एमडीएम की रिपोर्ट 39 प्राचार्यों ने नहीं भेजी:डीपीओ ने सभी से मांगा स्पष्टीकरण, जितने दिन बच्चों को खाना नहीं खिलाया, उतने दिन की राशि रोकी

एमडीएम की रिपोर्ट 39 प्राचार्यों ने नहीं भेजी:डीपीओ ने सभी से मांगा स्पष्टीकरण, जितने दिन बच्चों को खाना नहीं खिलाया, उतने दिन की राशि रोकी

नालंदा के सरकारी विद्यालयों में अप्रैल महीने के दौरान मध्याह्न भोजन योजना (एमडीएम) के तहत बच्चों को खाना खिलाया गया या नहीं, इसे लेकर 39 प्राचार्यों ने ई-शिक्षाकोष पोर्टल पर रिपोर्ट अपलोड नहीं की है। एमडीएम डीपीओ अंशु कुमारी और डीपीएम जितेन्द्र कुमार की ओर से अप्रैल की मध्याह्न भोजन योजना की रिपोर्ट की समीक्षा किए जाने पर मामला प्रकाश में आया है। एमडीएम डीपीओ ने सभी संबंधित विद्यालयों के प्राचार्यों से स्पष्टीकरण की मांग की है। इसके साथ ही अप्रैल में जितने दिनों की एमडीएम रिपोर्ट नहीं भेजी गई है, उतने दिनों की राशि के भुगतान पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी गई है। पांच फीसदी विद्यालयों के प्राचार्य कोताही बरत रहे हैं एमडीएम डीपीओ ने जानकारी दी कि जिले के 95 फीसदी विद्यालय विभागीय प्रावधानों के अनुसार नियमित रूप से अपनी रिपोर्ट भेज रहे हैं, लेकिन शेष पांच फीसदी विद्यालयों के प्राचार्य इस कार्य में लगातार कोताही बरत रहे हैं। हद तो यह है कि कई प्राचार्यों ने न केवल रिपोर्ट दबाए रखी, बल्कि भेजे गए शोकॉज नोटिस का जवाब देना भी मुनासिब नहीं समझा। अब इन स्कूलों के लापरवाह प्राचार्यों पर सख्त कार्रवाई के लिए वरीय अधिकारियों को पत्र भेजा जाएगा। इसके अलावा, डीपीओ ने सभी एमडीएम बीआरपी को सख्त आदेश दिया है कि वे अपने-अपने प्रखंडों के शत-प्रतिशत विद्यालयों की रिपोर्ट ई-शिक्षाकोष पोर्टल पर दर्ज करें। इस कार्य में लापरवाही बरतने वाले एमडीएम बीआरपी भी कार्रवाई की जद में आएंगे।

इन स्कूलों से रिपोर्ट नहीं दी गई रिपोर्ट नहीं भेजने वाले विद्यालयों में जिले के कई प्रखंडों के स्कूल शामिल हैं। इनमें अस्थावां प्रखंड के अकबरपुर, गफुरबिगहा, नोआवां प्राथमिक विद्यालय, हरिजन टोला एनपीएस, भिखानीबिगहा मध्य विद्यायल, धोबीबिगहा और नेरूत मध्य विद्यालय शामिल हैं। वहीं बिहारशरीफ प्रखंड के बहुआरा, हरगावां, डमरबिगहा प्राथमिक, एकंगरसराय के कन्हैयागंज मध्य विद्यालय और गिरियक के दुर्गापुर व पोखरपुर मध्य विद्यालय ने भी रिपोर्ट नहीं दी है। इसी तरह हिलसा के परवलपुर प्राथमिक, इस्लामपुर के केवाली एनपीएस, पिलखी, काजीबिगहा, सेरथुआडीह प्राथमिक और रसलपुर व मौलानाचक मध्य विद्यालय, कराय के मुसहरी प्राथमिक, नूरसराय के बेलसर और परिऔना मध्य विद्यालय और जमुनापुर प्राथमिक विद्यालय का नाम इस सूची में दर्ज है। परवलपुर के लखमाबिगहा मध्य विद्यालय, फतेहपुर, ताराबिगहा, मठपर प्राथमिक विद्यालय, रहुई के पेंदापुर प्राथमिक, बीएन पहाड़ी एनपीएस और दौलतपुर मध्य विद्यालय, सरमेरा के गोपालबाद हरिजन टोला, सोनडीहा, पुरैनी-इसुआ प्राथमिक विद्यालय और सिलाव के जगदीशपुर प्राथमिक और नीरपुर मध्य विद्यालय ने भी एमडीएम की रिपोर्ट पोर्टल पर अपलोड नहीं की है।
अधिकारी हो या कर्मचारी कार्रवाई होगी जिला शिक्षा पदाधिकारी आनंद विजय ने कहा कि जिले के सरकारी प्रारंभिक विद्यालयों में बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ मध्याह्न भोजन योजना के तहत शुद्ध और ताजा भोजन उपलब्ध कराना विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इस व्यवस्था में लापरवाही बरतने वाला चाहे कोई भी कर्मचारी या अधिकारी हो, विभागीय प्रावधानों के तहत उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। नालंदा के सरकारी विद्यालयों में अप्रैल महीने के दौरान मध्याह्न भोजन योजना (एमडीएम) के तहत बच्चों को खाना खिलाया गया या नहीं, इसे लेकर 39 प्राचार्यों ने ई-शिक्षाकोष पोर्टल पर रिपोर्ट अपलोड नहीं की है। एमडीएम डीपीओ अंशु कुमारी और डीपीएम जितेन्द्र कुमार की ओर से अप्रैल की मध्याह्न भोजन योजना की रिपोर्ट की समीक्षा किए जाने पर मामला प्रकाश में आया है। एमडीएम डीपीओ ने सभी संबंधित विद्यालयों के प्राचार्यों से स्पष्टीकरण की मांग की है। इसके साथ ही अप्रैल में जितने दिनों की एमडीएम रिपोर्ट नहीं भेजी गई है, उतने दिनों की राशि के भुगतान पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी गई है। पांच फीसदी विद्यालयों के प्राचार्य कोताही बरत रहे हैं एमडीएम डीपीओ ने जानकारी दी कि जिले के 95 फीसदी विद्यालय विभागीय प्रावधानों के अनुसार नियमित रूप से अपनी रिपोर्ट भेज रहे हैं, लेकिन शेष पांच फीसदी विद्यालयों के प्राचार्य इस कार्य में लगातार कोताही बरत रहे हैं। हद तो यह है कि कई प्राचार्यों ने न केवल रिपोर्ट दबाए रखी, बल्कि भेजे गए शोकॉज नोटिस का जवाब देना भी मुनासिब नहीं समझा। अब इन स्कूलों के लापरवाह प्राचार्यों पर सख्त कार्रवाई के लिए वरीय अधिकारियों को पत्र भेजा जाएगा। इसके अलावा, डीपीओ ने सभी एमडीएम बीआरपी को सख्त आदेश दिया है कि वे अपने-अपने प्रखंडों के शत-प्रतिशत विद्यालयों की रिपोर्ट ई-शिक्षाकोष पोर्टल पर दर्ज करें। इस कार्य में लापरवाही बरतने वाले एमडीएम बीआरपी भी कार्रवाई की जद में आएंगे।

इन स्कूलों से रिपोर्ट नहीं दी गई रिपोर्ट नहीं भेजने वाले विद्यालयों में जिले के कई प्रखंडों के स्कूल शामिल हैं। इनमें अस्थावां प्रखंड के अकबरपुर, गफुरबिगहा, नोआवां प्राथमिक विद्यालय, हरिजन टोला एनपीएस, भिखानीबिगहा मध्य विद्यायल, धोबीबिगहा और नेरूत मध्य विद्यालय शामिल हैं। वहीं बिहारशरीफ प्रखंड के बहुआरा, हरगावां, डमरबिगहा प्राथमिक, एकंगरसराय के कन्हैयागंज मध्य विद्यालय और गिरियक के दुर्गापुर व पोखरपुर मध्य विद्यालय ने भी रिपोर्ट नहीं दी है। इसी तरह हिलसा के परवलपुर प्राथमिक, इस्लामपुर के केवाली एनपीएस, पिलखी, काजीबिगहा, सेरथुआडीह प्राथमिक और रसलपुर व मौलानाचक मध्य विद्यालय, कराय के मुसहरी प्राथमिक, नूरसराय के बेलसर और परिऔना मध्य विद्यालय और जमुनापुर प्राथमिक विद्यालय का नाम इस सूची में दर्ज है। परवलपुर के लखमाबिगहा मध्य विद्यालय, फतेहपुर, ताराबिगहा, मठपर प्राथमिक विद्यालय, रहुई के पेंदापुर प्राथमिक, बीएन पहाड़ी एनपीएस और दौलतपुर मध्य विद्यालय, सरमेरा के गोपालबाद हरिजन टोला, सोनडीहा, पुरैनी-इसुआ प्राथमिक विद्यालय और सिलाव के जगदीशपुर प्राथमिक और नीरपुर मध्य विद्यालय ने भी एमडीएम की रिपोर्ट पोर्टल पर अपलोड नहीं की है।
अधिकारी हो या कर्मचारी कार्रवाई होगी जिला शिक्षा पदाधिकारी आनंद विजय ने कहा कि जिले के सरकारी प्रारंभिक विद्यालयों में बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ मध्याह्न भोजन योजना के तहत शुद्ध और ताजा भोजन उपलब्ध कराना विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इस व्यवस्था में लापरवाही बरतने वाला चाहे कोई भी कर्मचारी या अधिकारी हो, विभागीय प्रावधानों के तहत उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।  

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