गौ माता को राष्ट्र माता घोषित कराने के लिए गौ भक्तों द्वारा गौ सम्मान आवाहन अभियान चलाया जा रहा है। इसके पहले चरण में देश की सभी तहसीलों पर ज्ञापन दिया गया था। अब इस अभियान का दूसरा चरण शुरू किया गया है। इसके तहत वृंदावन में गौ भक्तों द्वारा एक बैठक आयोजित की। उत्तर प्रदेश राज्य कार्यकारिणी की इस बैठक में 500 से ज्यादा कार्यकर्ता मौजूद रहे। 4 चरणों में चलेगा अभियान पिछले 6 महीने से पूरे भारत में गौ हत्या बंदी के लिए केंद्रीय कानून बनाने, गोमाता को राष्ट्रमाता घोषित करने, गोचर भूमि छुड़ाने, गौ मंत्रालय बनाने सहित भारत में गौ केंद्रित अर्थ, कृषि, शिक्षा एवं चिकित्सा आदि व्यवस्थाओं की स्थापना सहित अनेक मांगों के लिए गोसेवक संतों द्वारा गो सम्मान आह्वान अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान में प्रत्येक 3 महीने के अंतराल पर चार चरण तय किए गए हैं जिसके तहत 27 अप्रैल 2026 को प्रथम चरण पूर्ण हुआ। जिसमें कुल 5 करोड़ हस्ताक्षर का लक्ष्य रखा गया था। जिसे 5.25 करोड़ के साथ पूर्ण किया गया। इस अभियान के तहत भारत के राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री एवं सभी राज्यों के राज्यपाल एवं मुख्यमंत्री को मांगो के लिए प्रत्येक चरण में प्रार्थनापत्र देना सुनिश्चित हुआ है। उत्तर प्रदेश में रखा 3.5 करोड़ हस्ताक्षर कराने का लक्ष्य अभियान के दूसरे चरण के लिए संतों द्वारा 27 जुलाई 2026 का समय तक किया है। इस चरण में पूरे देश के सभी जिलों के जिला अधिकारियों को ज्ञापन सौंपा जाएगा। इस अवसर पर पूरे भारत से 15 करोड़ हस्ताक्षर एकत्रित करने का लक्ष्य रखा गया है। गौ सम्मान आह्वान अभियान के तहत उत्तर प्रदेश राज्य को सबसे बड़ी जिम्मेदारी दी गई है। अकेले उत्तर प्रदेश से 3.5 करोड़ जनता के हस्ताक्षर एकत्रित करके का लक्ष्य रखा गया है। मथुरा जिले से 21 लाख हस्ताक्षर एवं अन्य सभी जिलों से कम से कम 5 लाख हस्ताक्षर एकत्रित करने का लक्ष्य रखा गया है। 900 वर्ष से चल रहे युद्ध की अंतिम परिणिति का समय गो सम्मान आह्वान अभियान के द्वितीय चरण के लिए आयोजित बैठक में उत्तर प्रदेश के सभी जिलों एवं तहसीलों से कार्यकर्ताओं को बुलाया गया। जिन्हें पूरे उत्तर प्रदेश में कार्य करने के लिए प्रशिक्षित किया गया एवं महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां दी गई। गो सम्मान आह्वान अभियान के दूसरे चरण के लिए आयोजित मीटिंग में स्वामी गोपालानंद सरस्वती महाराज ने कहा कि सरकार से कोई मतलब नहीं है। सरकार के लाभ या हानि के लिए यह अभियान नहीं चलाया जा रहा है। यह अभियान विशुद्ध रूप से गोमाता के सेवा सुरक्षा सम्मान के लिए पूरे देश में चलाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि 900 वर्षों से चल रहे युद्ध की अंतिम परिणिति का अब समय आ गया है। सरकार को गोमाता को राष्ट्रमाता घोषित करना ही पड़ेगा। हमे किसी की राजनीति से मतलब नहीं है। गोमाता को इस देश में उचित सम्मान मिलना ही चाहिए। संत करेंगे आंदोलन की गति तय बैठक में सभी जिलों के जिला प्रभारियों ने अपने अपने जिले के कार्यों का विवरण दिया और भरोसा दिया कि 5 लाख का लक्ष्य अवश्य पूरा करेंगे। गो सम्मान आह्वान अभियान के तहत पूरे भारत के विशिष्ट संतों का बैठक मथुरा के गोवर्धन धाम में होगा। जहां पर अग्र मलूक पीठाधीश्वर संत राजेंद्र दास देवाचार्य जी महाराज के सानिध्य में संवाद एवं योजना पर मंथन होगा। इसमें यह तय किया जाएगा कि किस प्रकार से इस अभियान को पूरे भारत में गति प्रदान की जाए।


