पीलीभीत पुलिस अधीक्षक (एसपी) सुकीर्ति माधव ने अनुशासनहीनता, कदाचार और भ्रष्टाचार के गंभीर आरोपों के चलते छह पुलिसकर्मियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। इसके साथ ही, अभद्र व्यवहार के आरोप में एक मुख्य आरक्षी को पुलिस लाइन भेज (लाइनहाजिर) दिया गया है। एसपी की इस कार्रवाई से जिले के पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है। एसपी को विभिन्न माध्यमों से इन पुलिसकर्मियों के खिलाफ लगातार शिकायतें मिल रही थीं। शिकायतों की गंभीरता को देखते हुए एसपी ने गोपनीय तरीके से प्रारंभिक जांच कराई। इस जांच में पुलिसकर्मियों द्वारा गंभीर अनियमितताएं बरतने, अनुचित लाभ प्राप्त करने, विभागीय गोपनीयता भंग करने और जनता के साथ दुर्व्यवहार करने के आरोप सही पाए गए। निलंबित किए गए पुलिसकर्मियों में मुख्य आरक्षी बिन्देश्वर मौर्य और महिला मुख्य आरक्षी अनीता (एलआईयू), मुख्य आरक्षी सतीश कुमार (न्यूरिया थाना), मुख्य आरक्षी अजय कुमार और आरक्षी महेश कुमार (कोतवाली), तथा मुख्य आरक्षी जितेंद्र कुमार (बीसलपुर कोतवाली) शामिल हैं। दियोरिया कला में तैनात मुख्य आरक्षी अजय कुमार को अनुशासनहीनता और अभद्र व्यवहार के आरोप में लाइनहाजिर किया गया है। एसपी ने इस पूरे मामले की विस्तृत और गहन जांच संबंधित सर्किल के क्षेत्राधिकारी (सीओ) को सौंप दी है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि सीओ की विस्तृत रिपोर्ट आने के बाद दोषियों के खिलाफ विभागीय के साथ-साथ विधिक (कानूनी) कार्रवाई भी अमल में लाई जाएगी। एसपी सुकीर्ति माधव ने कहा, “पुलिस विभाग की विश्वसनीयता और जनता का विश्वास बनाए रखना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। भ्रष्टाचार, अनुशासनहीनता या किसी भी तरह की अनैतिक गतिविधि के प्रति ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति अपनाई गई है। भविष्य में भी यदि कोई पुलिसकर्मी दोषी पाया गया, तो उसके खिलाफ इससे भी कठोर कार्रवाई की जाएगी।”


