एक महीने बीते, मुख्य आरोपी को नहीं पकड़ पाई SIT:मोतिहारी में कॉलेज कैंपस में स्टूडेंट की चाकू मारकर हुई थी हत्या

एक महीने बीते, मुख्य आरोपी को नहीं पकड़ पाई SIT:मोतिहारी में कॉलेज कैंपस में स्टूडेंट की चाकू मारकर हुई थी हत्या

मोतिहारी के कोटवा कॉलेज कैंपस में एक छात्र की दिनदहाड़े चाकू मारकर हत्या के एक माह बाद भी मुख्य आरोपी फरार है। इस मामले में विशेष जांच टीम (SIT) की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। आम तौर पर छोटे मामलों में भी पुलिस कुछ ही घंटों में अपराधियों पर इनाम घोषित कर कुर्की की कार्रवाई शुरू कर देती है। हालांकि, इस हाई-प्रोफाइल छात्र हत्या कांड में एक माह बीत जाने के बावजूद SIT के हाथ खाली हैं। मुख्य आरोपी पर 10 हजार रुपये का इनाम घोषित किया मीडिया द्वारा सवाल उठाए जाने के बाद पुलिस अधीक्षक (SP) स्वर्ण प्रभात ने मामले को गंभीरता से लिया और मुख्य आरोपी पर 10 हजार रुपये का इनाम घोषित किया। इसके बाद SIT का नेतृत्व कर रहे सदर डीएसपी-2 जितेश पांडे की कार्यप्रणाली पर कई सवाल खड़े हो गए हैं। घटना कल्याणपुर थाना क्षेत्र के देवपुर परसा गांव की है। 25 वर्षीय रितेश यादव, जो विद्या यादव के पुत्र थे, कोटवा हाई स्कूल में बीए की परीक्षा देने आए थे। परीक्षा समाप्त कर जैसे ही वह बाहर निकले, उसी गांव के सरोज यादव ने बीच मैदान में उन पर चाकू से हमला कर दिया और मौके से फरार हो गया। परिजनों के अस्पताल ले जाने से पहले ही रितेश की मौत हो चुकी थी। सदर डीएसपी-2 जितेश पांडे के नेतृत्व में SIT का गठन घटना की गंभीरता को देखते हुए एसपी ने सदर डीएसपी-2 जितेश पांडे के नेतृत्व में SIT का गठन किया था। हालांकि, SIT ने केवल एक युवक को हिरासत में लेकर अपनी कार्रवाई पूरी मान ली। मुख्य आरोपी सरोज यादव अब भी फरार है, और उसकी गिरफ्तारी में हो रही देरी कई सवाल खड़े कर रही है। छोटे मामलों में त्वरित कार्रवाई करने वाली पुलिस द्वारा इस मामले में एक महीने तक कोई ठोस कदम न उठाया जाना संदेह पैदा करता है। आरोपी पर इनाम भी तब घोषित किया गया, जब मीडिया ने इस विषय पर एसपी से सवाल किया। इस हत्या का सीसीटीवी/वीडियो फुटेज भी सामने आया था। रितेश यादव की हत्या के समय वहां मौजूद लोगों ने घटना का वीडियो बना लिया था, जो बाद में सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। जब पुलिस के पास इतना ठोस साक्ष्य मौजूद है, तब भी मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी न होना SIT की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े करता है। मोतिहारी के कोटवा कॉलेज कैंपस में एक छात्र की दिनदहाड़े चाकू मारकर हत्या के एक माह बाद भी मुख्य आरोपी फरार है। इस मामले में विशेष जांच टीम (SIT) की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। आम तौर पर छोटे मामलों में भी पुलिस कुछ ही घंटों में अपराधियों पर इनाम घोषित कर कुर्की की कार्रवाई शुरू कर देती है। हालांकि, इस हाई-प्रोफाइल छात्र हत्या कांड में एक माह बीत जाने के बावजूद SIT के हाथ खाली हैं। मुख्य आरोपी पर 10 हजार रुपये का इनाम घोषित किया मीडिया द्वारा सवाल उठाए जाने के बाद पुलिस अधीक्षक (SP) स्वर्ण प्रभात ने मामले को गंभीरता से लिया और मुख्य आरोपी पर 10 हजार रुपये का इनाम घोषित किया। इसके बाद SIT का नेतृत्व कर रहे सदर डीएसपी-2 जितेश पांडे की कार्यप्रणाली पर कई सवाल खड़े हो गए हैं। घटना कल्याणपुर थाना क्षेत्र के देवपुर परसा गांव की है। 25 वर्षीय रितेश यादव, जो विद्या यादव के पुत्र थे, कोटवा हाई स्कूल में बीए की परीक्षा देने आए थे। परीक्षा समाप्त कर जैसे ही वह बाहर निकले, उसी गांव के सरोज यादव ने बीच मैदान में उन पर चाकू से हमला कर दिया और मौके से फरार हो गया। परिजनों के अस्पताल ले जाने से पहले ही रितेश की मौत हो चुकी थी। सदर डीएसपी-2 जितेश पांडे के नेतृत्व में SIT का गठन घटना की गंभीरता को देखते हुए एसपी ने सदर डीएसपी-2 जितेश पांडे के नेतृत्व में SIT का गठन किया था। हालांकि, SIT ने केवल एक युवक को हिरासत में लेकर अपनी कार्रवाई पूरी मान ली। मुख्य आरोपी सरोज यादव अब भी फरार है, और उसकी गिरफ्तारी में हो रही देरी कई सवाल खड़े कर रही है। छोटे मामलों में त्वरित कार्रवाई करने वाली पुलिस द्वारा इस मामले में एक महीने तक कोई ठोस कदम न उठाया जाना संदेह पैदा करता है। आरोपी पर इनाम भी तब घोषित किया गया, जब मीडिया ने इस विषय पर एसपी से सवाल किया। इस हत्या का सीसीटीवी/वीडियो फुटेज भी सामने आया था। रितेश यादव की हत्या के समय वहां मौजूद लोगों ने घटना का वीडियो बना लिया था, जो बाद में सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। जब पुलिस के पास इतना ठोस साक्ष्य मौजूद है, तब भी मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी न होना SIT की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े करता है।  

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