46 करोड़ का एमआर-11 निर्माण की धीमी गति से दर्जनों टाउनशिप के रहवासी पहले ही परेशान थे, अब सौ मीटर हिस्सा फिर खोदकर पटक दिया है। निपानिया चौराहे से होली क्रॉस स्कूल तक के हिस्से में रोड खोदकर पाइप लाइन बिछाई जा रही है। सुबह और शाम के वक्त यहां रोड नहीं होने, गहरे गड्ढे होने, जगह-जगह पानी जमा होने से वाहन रेंगते हुए निकलते हैं। स्ट्रीट लाइट भी पूरी तरह बंद है। अंधेरे में दो पहिया वाहन चालकों का निकलना खतरे से खाली नहीं रहता है। सड़क पर दो जगह पहले ही बॉटलनेक की स्थिति बनने से ट्रैफिक जाम होता है। आधा किमी का हिस्सा पार करने में लग रहे 8-10 मिनट
संकरी रोड पर ट्रक, बस, कंटेनर भी गुजर रहे हैं। आधा किलोमीटर का हिस्सा पार करने में ही 8 से 10 मिनट लग जाते हैं। इंदौर विकास प्राधिकरण द्वारा इस रोड को बनवाया जा रहा है। प्रभारी इंजीनियर पंकज वैशंपायन का कहना है कि मुझे यह प्रोजेक्ट अभी मिला है। बनी हुई रोड क्यों खोदना पड़ी, इसकी जांच करवाता हूं। अलाइनमेंट भी गड़बड़ है
निपानिया से लेकर बायपास तक के हिस्से की रोड लहराती हुई बन रही है। आवासीय, व्यावसायिक उपयोग के नक्शे पास होने के बाद नगर निगम और पूर्व में पंचायत से भी डिटेल प्लानिंग मंजूर हो गई। लोगों ने उस हिसाब से निर्माण भी कर लिए। अब जब रोड बनना शुरू हुई तो उसके लिए जगह ही नहीं बची। हर जगह हादसे का खतरा
डामर की रोड को खोदकर उसे आरसीसी की बनाने के लिए फाउंडेशन तैयार किए गए थे। बाद में फाउंडेशन को खोदकर सीधे आरसीसी की रोड बना दी गई। रहवासियों का कहना है अधूरी रोड की वजह से दो साल से परेशान हो रहे हैं। कहीं भी स्ट्रीट लाइट नहीं है। एकदम से ढलान आ जाता है। पहले भी कई बार निर्माण के बाद हुई है तोड़फोड़ 1. भंवरकुआं चौराहा (रोटरी और बीआरटीएस रीडिजाइन)। अक्टूबर से दिसंबर 2022। भंवरकुआं चौराहे के चौड़ीकरण का काम चल रहा था। नगर निगम ने यहां एक बड़ी रोटरी (सर्किल) और डिवाइडर बनाकर डामरीकरण कर दिया। अक्टूबर 2022 में ट्रैफिक जाम होने पर फिर खोदा। 2. रीगल चौराहा से पलासिया (मल्टी-यूटिलिटी और केबल डक्ट)। मार्च से मई 2023। प्रवासी भारतीय सम्मेलन (जनवरी 2023) और जी-20 समिट के चलते इस वीआईपी रोड को रातोरात चमकाया गया था। समिट खत्म होते ही अंडरग्राउंड बिजली लाइनों के लिए अप्रैल और मई 2023 में बनी बनाई सड़क को फिर से खोद दिया गया। 3. सुपर कॉरिडोर। जुलाई से सितंबर 2021। सुपर कॉरिडोर पर जब मेट्रो रेल कॉरपोरेशन ने पिलर के लिए सॉइल टेस्टिंग और पाइलिंग का काम तेज किया, तब पता चला ड्रेनेज और नर्मदा वाटर सप्लाय की लाइनें पिलर के बीच में आ रही हैं। अगस्त 2021 में मानसून के दौरान ही फिर खुदाई की।


