किसानों को मॉर्डन कृषि तकनीक से जोड़ने और खेती को अधिक लाभकारी बनाने के उद्देश्य से सोमवार को खगड़िया के खेल भवन में जिला स्तरीय शारदीय (खरीफ) महाअभियान-2026 कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में जिले के विभिन्न प्रखंडों से बड़ी संख्या में किसान, कृषि समन्वयक, किसान सलाहकार और कृषि विभाग के अधिकारी शामिल हुए। कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य किसानों को खरीफ फसलों की वैज्ञानिक खेती, उन्नत बीजों के उपयोग, आधुनिक कृषि तकनीकों और सरकार की विभिन्न योजनाओं की जानकारी देना था, ताकि उत्पादन बढ़ाने के साथ किसानों की आय में भी वृद्धि हो सके। तीन विधायकों ने संयुक्त रूप से किया उद्घाटन कार्यक्रम का उद्घाटन खगड़िया विधायक बबलू मंडल, बेलदौर विधायक पन्नालाल पटेल, अलौली विधायक रामचंद्र सदा और जिला कृषि पदाधिकारी अविनाश कुमार ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया। उद्घाटन के बाद अतिथियों का स्वागत पुष्पगुच्छ और अंगवस्त्र देकर किया गया। इस मौके पर अनुमंडल पदाधिकारी खगड़िया धनंजय कुमार, कृषि विभाग के अधिकारी, प्रखंड कृषि पदाधिकारी, कृषि समन्वयक, किसान सलाहकार सहित जिले के अलग-अलग क्षेत्रों से आए किसान मौजूद रहे। किसानों से खचाखच भरा रहा सभागार कार्यशाला में किसानों की बड़ी भागीदारी देखने को मिली। सभागार किसानों से पूरी तरह भरा रहा। अधिकारियों ने किसानों को खरीफ मौसम में बेहतर उत्पादन के लिए जरूरी जानकारी दी। कृषि वैज्ञानिकों और विशेषज्ञों ने किसानों को धान, मक्का, दलहन और तिलहन फसलों की खेती के आधुनिक तरीकों के बारे में विस्तार से बताया। समय पर बुआई और प्रमाणित बीजों के उपयोग पर जोर विशेषज्ञों ने कहा कि बेहतर उत्पादन के लिए किसानों को समय पर बुआई, संतुलित मात्रा में उर्वरक का इस्तेमाल और प्रमाणित बीजों का प्रयोग करना चाहिए। किसानों को बताया गया कि मिट्टी की जांच के आधार पर खेती करने से लागत कम होती है और उत्पादन में बढ़ोतरी होती है। इसके अलावा जैविक खेती, कीट एवं रोग नियंत्रण, जल संरक्षण और आधुनिक सिंचाई तकनीकों के बारे में भी जानकारी दी गई। बदलते मौसम में आधुनिक तकनीक अपनाना जरूरी कार्यशाला में कृषि विशेषज्ञों ने कहा कि बदलते मौसम और जलवायु परिवर्तन को देखते हुए किसानों को पारंपरिक खेती के साथ नई तकनीकों को अपनाना होगा। किसानों को कृषि यंत्रीकरण, ड्रोन तकनीक, प्राकृतिक खेती और कम लागत में अधिक उत्पादन हासिल करने के उपाय बताए गए। विशेषज्ञों ने कहा कि तकनीक आधारित खेती से किसान अपनी आमदनी बढ़ा सकते हैं और खेती को ज्यादा लाभकारी बना सकते हैं। सरकारी योजनाओं का लाभ लेने की अपील कार्यक्रम को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि बिहार सरकार किसानों के हित में कई योजनाएं चला रही है। इन योजनाओं का लाभ लेकर किसान अपनी आर्थिक स्थिति मजबूत कर सकते हैं। किसानों से अपील की गई कि वे कृषि विभाग से लगातार संपर्क में रहें और सरकारी योजनाओं की जानकारी लेकर उनका लाभ उठाएं। किसानों तक नई तकनीक पहुंचाना लक्ष्य: कृषि पदाधिकारी जिला कृषि पदाधिकारी अविनाश कुमार ने कहा कि कृषि विभाग का मुख्य उद्देश्य किसानों तक आधुनिक तकनीक और सरकारी योजनाओं की जानकारी पहुंचाना है। उन्होंने कहा कि खरीफ मौसम में फसल प्रबंधन को लेकर किसानों को समय-समय पर जरूरी सुझाव दिए जा रहे हैं, ताकि उत्पादन में वृद्धि हो सके। उन्होंने किसानों से वैज्ञानिक तरीके से खेती करने और नई तकनीकों को अपनाने की अपील की। समस्याएं सुनी गईं, अधिकारियों ने दिया सहयोग का भरोसा कार्यशाला के अंत में किसानों की समस्याओं और सुझावों को भी सुना गया। अधिकारियों ने किसानों को भरोसा दिलाया कि कृषि विभाग हर स्तर पर किसानों की सहायता के लिए तैयार है। कार्यक्रम का समापन किसानों को जागरूक, आत्मनिर्भर और आधुनिक कृषि व्यवस्था से जोड़ने के संदेश के साथ हुआ। किसानों को मॉर्डन कृषि तकनीक से जोड़ने और खेती को अधिक लाभकारी बनाने के उद्देश्य से सोमवार को खगड़िया के खेल भवन में जिला स्तरीय शारदीय (खरीफ) महाअभियान-2026 कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में जिले के विभिन्न प्रखंडों से बड़ी संख्या में किसान, कृषि समन्वयक, किसान सलाहकार और कृषि विभाग के अधिकारी शामिल हुए। कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य किसानों को खरीफ फसलों की वैज्ञानिक खेती, उन्नत बीजों के उपयोग, आधुनिक कृषि तकनीकों और सरकार की विभिन्न योजनाओं की जानकारी देना था, ताकि उत्पादन बढ़ाने के साथ किसानों की आय में भी वृद्धि हो सके। तीन विधायकों ने संयुक्त रूप से किया उद्घाटन कार्यक्रम का उद्घाटन खगड़िया विधायक बबलू मंडल, बेलदौर विधायक पन्नालाल पटेल, अलौली विधायक रामचंद्र सदा और जिला कृषि पदाधिकारी अविनाश कुमार ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया। उद्घाटन के बाद अतिथियों का स्वागत पुष्पगुच्छ और अंगवस्त्र देकर किया गया। इस मौके पर अनुमंडल पदाधिकारी खगड़िया धनंजय कुमार, कृषि विभाग के अधिकारी, प्रखंड कृषि पदाधिकारी, कृषि समन्वयक, किसान सलाहकार सहित जिले के अलग-अलग क्षेत्रों से आए किसान मौजूद रहे। किसानों से खचाखच भरा रहा सभागार कार्यशाला में किसानों की बड़ी भागीदारी देखने को मिली। सभागार किसानों से पूरी तरह भरा रहा। अधिकारियों ने किसानों को खरीफ मौसम में बेहतर उत्पादन के लिए जरूरी जानकारी दी। कृषि वैज्ञानिकों और विशेषज्ञों ने किसानों को धान, मक्का, दलहन और तिलहन फसलों की खेती के आधुनिक तरीकों के बारे में विस्तार से बताया। समय पर बुआई और प्रमाणित बीजों के उपयोग पर जोर विशेषज्ञों ने कहा कि बेहतर उत्पादन के लिए किसानों को समय पर बुआई, संतुलित मात्रा में उर्वरक का इस्तेमाल और प्रमाणित बीजों का प्रयोग करना चाहिए। किसानों को बताया गया कि मिट्टी की जांच के आधार पर खेती करने से लागत कम होती है और उत्पादन में बढ़ोतरी होती है। इसके अलावा जैविक खेती, कीट एवं रोग नियंत्रण, जल संरक्षण और आधुनिक सिंचाई तकनीकों के बारे में भी जानकारी दी गई। बदलते मौसम में आधुनिक तकनीक अपनाना जरूरी कार्यशाला में कृषि विशेषज्ञों ने कहा कि बदलते मौसम और जलवायु परिवर्तन को देखते हुए किसानों को पारंपरिक खेती के साथ नई तकनीकों को अपनाना होगा। किसानों को कृषि यंत्रीकरण, ड्रोन तकनीक, प्राकृतिक खेती और कम लागत में अधिक उत्पादन हासिल करने के उपाय बताए गए। विशेषज्ञों ने कहा कि तकनीक आधारित खेती से किसान अपनी आमदनी बढ़ा सकते हैं और खेती को ज्यादा लाभकारी बना सकते हैं। सरकारी योजनाओं का लाभ लेने की अपील कार्यक्रम को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि बिहार सरकार किसानों के हित में कई योजनाएं चला रही है। इन योजनाओं का लाभ लेकर किसान अपनी आर्थिक स्थिति मजबूत कर सकते हैं। किसानों से अपील की गई कि वे कृषि विभाग से लगातार संपर्क में रहें और सरकारी योजनाओं की जानकारी लेकर उनका लाभ उठाएं। किसानों तक नई तकनीक पहुंचाना लक्ष्य: कृषि पदाधिकारी जिला कृषि पदाधिकारी अविनाश कुमार ने कहा कि कृषि विभाग का मुख्य उद्देश्य किसानों तक आधुनिक तकनीक और सरकारी योजनाओं की जानकारी पहुंचाना है। उन्होंने कहा कि खरीफ मौसम में फसल प्रबंधन को लेकर किसानों को समय-समय पर जरूरी सुझाव दिए जा रहे हैं, ताकि उत्पादन में वृद्धि हो सके। उन्होंने किसानों से वैज्ञानिक तरीके से खेती करने और नई तकनीकों को अपनाने की अपील की। समस्याएं सुनी गईं, अधिकारियों ने दिया सहयोग का भरोसा कार्यशाला के अंत में किसानों की समस्याओं और सुझावों को भी सुना गया। अधिकारियों ने किसानों को भरोसा दिलाया कि कृषि विभाग हर स्तर पर किसानों की सहायता के लिए तैयार है। कार्यक्रम का समापन किसानों को जागरूक, आत्मनिर्भर और आधुनिक कृषि व्यवस्था से जोड़ने के संदेश के साथ हुआ।


