बलिया के बाबा बालखंडी नाथ मंदिर परिसर में मंगलवार से सात दिवसीय शिव महापुराण कथा का शुभारंभ हुआ। अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त कथावाचक पंडित प्रदीप मिश्रा ने प्रथम दिन अधिक मास (मलमास/पुरुषोत्तम मास) की महिमा का वर्णन किया और भगवान शिव की उपासना के विशेष महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि यदि भक्ति प्रबल हो तो महादेव स्वयं दौड़े चले आते हैं। कथा का शुभारंभ करते हुए पंडित प्रदीप मिश्रा ने महर्षि भृगु की तपोभूमि और ‘बागी बलिया’ की वीर धरती को नमन किया। इस अवसर पर परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह, सांसद नीरज शेखर और जिलाध्यक्ष संजय मिश्रा ने व्यास पीठ की पूजा की। कथा के प्रारंभ में पंडित मिश्रा ने बलिया की पुण्य धरा को प्रणाम करते हुए उपस्थित श्रद्धालुओं का अभिनंदन किया। अपने प्रवचन में कथावाचक ने अधिक मास को भगवान की विशेष कृपा प्राप्त करने का अवसर बताया। उन्होंने कहा कि इस पवित्र मास में भगवान शिव की आराधना करने से अनेक गुना पुण्य की प्राप्ति होती है। पंडित मिश्रा ने बताया कि जब जीवन में निराशा, कष्ट और विपत्तियां घेर लें, तब महादेव के चरणों में श्रद्धा के साथ अर्पित किया गया एक लोटा जल और “श्री शिवाय नमस्तुभ्यं” मंत्र का जाप संकटों को दूर करने का अचूक उपाय बन जाता है। उन्होंने बलिया को राजा बलि की धरती बताते हुए कहा कि यहां के लोगों के एक लोटा जल का ही असर है कि कथा का आयोजन हो रहा है। पंडित मिश्रा ने बलिया स्थित बाबा बालेश्वर नाथ की महत्ता का भी जिक्र किया और कहा कि लिंग पुराण व स्कंद पुराण में इसका विस्तृत वर्णन है। उन्होंने बलिया वालों की भक्ति और मंत्री दयाशंकर सिंह के पूर्वजों के पुण्य को कथा आयोजन का कारण बताया। कथा के प्रथम दिन ही श्रद्धालुओं का अभूतपूर्व जनसैलाब उमड़ पड़ा। उत्तर प्रदेश सहित विभिन्न राज्यों से पहुंचे लाखों श्रद्धालुओं की उपस्थिति से पूरा कथा स्थल “हर-हर महादेव” और “बोल बम” के जयघोष से गूंज उठा। श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए आयोजन समिति और प्रशासन द्वारा व्यापक व्यवस्थाएं की गई हैं, जिसमें पुलिस की चाक-चौबंद व्यवस्था भी शामिल है।


