बाराबंकी के देवा वन रेंज के चकिया गांव में अवैध पेड़ कटाई की सूचना पर कार्रवाई करने पहुंची वन विभाग की टीम पर पथराव और मारपीट की घटना सामने आई है। यह घटना की रात करीब 11 बजे हुई बताई जा रही है। इस मामले से जुड़े वीडियो भी सामने आए हैं, जिनमें मौके पर हंगामा और दोनों पक्षों के बीच तीखी नोकझोंक दिख रही है। डिप्टी रेंजर प्रशांत कुमार अपने ड्राइवर और एक मुखबिर के साथ चकिया गांव पहुंचे थे। वे यहां अवैध कटान में इस्तेमाल की गई लकड़ी से लदी एक ट्रैक्टर-ट्रॉली और एक हैड्रा मशीन को जब्त करने की कार्रवाई कर रहे थे। आरोप है कि इसी दौरान संबंधित लोगों ने सड़क पर लकड़ी के बड़े टुकड़े डालकर रास्ता रोक दिया और वन विभाग की टीम के साथ अभद्रता, पथराव व मारपीट की। वन विभाग की टीम ट्रैक्टर-ट्रॉली और हैड्रा मशीन को लेकर रेंज कार्यालय पहुंची। हालांकि, अगले दिन जुर्माने की कार्रवाई को लेकर वहां भी विवाद हो गया। ठेकेदार पक्ष का आरोप है कि उनसे डेढ़ लाख रुपये की मांग की जा रही थी। इसी बात पर कार्यालय में दोनों पक्षों के बीच कहासुनी, गाली-गलौज और धक्का-मुक्की हुई। इस घटना के वीडियो भी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं।
डिप्टी रेंजर प्रशांत कुमार ने बताया कि अवैध रूप से काटे गए पेड़ों के मामले में नियमानुसार कार्रवाई की जा रही थी। उन्होंने आरोप लगाया कि आरोपित पक्ष ने पहले रात में हमला किया और बाद में रेंज कार्यालय पहुंचकर कर्मचारियों को डराने-धमकाने तथा मारपीट करने का प्रयास किया। प्रशांत कुमार ने पुलिस को शिकायती पत्र देकर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि यह मामला उनके संज्ञान में है। पूरे प्रकरण की जांच कर आवश्यक वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि सरकारी कार्य में बाधा डालने और वनकर्मियों पर हमला करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।


