राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के सरसंघचालक मोहन भागवत रविवार शाम सड़क मार्ग से मुंगेर पहुंचे। वे पुरानीगंज स्थित सरस्वती विद्या मंदिर में आयोजित कार्यकर्ता विकास वर्ग प्रथम (बिहार-झारखंड) प्रशिक्षण शिविर में भाग लेने आए हैं। उनका यह प्रवास 7 से 10 जून तक रहेगा, जिसके दौरान वे स्वयंसेवकों को विभिन्न विषयों पर प्रशिक्षण और मार्गदर्शन देंगे। बिहार-झारखंड के 127 शिक्षार्थी प्रशिक्षण ले रहे यह प्रशिक्षण वर्ग 23 मई को शुरू हुआ था और 12 जून तक चलेगा। शिविर में बिहार और झारखंड के 127 शिक्षार्थी प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं। प्रशिक्षण के दौरान स्वयंसेवकों को शारीरिक एवं बौद्धिक दोनों प्रकार का अभ्यास कराया जा रहा है। संघ के कई केंद्रीय पदाधिकारियों का भी इस वर्ग में प्रवास हो रहा है। संघ प्रमुख मोहन भागवत बेगूसराय के श्रीकृष्ण सेतु पथ होते हुए रविवार शाम करीब 7 बजे कार्यक्रम स्थल पहुंचे। उनके आगमन को लेकर जिले में व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की गई थी। जिला पदाधिकारी निखिल धनराज और पुलिस अधीक्षक सैयद इमरान मसूद सहित कई प्रशासनिक अधिकारी उनके काफिले के एस्कॉर्ट में मौजूद रहे। सरस्वती विद्या मंदिर परिसर सुरक्षित क्षेत्र घोषित भागवत के प्रवास को देखते हुए सरस्वती विद्या मंदिर परिसर को पूरी तरह सुरक्षित क्षेत्र घोषित किया गया है। उनके रहने, भोजन और रात्रि विश्राम की व्यवस्था विद्यालय परिसर में ही की गई है। शिविर के दौरान बाहरी व्यक्तियों के प्रवेश पर रोक है, साथ ही परिसर में मोबाइल फोन, फोटोग्राफी और वीडियो रिकॉर्डिंग पर भी प्रतिबंध लगाया गया है। पुलिस बल और चिकित्सा टीम की तैनाती प्रशासन की ओर से कार्यक्रम स्थल पर पुलिस बल, अधिकारियों, स्वास्थ्यकर्मियों तथा चिकित्सा टीम की तैनाती की गई है। जिले के विभिन्न हिस्सों में भी सुरक्षा बढ़ाई गई है और वाहन जांच अभियान चलाया जा रहा है। सोमवार को प्रशिक्षण सुबह 11 से 5 बजे तक चलेगा जानकारी के अनुसार, सोमवार से संघ प्रमुख का प्रशिक्षण सत्र सुबह 11 बजे शुरू होगा, जो शाम 5 बजे तक चलेगा। इसके बाद शाखा कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। उल्लेखनीय है कि इससे पहले मोहन भागवत वर्ष 2016 में भी एक कार्यक्रम के सिलसिले में मुंगेर आए थे। लगभग नौ वर्षों बाद उनका मुंगेर आगमन हुआ है। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के सरसंघचालक मोहन भागवत रविवार शाम सड़क मार्ग से मुंगेर पहुंचे। वे पुरानीगंज स्थित सरस्वती विद्या मंदिर में आयोजित कार्यकर्ता विकास वर्ग प्रथम (बिहार-झारखंड) प्रशिक्षण शिविर में भाग लेने आए हैं। उनका यह प्रवास 7 से 10 जून तक रहेगा, जिसके दौरान वे स्वयंसेवकों को विभिन्न विषयों पर प्रशिक्षण और मार्गदर्शन देंगे। बिहार-झारखंड के 127 शिक्षार्थी प्रशिक्षण ले रहे यह प्रशिक्षण वर्ग 23 मई को शुरू हुआ था और 12 जून तक चलेगा। शिविर में बिहार और झारखंड के 127 शिक्षार्थी प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं। प्रशिक्षण के दौरान स्वयंसेवकों को शारीरिक एवं बौद्धिक दोनों प्रकार का अभ्यास कराया जा रहा है। संघ के कई केंद्रीय पदाधिकारियों का भी इस वर्ग में प्रवास हो रहा है। संघ प्रमुख मोहन भागवत बेगूसराय के श्रीकृष्ण सेतु पथ होते हुए रविवार शाम करीब 7 बजे कार्यक्रम स्थल पहुंचे। उनके आगमन को लेकर जिले में व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की गई थी। जिला पदाधिकारी निखिल धनराज और पुलिस अधीक्षक सैयद इमरान मसूद सहित कई प्रशासनिक अधिकारी उनके काफिले के एस्कॉर्ट में मौजूद रहे। सरस्वती विद्या मंदिर परिसर सुरक्षित क्षेत्र घोषित भागवत के प्रवास को देखते हुए सरस्वती विद्या मंदिर परिसर को पूरी तरह सुरक्षित क्षेत्र घोषित किया गया है। उनके रहने, भोजन और रात्रि विश्राम की व्यवस्था विद्यालय परिसर में ही की गई है। शिविर के दौरान बाहरी व्यक्तियों के प्रवेश पर रोक है, साथ ही परिसर में मोबाइल फोन, फोटोग्राफी और वीडियो रिकॉर्डिंग पर भी प्रतिबंध लगाया गया है। पुलिस बल और चिकित्सा टीम की तैनाती प्रशासन की ओर से कार्यक्रम स्थल पर पुलिस बल, अधिकारियों, स्वास्थ्यकर्मियों तथा चिकित्सा टीम की तैनाती की गई है। जिले के विभिन्न हिस्सों में भी सुरक्षा बढ़ाई गई है और वाहन जांच अभियान चलाया जा रहा है। सोमवार को प्रशिक्षण सुबह 11 से 5 बजे तक चलेगा जानकारी के अनुसार, सोमवार से संघ प्रमुख का प्रशिक्षण सत्र सुबह 11 बजे शुरू होगा, जो शाम 5 बजे तक चलेगा। इसके बाद शाखा कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। उल्लेखनीय है कि इससे पहले मोहन भागवत वर्ष 2016 में भी एक कार्यक्रम के सिलसिले में मुंगेर आए थे। लगभग नौ वर्षों बाद उनका मुंगेर आगमन हुआ है।


