बिहार में MLC चुनाव के बीच राष्ट्रीय जनता दल (RJD) में अंदरूनी कलह अब खुलकर सामने आने लगी है। टिकट नहीं मिलने से नाराज पूर्व विधायक शिवचंद्र राम ने सोमवार को पार्टी के सभी पदों से इस्तीफा दे दिया। अब लालू यादव के बड़े बेटे और जनशक्ति जनता दल (JJD) के राष्ट्रीय अध्यक्ष तेज प्रताप यादव शिवचंद्र राम के समर्थन में उतर आए हैं। तेजप्रताप ने कहा कि शिवचंद्र राम जी का पार्टी पद से इस्तीफा देना बेहद दुख की बात है। उन्होंने सोशल मीडिया X पर लिखा- MLC कैंडिडेट नहीं बनाने पर फूट-फूटकर रोने लगे शिवचंद्र राम बिहार विधान परिषद की 10 सीटों (एक उपचुनाव) पर होने वाले MLC चुनाव में सोमवार को महागठबंधन की ओर से RJD के सुनील सिंह ने पर्चा भरा। इसके बाद बिहार सरकार के पूर्व मंत्री और RJD के SC-ST प्रकोष्ठ के राष्ट्रीय अध्यक्ष शिवचंद्र राम की नाराजगी सामने आई। शिवचंद्र राम प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान फूट-फूटकर रोने लगे। उन्होंने कहा, पार्टी ने मुझे वादा किया था कि MLC बनाएंगे, लेकिन मेरे साथ वादाखिलाफी की गई है। रोते हुए उन्होंने कहा, “मैं 4 रात सो नहीं पाया, ऐसी जिंदगी भगवान किसी को ना दें।” इसके बाद उन्होंने अपने पद से इस्तीफा दे दिया। उन्होंने SC/ST प्रकोष्ठ के राष्ट्रीय अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया। हालांकि अपने इस्तीफे में उन्होंने कहा कि वह केवल संगठनात्मक पद छोड़ रहे हैं, पार्टी की सदस्यता नहीं। वह आगे भी राजद के सक्रिय सदस्य बने रहेंगे। शाम में शिवचंद्र राम की तबीयत बिगड़ गई, जिसके बाद वो अस्पताल में भर्ती हैं। शिवचंद्र राम के भावुक होने की तस्वीरें.., MLC की रेस में थे शिवचंद्र राम बता दें कि आरजेडी की ओर से MLC कैडिंडेट की लिस्ट में शिवचंद्र राम का नाम भी चर्चा में था। जेडीयू और बीजेपी ने इस बार किसी दलित नेता को उम्मीदवार नहीं बनाया है। ऐसे में चर्चा थी कि तेजस्वी बड़ा दलित कार्ड खेल सकते हैं। सम्राट सरकार ने राबड़ी आवास दलित मंत्री को दिया है। राबड़ी द्वारा बंगला खाली नहीं करने पर सत्ता पक्ष की ओर से कहा जा रहा है कि दलित मंत्री को घर नहीं दिया जा रहा है। सत्ता पक्ष के इस दांव की काट के लिए उम्मीद थी कि तेजस्वी शिवचंद्र के रूप में एक दलित नेता को उच्च सदन भेज सकते हैं। दलित समाज की उपेक्षा का लगाया आरोप शिवचंद्र राम ने कहा, विधान परिषद की सीट को लेकर दलित और रविदास समाज के लोगों में काफी उम्मीद थी. लेकिन हाल के फैसले से समाज में निराशा फैल गई है। उन्होंने पत्र में लिखा, ‘जहां भी जाते हैं, लोग उनसे सवाल पूछते हैं और जवाब मांगते हैं। समाज की पीड़ा देखकर उनका मन व्यथित हो जाता है।’ शिवचंद्र राम ने राजद नेतृत्व से मांग की है कि पार्टी विधान परिषद और राज्यसभा में दलित, आदिवासी, पिछड़ा, अतिपिछड़ा और अल्पसंख्यक समाज की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए स्पष्ट नीति बनाएं और इस मुद्दे पर आंदोलन खड़ी करें। इस्तीफे के लास्ट में शिवचंद्र राम ने लालू प्रसाद यादव, राबड़ी देवी और तेजस्वी यादव का धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि उनके मन में किसी व्यक्ति के प्रति कोई कटुता नहीं है, लेकिन समाज और कार्यकर्ताओं की पीड़ा को देखते हुए इस पद पर बने रहना उनके लिए नैतिक रूप से संभव नहीं था। जानिए कौन हैं राजद के शिवचंद्र राम 1990 से राजद और सामाजिक न्याय की राजनीति से जुड़े उन्होंने कहा कि वो साल 1990 से सामाजिक न्याय की विचारधारा और राष्ट्रीय जनता दल से जुड़े हुए हैं। उन्होंने गांव-गांव जाकर संगठन को मजबूत करने का काम किया और कठिन समय में भी पार्टी का साथ नहीं छोड़ा। विधानसभा और लोकसभा चुनाव के दौरान उन्होंने पूरे बिहार में दलित, रविदास और वंचित समाज के बीच पार्टी की विचारधारा को पहुंचाने का काम किया। सुनील सिंह ने किया नॉमिनेशन सुनील सिंह ने आज RJD की ओर से नॉमिनेशन किया। उन्होंने कहा, पार्टी ने जो जिम्मेदारी सौंपी है उसे निभाएंगे। गरीब, किसानों की बात सदन में उठाऊंगा। पार्टी की उम्मीद पर खरा उतरूंगा। कुछ भी हो जाए पार्टी का झंडा झुकने नहीं दूंगा। लालू की बेटी रोहिणी आचार्य ने सुनील सिंह की उम्मीदवारी पर सवाल उठाए हैं। सुनील सिंह की उम्मीदवारी पर तेजस्वी को घेरते हुए उन्होंने कहा- RJD में कोई नेता नहीं बचे क्या। NDA के 9 उम्मीदवारों ने भरा पर्चा बिहार विधान परिषद की 10 सीटों (एक सीट पर उपचुनाव) पर होने वाले MLC चुनाव के लिए NDA के सभी 9 कैंडिडेट ने सोमवार को नॉमिनेशन किया। वहीं मंत्री दीपक प्रकाश ने नामांकन नहीं भरा। दीपक प्रकाश बिना किसी पद पर रहते मंत्री बने हैं। 6 महीने में उन्हें किसी सदन की सदस्यता लेना जरूरी है, लेकिन NDA ने उन्हें उम्मीदवार नहीं बनाया है। इससे उनके मंत्री पद पर खतरा मंडरा रहा है। बिहार में MLC चुनाव के बीच राष्ट्रीय जनता दल (RJD) में अंदरूनी कलह अब खुलकर सामने आने लगी है। टिकट नहीं मिलने से नाराज पूर्व विधायक शिवचंद्र राम ने सोमवार को पार्टी के सभी पदों से इस्तीफा दे दिया। अब लालू यादव के बड़े बेटे और जनशक्ति जनता दल (JJD) के राष्ट्रीय अध्यक्ष तेज प्रताप यादव शिवचंद्र राम के समर्थन में उतर आए हैं। तेजप्रताप ने कहा कि शिवचंद्र राम जी का पार्टी पद से इस्तीफा देना बेहद दुख की बात है। उन्होंने सोशल मीडिया X पर लिखा- MLC कैंडिडेट नहीं बनाने पर फूट-फूटकर रोने लगे शिवचंद्र राम बिहार विधान परिषद की 10 सीटों (एक उपचुनाव) पर होने वाले MLC चुनाव में सोमवार को महागठबंधन की ओर से RJD के सुनील सिंह ने पर्चा भरा। इसके बाद बिहार सरकार के पूर्व मंत्री और RJD के SC-ST प्रकोष्ठ के राष्ट्रीय अध्यक्ष शिवचंद्र राम की नाराजगी सामने आई। शिवचंद्र राम प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान फूट-फूटकर रोने लगे। उन्होंने कहा, पार्टी ने मुझे वादा किया था कि MLC बनाएंगे, लेकिन मेरे साथ वादाखिलाफी की गई है। रोते हुए उन्होंने कहा, “मैं 4 रात सो नहीं पाया, ऐसी जिंदगी भगवान किसी को ना दें।” इसके बाद उन्होंने अपने पद से इस्तीफा दे दिया। उन्होंने SC/ST प्रकोष्ठ के राष्ट्रीय अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया। हालांकि अपने इस्तीफे में उन्होंने कहा कि वह केवल संगठनात्मक पद छोड़ रहे हैं, पार्टी की सदस्यता नहीं। वह आगे भी राजद के सक्रिय सदस्य बने रहेंगे। शाम में शिवचंद्र राम की तबीयत बिगड़ गई, जिसके बाद वो अस्पताल में भर्ती हैं। शिवचंद्र राम के भावुक होने की तस्वीरें.., MLC की रेस में थे शिवचंद्र राम बता दें कि आरजेडी की ओर से MLC कैडिंडेट की लिस्ट में शिवचंद्र राम का नाम भी चर्चा में था। जेडीयू और बीजेपी ने इस बार किसी दलित नेता को उम्मीदवार नहीं बनाया है। ऐसे में चर्चा थी कि तेजस्वी बड़ा दलित कार्ड खेल सकते हैं। सम्राट सरकार ने राबड़ी आवास दलित मंत्री को दिया है। राबड़ी द्वारा बंगला खाली नहीं करने पर सत्ता पक्ष की ओर से कहा जा रहा है कि दलित मंत्री को घर नहीं दिया जा रहा है। सत्ता पक्ष के इस दांव की काट के लिए उम्मीद थी कि तेजस्वी शिवचंद्र के रूप में एक दलित नेता को उच्च सदन भेज सकते हैं। दलित समाज की उपेक्षा का लगाया आरोप शिवचंद्र राम ने कहा, विधान परिषद की सीट को लेकर दलित और रविदास समाज के लोगों में काफी उम्मीद थी. लेकिन हाल के फैसले से समाज में निराशा फैल गई है। उन्होंने पत्र में लिखा, ‘जहां भी जाते हैं, लोग उनसे सवाल पूछते हैं और जवाब मांगते हैं। समाज की पीड़ा देखकर उनका मन व्यथित हो जाता है।’ शिवचंद्र राम ने राजद नेतृत्व से मांग की है कि पार्टी विधान परिषद और राज्यसभा में दलित, आदिवासी, पिछड़ा, अतिपिछड़ा और अल्पसंख्यक समाज की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए स्पष्ट नीति बनाएं और इस मुद्दे पर आंदोलन खड़ी करें। इस्तीफे के लास्ट में शिवचंद्र राम ने लालू प्रसाद यादव, राबड़ी देवी और तेजस्वी यादव का धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि उनके मन में किसी व्यक्ति के प्रति कोई कटुता नहीं है, लेकिन समाज और कार्यकर्ताओं की पीड़ा को देखते हुए इस पद पर बने रहना उनके लिए नैतिक रूप से संभव नहीं था। जानिए कौन हैं राजद के शिवचंद्र राम 1990 से राजद और सामाजिक न्याय की राजनीति से जुड़े उन्होंने कहा कि वो साल 1990 से सामाजिक न्याय की विचारधारा और राष्ट्रीय जनता दल से जुड़े हुए हैं। उन्होंने गांव-गांव जाकर संगठन को मजबूत करने का काम किया और कठिन समय में भी पार्टी का साथ नहीं छोड़ा। विधानसभा और लोकसभा चुनाव के दौरान उन्होंने पूरे बिहार में दलित, रविदास और वंचित समाज के बीच पार्टी की विचारधारा को पहुंचाने का काम किया। सुनील सिंह ने किया नॉमिनेशन सुनील सिंह ने आज RJD की ओर से नॉमिनेशन किया। उन्होंने कहा, पार्टी ने जो जिम्मेदारी सौंपी है उसे निभाएंगे। गरीब, किसानों की बात सदन में उठाऊंगा। पार्टी की उम्मीद पर खरा उतरूंगा। कुछ भी हो जाए पार्टी का झंडा झुकने नहीं दूंगा। लालू की बेटी रोहिणी आचार्य ने सुनील सिंह की उम्मीदवारी पर सवाल उठाए हैं। सुनील सिंह की उम्मीदवारी पर तेजस्वी को घेरते हुए उन्होंने कहा- RJD में कोई नेता नहीं बचे क्या। NDA के 9 उम्मीदवारों ने भरा पर्चा बिहार विधान परिषद की 10 सीटों (एक सीट पर उपचुनाव) पर होने वाले MLC चुनाव के लिए NDA के सभी 9 कैंडिडेट ने सोमवार को नॉमिनेशन किया। वहीं मंत्री दीपक प्रकाश ने नामांकन नहीं भरा। दीपक प्रकाश बिना किसी पद पर रहते मंत्री बने हैं। 6 महीने में उन्हें किसी सदन की सदस्यता लेना जरूरी है, लेकिन NDA ने उन्हें उम्मीदवार नहीं बनाया है। इससे उनके मंत्री पद पर खतरा मंडरा रहा है।


