उपस्थिति का जायजा लिया गया। इसके अतिरिक्त, गर्भवती महिलाओं और धात्री माताओं को दी जा रही स्वास्थ्य एवं पोषण सेवाओं की भी जांच की गई। अधिकारियों ने यह भी जांचा कि टेक होम राशन का वितरण FRS सिस्टम के माध्यम से हो रहा है या नहीं। पोषाहार मेनू का प्रदर्शन, बच्चों के लिए तैयार किए जा रहे गर्म पके भोजन की गुणवत्ता, स्वाद और पोषण स्तर की भी समीक्षा की गई। केंद्र भवनों की साफ-सफाई और शौचालय, पेयजल, बिजली, खेल सामग्री जैसी आधारभूत सुविधाओं का विस्तृत निरीक्षण किया जा रहा है। नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि निरीक्षण में किसी भी प्रकार की अनियमितता या लापरवाही पाए जाने पर संबंधित आंगनवाड़ी सेविका, महिला पर्यवेक्षिका और बाल विकास परियोजना पदाधिकारी के विरुद्ध नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। जिलाधिकारी विनोद दूहन ने बताया कि आंगनवाड़ी केंद्र बच्चों के समग्र विकास, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य तथा पोषण सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने कहा कि इन केंद्रों की कार्यप्रणाली को अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और प्रभावी बनाना जिला प्रशासन की प्राथमिकता है। इस अभियान का मुख्य लक्ष्य केवल दोष निकालना नहीं, बल्कि व्यवस्था को बेहतर बनाना है। अधिकारियों ने निरीक्षण के दौरान पात्र लाभार्थियों तक सभी योजनाओं का समय पर लाभ पहुंचाने के लिए संबंधित कर्मियों को सख्त निर्देश दिए। जिले भर में चल रहे इस अभियान से आंगनवाड़ी प्रणाली में नई ऊर्जा और पारदर्शिता आने की उम्मीद है। अररिया में जिलाधिकारी विनोद दूहन के निर्देश पर आंगनवाड़ी केंद्रों की व्यापक जांच जारी है। यह अभियान दूसरे दिन भी विभिन्न विभागों के अधिकारियों द्वारा चलाया गया। इस अभियान का उद्देश्य सरकारी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करना और पात्र लाभार्थियों तक उनका शत-प्रतिशत लाभ पहुंचाना है। इसमें बाल विकास, स्वास्थ्य, शिक्षा और अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी शामिल हैं। स्वास्थ्य और पोषण सेवाओं की भी जांच की गई निरीक्षण के दौरान आंगनवाड़ी केंद्रों के नियमित संचालन, सेविका एवं सहायिका की उपस्थिति और 3 से 6 वर्ष के बच्चों की दैनिक उपस्थिति का जायजा लिया गया। इसके अतिरिक्त, गर्भवती महिलाओं और धात्री माताओं को दी जा रही स्वास्थ्य एवं पोषण सेवाओं की भी जांच की गई। अधिकारियों ने यह भी जांचा कि टेक होम राशन का वितरण FRS सिस्टम के माध्यम से हो रहा है या नहीं। पोषाहार मेनू का प्रदर्शन, बच्चों के लिए तैयार किए जा रहे गर्म पके भोजन की गुणवत्ता, स्वाद और पोषण स्तर की भी समीक्षा की गई। केंद्र भवनों की साफ-सफाई और शौचालय, पेयजल, बिजली, खेल सामग्री जैसी आधारभूत सुविधाओं का विस्तृत निरीक्षण किया जा रहा है। नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि निरीक्षण में किसी भी प्रकार की अनियमितता या लापरवाही पाए जाने पर संबंधित आंगनवाड़ी सेविका, महिला पर्यवेक्षिका और बाल विकास परियोजना पदाधिकारी के विरुद्ध नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। जिलाधिकारी विनोद दूहन ने बताया कि आंगनवाड़ी केंद्र बच्चों के समग्र विकास, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य तथा पोषण सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने कहा कि इन केंद्रों की कार्यप्रणाली को अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और प्रभावी बनाना जिला प्रशासन की प्राथमिकता है। इस अभियान का मुख्य लक्ष्य केवल दोष निकालना नहीं, बल्कि व्यवस्था को बेहतर बनाना है। अधिकारियों ने निरीक्षण के दौरान पात्र लाभार्थियों तक सभी योजनाओं का समय पर लाभ पहुंचाने के लिए संबंधित कर्मियों को सख्त निर्देश दिए। जिले भर में चल रहे इस अभियान से आंगनवाड़ी प्रणाली में नई ऊर्जा और पारदर्शिता आने की उम्मीद है।


