नारनौल में मंत्री आरती ने की DDPO निलंबन की सिफारिश:समीक्षा बैठक में देर से पहुंचने पर भड़कीं, बोलीं- विकास कार्यों में लापरवाही बर्दाश्त नहीं

नारनौल में मंत्री आरती ने की DDPO निलंबन की सिफारिश:समीक्षा बैठक में देर से पहुंचने पर भड़कीं, बोलीं- विकास कार्यों में लापरवाही बर्दाश्त नहीं

हरियाणा के नारनौल में स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव ने कार्यों में कौताही बरतने व समय पर बैठक में नहीं आने पर डीडीपीओ को सस्पेंड करने की सिफारिश की है। वे आज यहां अधिकारियों की बैठक लेने के बाद पत्रकारों से बात कर रही थी। उन्हाेंने डीसी को डीडीपीओ के निलंबन की सिफारिश के निर्देश दिए हैं। स्वास्थ्य मंत्री आरती राव ने आज पीडब्ल्यूडी रेस्ट हाउस में अधिकारियों की बैठक ली। बैठक में अधिकारियों द्वारा किए गए कामों की समीक्षा की गई। इस बैठक में डीडीपीओ प्रमोद कुमार समय पर नहीं पहुंचे। आरती राव बैठक में निर्धारित समय सुबह दस बजे पहुंच गई थी। जबकि डीडीपीओ करीब दस मिनट देरी से पहुंचे। बैठक का समय पहले से निर्धारित मंत्री ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि बैठक का नोटिस कई दिन पहले जारी कर दिया गया था और सुबह दस बजे निर्धारित समय पर बैठक शुरू हुई। बैठक में जिले के वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी, जनप्रतिनिधि और विधायक मौजूद थे, लेकिन डीडीपीओ अनुपस्थित रहे। कार्यों की होनी थी समीक्षा उन्होंने कहा कि पंचायत एवं विकास विभाग से जुड़े करीब साढ़े सात करोड़ रुपये से अधिक के विकास कार्यों की समीक्षा की जानी थी। पिछले डेढ़ वर्ष में हुए कार्यों, लंबित परियोजनाओं और अधूरे विकास कार्यों की जानकारी लेने के लिए डीडीपीओ की उपस्थिति आवश्यक थी, लेकिन वे बैठक में नहीं पहुंचे। लापरवाही बर्दाश्त नहीं मंत्री ने कहा कि अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी और जनता से जुड़े कार्यों में लापरवाही किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने डीसी को निर्देश दिए कि जो अधिकारी अपने दायित्वों का निर्वहन नहीं कर रहे हैं या बैठकों में बिना उचित कारण अनुपस्थित रहते हैं, उनके खिलाफ नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाए। कई घोषणाएं की समीक्षा बैठक के दौरान मंत्री ने जिले की स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं भी कीं। उन्होंने बताया कि अटेली क्षेत्र में जल्द ही एक आधुनिक मदर एंड चाइल्ड अस्पताल स्थापित किया जाएगा। इसके लिए एक प्रतिष्ठित संस्थान के साथ समझौता ज्ञापन (एमओयू) करने की प्रक्रिया अंतिम चरण में है। इसके अलावा कनीना और अटेली में फर्स्ट रेफरल यूनिट (एफआरयू) सेवाओं को सुदृढ़ किया गया है, जिससे अब सिजेरियन डिलीवरी सहित अन्य जरूरी सुविधाएं स्थानीय स्तर पर उपलब्ध हो सकेंगी। इससे गर्भवती महिलाओं को उपचार के लिए दूरस्थ अस्पतालों का रुख नहीं करना पड़ेगा। जल्द होगी रेडियोलॉजिस्ट की नियुक्ति मंत्री ने बताया कि अस्पतालों में एक्स-रे, सीटी स्कैन और अल्ट्रासाउंड जैसी आधुनिक मशीनें उपलब्ध करा दी गई हैं। हालांकि रेडियोलॉजिस्ट की कमी के कारण मरीजों को जांच के लिए इंतजार करना पड़ रहा है। इस समस्या के समाधान के लिए जल्द ही विशेषज्ञ चिकित्सकों की नियुक्ति की जाएगी। लोगों का आभार जताया मंत्री ने बताया कि चरखी दादरी में राव तुलाराम के नाम पर प्रस्तावित मेडिकल कॉलेज को लेकर क्षेत्र के कई गांवों के सरपंच और ग्रामीण उनसे मिले तथा सरकार का आभार जताया। उन्होंने नारनौल के नसीबपुर में प्रस्तावित शहीद स्मारक को लेकर भी प्रगति की जानकारी दी गई। उन्होंने बताया कि हाल ही में मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में आयोजित उच्चस्तरीय बैठक में स्मारक की ड्राइंग और डिजाइन पर विस्तृत चर्चा हुई है। मुख्यमंत्री ने आगामी दो सप्ताह के भीतर एक और बैठक बुलाने के निर्देश दिए हैं, जिसके बाद परियोजना पर तेजी से कार्य शुरू किया जाएगा। बैठक में विधायक ओमप्रकाश यादव व डीसी अनुपमा अंजली भी मौजूद रही। वहीं इस बारे में डीडीपीओ प्रमोद कुमार ने बताया कि वे समय से केवल दस मिनट लेट हुए थे। इस पर ही कार्रवाई की गई है।

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