दरभंगा सदर के अनुमंडल पदाधिकारी विकास कुमार का तबादला कर उन्हें बिहार सरकार के ऊर्जा मंत्री का आप्त सचिव नियुक्त किया गया है। उनके स्थानांतरण के बाद सदर अनुमंडल की जिम्मेदारी फिलहाल डीसीएलआर संजीत कुमार को अतिरिक्त प्रभार के रूप में सौंपी गई है। आज विकास कुमार का विदाई समारोह हुआ है। प्रशासनिक महकमे में इस बदलाव को लेकर चर्चाओं का दौर जारी है। उनके स्थानांतरण की खबर के बाद प्रशासनिक और सामाजिक क्षेत्रों में चर्चा तेज हो गई है। अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने कानून-व्यवस्था, जनहित और प्रशासनिक पारदर्शिता को प्राथमिकता देते हुए कई महत्वपूर्ण काम को अंजाम दिया। सदर एसडीओ के रूप में विकास कुमार ने लोकसभा और विधानसभा चुनावों के दौरान शांतिपूर्ण और निष्पक्ष मतदान सुनिश्चित कराने में अहम भूमिका निभाई। संवेदनशील परिस्थितियों से निपटने में उनकी प्रशासनिक क्षमता की विशेष सराहना हुई। बालपट्टी थाना क्षेत्र के मुड़िया गांव में दो समुदायों के बीच उत्पन्न तनावपूर्ण स्थिति को उन्होंने संवाद और समन्वय के माध्यम से नियंत्रित किया। लगातार बैठकों और दोनों पक्षों से वार्ता कर क्षेत्र में शांति बहाल कराई। इसी तरह कमतौल थाना क्षेत्र के रमौल में हुई सामुदायिक तनाव की घटना को भी उन्होंने प्रभावी ढंग से संभालते हुए सामान्य स्थिति बहाल की। रामनवमी और मोहर्रम में निभाई महत्वपूर्ण भूमिका बेटा चौक की घटना हो या रामनवमी और मोहर्रम जैसे संवेदनशील पर्व, विकास कुमार ने हर अवसर पर विधि-व्यवस्था बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनके कार्यकाल में प्रशासनिक सतर्कता और विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय का सकारात्मक प्रभाव देखने को मिला। अतिक्रमण हटाने के क्षेत्र में भी उनका काम उल्लेखनीय रहा। सैदनगर, दिल्ली मोड़, पंडासराय और चट्टी चौक जैसे लंबे समय से अतिक्रमण की समस्या से जूझ रहे इलाकों में उन्होंने शांतिपूर्ण और व्यवस्थित ढंग से अभियान चलाकर कार्रवाई करवाई। स्थानीय लोगों ने भी इस पहल की सराहना की। मिर्जापुर गौशाला परिसर की दुकानों के किराया निर्धारण के मुद्दे पर भी उन्होंने पहल की। सालों से एक ही दर पर चल रहे किराए में संशोधन कर नई व्यवस्था लागू कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, जिससे संस्थान की आय बढ़ने का मार्ग प्रशस्त हुआ। जनसेवा से जुड़े काम में भी विकास कुमार सक्रिय रहे जनसेवा से जुड़े काम में भी विकास कुमार सक्रिय रहे। डोमिसाइल प्रमाणपत्र, राशन कार्ड निर्माण और विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं से जुड़े मामलों के तुरंत निपटारे को उन्होंने प्राथमिकता दी। साथ ही जिलाधिकारी कौशल कुमार के निर्देशों के अनुरूप विभिन्न बहाली प्रक्रियाओं को पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से पूरा कराने में भी योगदान दिया। अपने कार्यकाल के दौरान विकास कुमार ने प्रशासनिक दक्षता, जनसंपर्क और संवेदनशील मुद्दों के समाधान की क्षमता का परिचय दिया। अब बिहार सरकार के ऊर्जा मंत्री के सचिव के रूप में उनकी नई जिम्मेदारी को लेकर प्रशासनिक महकमे और आम लोगों में नई उम्मीदें जगी हैं। दरभंगा सदर के अनुमंडल पदाधिकारी विकास कुमार का तबादला कर उन्हें बिहार सरकार के ऊर्जा मंत्री का आप्त सचिव नियुक्त किया गया है। उनके स्थानांतरण के बाद सदर अनुमंडल की जिम्मेदारी फिलहाल डीसीएलआर संजीत कुमार को अतिरिक्त प्रभार के रूप में सौंपी गई है। आज विकास कुमार का विदाई समारोह हुआ है। प्रशासनिक महकमे में इस बदलाव को लेकर चर्चाओं का दौर जारी है। उनके स्थानांतरण की खबर के बाद प्रशासनिक और सामाजिक क्षेत्रों में चर्चा तेज हो गई है। अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने कानून-व्यवस्था, जनहित और प्रशासनिक पारदर्शिता को प्राथमिकता देते हुए कई महत्वपूर्ण काम को अंजाम दिया। सदर एसडीओ के रूप में विकास कुमार ने लोकसभा और विधानसभा चुनावों के दौरान शांतिपूर्ण और निष्पक्ष मतदान सुनिश्चित कराने में अहम भूमिका निभाई। संवेदनशील परिस्थितियों से निपटने में उनकी प्रशासनिक क्षमता की विशेष सराहना हुई। बालपट्टी थाना क्षेत्र के मुड़िया गांव में दो समुदायों के बीच उत्पन्न तनावपूर्ण स्थिति को उन्होंने संवाद और समन्वय के माध्यम से नियंत्रित किया। लगातार बैठकों और दोनों पक्षों से वार्ता कर क्षेत्र में शांति बहाल कराई। इसी तरह कमतौल थाना क्षेत्र के रमौल में हुई सामुदायिक तनाव की घटना को भी उन्होंने प्रभावी ढंग से संभालते हुए सामान्य स्थिति बहाल की। रामनवमी और मोहर्रम में निभाई महत्वपूर्ण भूमिका बेटा चौक की घटना हो या रामनवमी और मोहर्रम जैसे संवेदनशील पर्व, विकास कुमार ने हर अवसर पर विधि-व्यवस्था बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनके कार्यकाल में प्रशासनिक सतर्कता और विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय का सकारात्मक प्रभाव देखने को मिला। अतिक्रमण हटाने के क्षेत्र में भी उनका काम उल्लेखनीय रहा। सैदनगर, दिल्ली मोड़, पंडासराय और चट्टी चौक जैसे लंबे समय से अतिक्रमण की समस्या से जूझ रहे इलाकों में उन्होंने शांतिपूर्ण और व्यवस्थित ढंग से अभियान चलाकर कार्रवाई करवाई। स्थानीय लोगों ने भी इस पहल की सराहना की। मिर्जापुर गौशाला परिसर की दुकानों के किराया निर्धारण के मुद्दे पर भी उन्होंने पहल की। सालों से एक ही दर पर चल रहे किराए में संशोधन कर नई व्यवस्था लागू कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, जिससे संस्थान की आय बढ़ने का मार्ग प्रशस्त हुआ। जनसेवा से जुड़े काम में भी विकास कुमार सक्रिय रहे जनसेवा से जुड़े काम में भी विकास कुमार सक्रिय रहे। डोमिसाइल प्रमाणपत्र, राशन कार्ड निर्माण और विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं से जुड़े मामलों के तुरंत निपटारे को उन्होंने प्राथमिकता दी। साथ ही जिलाधिकारी कौशल कुमार के निर्देशों के अनुरूप विभिन्न बहाली प्रक्रियाओं को पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से पूरा कराने में भी योगदान दिया। अपने कार्यकाल के दौरान विकास कुमार ने प्रशासनिक दक्षता, जनसंपर्क और संवेदनशील मुद्दों के समाधान की क्षमता का परिचय दिया। अब बिहार सरकार के ऊर्जा मंत्री के सचिव के रूप में उनकी नई जिम्मेदारी को लेकर प्रशासनिक महकमे और आम लोगों में नई उम्मीदें जगी हैं।


