इज़रायल (Israel) और ईरान (Iran) के बीच युद्ध एक बार फिर शुरू हो गया है। दोनों देशों ने एक-दूसरे पर हमले कर दिए हैं। लेबनान की राजधानी बेरूत पर हमले के बाद ईरान ने बदला लेने के लिए इज़रायल पर बैलिस्टिक मिसाइलों से हमला कर दिया। ईरान के हमले का जवाब देने के लिए इज़रायल ने ईरान में तेहरान, तबरेज, इस्फहान क्षेत्र में सैन्य ठिकानों पर हमले किए। ईरान ने भी जवाबी कार्रवाई करते हुए उत्तरी इज़रायल पर हमले किए। दोनों देशों के बीच युद्ध बढ़ता देखकर अमेरिका (United States of America) के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने बड़ी डिमांड कर दी है।
“इज़रायल और ईरान तुरंत एक-दूसरे पर हमले बंद करें”
अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने सोशल मीडिया पर पोस्ट शेयर करते हुए लिखा, “इज़रायल और ईरान तुरंत एक-दूसरे पर हमले बंद करें।”
नेतन्याहू ने नहीं मानी ट्रंप की बात
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि ईरान के हमले के बाद ट्रंप ने फोन करके इज़रायली पीएम बेंजामिन नेतन्याहू (Benjamin Netanyahu) को ईरान पर हमला नहीं करने के लिए कहा था, लेकिन नेतन्याहू ने ट्रंप की बात नहीं मानी और इज़रायली सेना ने ईरान पर हमले कर दिए। गौरतलब है कि अमेरिका और ईरान शांति-समझौते के काफी करीब है। ऐसे में ट्रंप नहीं चाहते हैं कि मिडिल ईस्ट में फिर से युद्ध की शुरुआत हो, क्योंकि दोनों देशों के बीच अगर युद्ध बढ़ा, तो अमेरिका और ईरान के बीच डील खतरे में पड़ सकती है।
ट्रंप ले रहे हैं सभी फैसले
ट्रंप ने हाल ही में दिए एक इंटरव्यू में कहा कि नेतन्याहू के पास अमेरिका-ईरान समझौता स्वीकार करने के अलावा कोई विकल्प नहीं है। ट्रंप ने स्पष्ट शब्दों में कहा, “उनके पास कोई विकल्प नहीं होगा। सभी फैसले मैं करता हूं। नेतन्याहू फैसले नहीं लेते। उन्हें मेरी बात माननी ही होगी।”
कुछ दिन पहले ट्रंप ने नेतन्याहू को लगाई थी फटकार
कुछ दिन पहले ट्रंप ने नेतन्याहू को फोन पर फटकार लगाई थी। ट्रंप की मध्यस्थता में इज़रायल और लेबनान में एक बार फिर सीज़फायर पर सहमति बनी थी, लेकिन इज़रायली सेना ने इसका फिर उल्लंघन किया। इसके बाद ट्रंप ने उन्हें फोन किया था और कहा था, “क्या तुम पागल हो गए हो? तुम क्या कर रहे हो? यह सब बंद करो।”


