सोशल मीडिया पर एक युवक द्वारा नशे का इंजेक्शन लगाते हुए एक वीडियो तेजी से वायरल होने के बाद मोगा पुलिस प्रशासन तुरंत एक्शन मोड में आ गया। हालांकि, जब पुलिस ने इस मामले की गहराई से पड़ताल की, तो एक अलग ही सच्चाई सामने आई। पुलिस जांच में यह साफ हो गया कि वायरल हो रहा यह वीडियो नया नहीं बल्कि काफी पुराना है, जिसे किसी शरारती तत्व ने जानबूझकर दोबारा इंटरनेट पर अपलोड कर सनसनी फैलाने की कोशिश की है। शुरुआती तौर पर इस घटना को मोगा के गिल रोड स्थित एक खाली प्लॉट का बताया जा रहा था। जैसे ही यह वीडियो वायरल हुआ, मोगा के डीएसपी सिटी जतिंदर सिंह तुरंत पुलिस टीम को साथ लेकर मौके पर पहुंचे और बारीकी से जांच शुरू की। डीएसपी जतिंदर सिंह ने मामले का खुलासा करते हुए बताया कि जांच में यह बात पूरी तरह साबित हो चुकी है कि वीडियो पुराना है और इसे दोबारा शेयर करके लोगों में बेवजह भ्रम और डर का माहौल पैदा किया गया। नश तस्करों पर शिकंजा लेकिन नशे में फंसे लोगों का क्या इस दौरान डीएसपी ने स्पष्ट किया कि पंजाब सरकार और पंजाब पुलिस राज्य को पूरी तरह नशा मुक्त बनाने के लिए दिन-रात विशेष अभियान चला रही है। पुलिस न सिर्फ नशा तस्करों के खिलाफ कड़ा शिकंजा कस रही है, बल्कि नशे की दलदल में फंसे युवाओं को इलाज और पुनर्वास केंद्रों के जरिए मुख्यधारा में वापस लाने के लिए भी लगातार काम कर रही है ताकि वे एक सामान्य जीवन जी सकें। जनता की भागीदारी से नशा को खत्म किया जा सकता है डीएसपी जतिंदर सिंह ने इस जंग में समाज से सहयोग की पुरजोर अपील करते हुए कहा कि नशे के खिलाफ लड़ाई को जनभागीदारी के बिना पूरी तरह सफल नहीं बनाया जा सकता। उन्होंने खाली पड़े प्लॉटों के मालिकों को विशेष हिदायत देते हुए कहा कि वे अपने प्लॉटों की चारदीवारी (बाउंड्री वॉल) करवाएं और उन पर नजर रखें, ताकि असामाजिक तत्व वहां किसी भी तरह की गलत गतिविधि को अंजाम न दे सकें। इसके साथ ही उन्होंने आम जनता से अपील की कि यदि उनके हाथ नशे या किसी अन्य अपराध से जुड़ा कोई वीडियो या सूचना लगती है, तो उसे सोशल मीडिया पर वायरल करने के बजाय तुरंत पुलिस के साथ साझा करें।


