बालाघाट शहर में नाला निर्माण के दौरान जेसीबी से पेयजल पाइपलाइन टूट गई। इससे हजारों लीटर पानी व्यर्थ बह गया, जबकि शहर पहले से ही पेयजल संकट का सामना कर रहा है। यह घटना नगरपालिका के पेयजल संरक्षण के दावों की हकीकत बयां करती है। यह घटना तब सामने आई जब नगर में बरसात से पहले नाला निर्माण का कार्य चल रहा है। बारिश के चंद दिनों पहले शुरू किया गया यह निर्माण कार्य कब पूरा होगा, यह तय नहीं है। हालांकि, इसके कारण न केवल आवागमन में बाधा आ रही है, बल्कि पेयजल का भी नुकसान हो रहा है। नगरपालिका के जलप्रदाय प्रभारी भूमेश्वर शिव ने बताया कि नाला निर्माण के लिए खुदाई के दौरान पाइपलाइन क्षतिग्रस्त हो गई थी। इसकी जानकारी मिलने के बाद जलप्रदाय विभाग ने तुरंत नल बंद करवा दिया, लेकिन तब तक काफी पानी बह चुका था। भास्कर के वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि किस तरह पेयजल पाइपलाइन से पानी लगातार बहकर आसपास जमा हो रहा था। यह स्थिति गर्मी के इस मौसम में पानी की बर्बादी को दर्शाती है। नगरपालिका की गैर-जिम्मेदाराना कार्यप्रणाली केवल पेयजल पाइपलाइन तक सीमित नहीं है। शहर में स्ट्रीट लाइटें भी अक्सर सुबह 6-7 बजे तक जलती रहती हैं, जबकि पांच बजे ही अंधेरा उजाले में बदल जाता है। यह ऊर्जा बचत को लेकर विभाग की लापरवाही को उजागर करता है।


