Shipping Ministry : पश्चिम एशिया के सबसे संवेदनशील समुद्री रास्ते होर्मुज जलडमरूमध्य से एक बेहद चौंकाने वाली खबर सामने आई है। सोमवार दोपहर करीब 1:30 बजे ओमान के तट के पास भारतीय नाविकों को ले जा रहे एक कॉमर्शियल जहाज ‘एमटी मारिवेक्स’ में अचानक भीषण आग लग गई। इस जहाज पर कुल 24 चालक दल के सदस्य सवार थे और राहत की बात यह है कि ये सभी भारतीय हैं। भारत सरकार के जहाजरानी मंत्रालय ने इस घटना की आधिकारिक पुष्टि कर दी है। अब रक्षा मंत्रालय जल्द ही इस बात की फॉरेंसिक और तकनीकी जांच रिपोर्ट शेयर करेगा कि आग लगने की असली वजह शॉर्ट सर्किट थी या फिर समुद्री क्षेत्र में सक्रिय किसी ड्रोन या मिसाइल का हमला।
सभी भारतीय नाविक सुरक्षित, मंत्रालय रख रहा है पैनी नजर
नई दिल्ली में आयोजित एक अंतर-मंत्रालयी ब्रीफिंग के दौरान बंदरगाह, जहाजरानी और जलमार्ग मंत्रालय के जहाजरानी विभाग के निदेशक ओपेश कुमार शर्मा ने इस पूरे घटनाक्रम की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि शुरुआती इनपुट्स के मुताबिक, जहाज पर मौजूद सभी 24 भारतीय नाविक पूरी तरह सुरक्षित हैं। मंत्रालय लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है और नाविकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए विदेश मंत्रालय, ओमान में स्थित भारतीय दूतावास, भारतीय नौसेना और रक्षा मंत्रालय के साथ मिलकर रेस्क्यू और सेफ्टी ऑपरेशन्स का समन्वय कर रहा है।
क्या जहाज पर हुआ था कोई हमला ?
इस पूरे हादसे के बाद यह कयास लगाए जा रहे हैं कि क्या जहाज किसी बाहरी हमले या मिसाइल/गोले का शिकार हुआ है? इस सवाल पर सरकार ने अभी पूरी तरह पत्ते नहीं खोले हैं। निदेशक ओपेश कुमार शर्मा ने बताया कि आग लगने की घटना दोपहर को हुई थी और जहाज उस समय होर्मुज जलडमरूमध्य से काफी दक्षिण की ओर आगे बढ़ चुका था। जहाज पर किसी गोले या रॉकेट से हमला हुआ था या नहीं, इसके पुख्ता तथ्यों का पता लगाया जा रहा है। अधिकारियों के मुताबिक, यह एक तेल टैंकर था, जो पूरी तरह खाली था और इस पर कोई माल लोड नहीं था।
भारतीय नौसेना और ओमान दूतावास एक्शन में
इस घटना की पहली सुगबुगाहट तब हुई जब ‘फॉरवर्ड सीमेन यूनियन ऑफ इंडिया’ ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट डाल कर मदद की गुहार लगाई। उन्होंने नाविकों की लोकेशन (2057.07N 059 डिग्री 0813) शेयर करते हुए भारतीय नौसेना से तुरंत सहायता भेजने की अपील की। इसके तुरंत बाद ओमान स्थित भारतीय दूतावास ने तत्परता दिखाते हुए जहाज के क्रू मेंबर्स से सीधा संपर्क स्थापित किया और हर संभव मदद का भरोसा दिया।
हाई अलर्ट पर कंट्रोल रूम, हजारों नाविकों की हुई वतन वापसी
सरकार ने दावा किया है कि डायरेक्टरेट जनरल ऑफ शिपिंग का कंट्रोल रूम चौबीसों घंटे काम कर रहा है। इस कंट्रोल रूम ने अब तक समुद्री संकटों से जुड़ी 12,020 कॉल और 26,832 से अधिक ईमेल्स का निपटारा किया है। अकेले पिछले 96 घंटों में नाविकों के परिवारों की 390 कॉल्स सुनी गई हैं। सरकार अब तक 3,506 से अधिक भारतीय नाविकों को सुरक्षित स्वदेश ला चुकी है, जिसमें हालिया संकट के 32 नाविक भी शामिल हैं। फिलहाल, भारतीय बंदरगाहों पर कामकाज सामान्य है और कहीं भी व्यापार बाधित नहीं हुआ है।
इस रूट पर जहाजों की सुरक्षा को लेकर चिंता
इस घटना के बाद नाविकों के परिवारों के बीच भारी चिंता का माहौल देखा गया, लेकिन विदेश मंत्रालय और ओमान दूतावास के त्वरित एक्शन और ‘सभी सुरक्षित हैं’ के बयान के बाद परिजनों और समुद्री संगठनों ने राहत की सांस ली है। सुरक्षा विश्लेषक इस रूट पर जहाजों की सुरक्षा को लेकर चिंता जता रहे हैं। (इनपुट : ANI)


