TDS ज्यादा कटा है तो कैसे मिलेगा रिफंड? जानें पूरा प्रोसेस और स्टेटस चेक करने का तरीका

TDS ज्यादा कटा है तो कैसे मिलेगा रिफंड? जानें पूरा प्रोसेस और स्टेटस चेक करने का तरीका

TDS Refund: अगर आपकी सैलरी, बैंक ब्याज या किसी और आमदनी पर जरूरत से ज्यादा TDS कट गया है तो वह पैसा वापस मिल सकता है। इसके लिए बस ITR फाइल करनी होती है। इनकम टैक्स डिपार्टमेंट रिटर्न प्रोसेस करने के बाद यह रकम सीधे आपके बैंक खाते में भेज देता है। काटा गया TDS सीधे सरकार के पास जमा होता है। ऐसा इसलिए किया जाता है, ताकि टैक्स समय पर और सीधे सोर्स से ही वसूला जा सके।

TDS रिफंड कब बनता है?

जब किसी वित्त वर्ष में आपसे काटा गया TDS आपकी असल टैक्स देनदारी से ज्यादा हो जाता है तो रिफंड बनता है। यदि आपकी कुल आमदनी बेसिक एग्जेम्शन लिमिट से कम है और कोई टैक्स देनदारी बनती ही नहीं है तब भी कंपनी द्वारा आपका TDS काटा गया है तो आप इसे रिफंड करवा सकते हैं।

कहां से कटता है TDS?

TDS सैलरी, डिविडेंड, बैंक ब्याज, प्रोफेशनल फीस, कंसल्टेंसी चार्ज, कमीशन, ब्रोकरेज, लॉटरी और ऑनलाइन गेमिंग जैसी आमदनी पर कटता है। यानी इन सभी मामलों में आपको पेमेंट टैक्स काटकर मिलता है। ITR फाइल करके यही कटा हुआ पैसा वापस लिया जा सकता है।

रिफंड फेल क्यों होता है?

कई बार ITR फाइल करने के बाद भी रिफंड नहीं आता। इसकी पांच मुख्य वजहें हो सकती हैं।

ITR refund fail reason
  • PAN और Aadhaar लिंक नहीं है।
  • बैंक खाता pre-validated नहीं है।
  • बैंक डिटेल PAN रिकॉर्ड से मेल नहीं खाती।
  • IFSC कोड गलत है।
  • ITR में दिया गया बैंक खाता बंद हो चुका है।

इन सभी समस्याओं से बचने के लिए ITR फाइल करने से पहले PAN को Aadhaar से लिंक करें और बैंक खाते की डिटेल पोर्टल पर अपडेट और वैलिडेट करें।

रिफंड क्लेम करने का तरीका

  • पहला कदम है Form 26AS चेक करना। यह फॉर्म इनकम टैक्स पोर्टल पर आपके PAN से जुड़ा होता है। इसमें सभी स्त्रोतों से काटे गए TDS की पूरी जानकारी होती है। एडवांस टैक्स और सेल्फ असेसमेंट टैक्स की डिटेल भी यहीं मिलती है।
  • दूसरा कदम है ITR फाइल करना। इसमें अपनी सभी आमदनी सही-सही दर्ज करें और TDS की डिटेल Form 26AS से मिलाएं। इसके बाद सिस्टम अपने आप कैलकुलेशन करता है कि कितना रिफंड बनता है।
  • तीसरा और सबसे जरूरी कदम है अपनी फाइल की गई ITR का ई-वेरिफिकेशन करना। ITR फाइल करने के बाद आधार OTP से ई-वेरिफिकेशन की प्रक्रिया को पूरी करें। यह होने के बाद ही रिफंड प्रोसेसिंग शुरू होती है।

रिफंड का स्टेटस कैसे चेक करें?

  • ई-वेरिफिकेशन के बाद आमतौर पर 4 से 5 हफ्तों में रिफंड बैंक खाते में आ जाता है।
  • स्टेटस चेक करने के लिए इनकम टैक्स ई-फाइलिंग पोर्टल पर लॉगिन करें।
  • इसके बाद ई-फाइल सेक्शन में जाएं, इनकम टैक्स रिटर्न पर क्लिक करें।
  • इसके बाद View Filed Returns चुनें।
  • AY 2026-27 सेलेक्ट करें और View Details पर क्लिक करें। यहां रिफंड की पूरी प्रोसेसिंग हिस्ट्री दिखती है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *