झज्जर जिले की फैक्ट्रियों पर चलेगा प्रशासन का डंडा:सुरक्षा मानकों में कमी मिली तो फैक्ट्री होगी सील, मालिकों पर दर्ज होंगे आपराधिक मुकदमे

झज्जर जिले की फैक्ट्रियों पर चलेगा प्रशासन का डंडा:सुरक्षा मानकों में कमी मिली तो फैक्ट्री होगी सील, मालिकों पर दर्ज होंगे आपराधिक मुकदमे

झज्जर जिले की औद्योगिक नगरी बहादुरगढ़ में लगातार सामने आ रहे फैक्ट्री हादसों और मजदूरों की मौतों के बाद जिला प्रशासन ने सख्त कदम उठाया है। डीसी झज्जर एवं जिला मजिस्ट्रेट वर्षा खांगवाल ने जिले की सभी फैक्ट्रियों का व्यापक सुरक्षा ऑडिट कराने और विशेष निरीक्षण अभियान चलाने के आदेश जारी किए हैं। प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि सुरक्षा नियमों में किसी भी प्रकार की लापरवाही अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी। दरअसल, पिछले कुछ वर्षों में बहादुरगढ़ के औद्योगिक क्षेत्रों में लगातार हादसे सामने आते रहे हैं। हाल ही में एक फैक्ट्री में बॉयलर फटने से दो मजदूरों की दर्दनाक मौत हो गई थी। इसके कुछ ही दिनों बाद एक अन्य फैक्ट्री में भी एक मजदूर की जान चली गई। वहीं वर्ष 2020 में हुए भीषण बॉयलर ब्लास्ट ने पूरे प्रदेश को झकझोर दिया था। उस हादसे में फैक्ट्री का बड़ा हिस्सा ढह गया था और कई मजदूर मलबे में दब गए थे। करीब एक सप्ताह तक चले रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद मजदूरों को बाहर निकाला गया था, जिनमें कई लोगों की मौत हो गई थी। लगातार हो रहे इन हादसों के बाद प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर कड़ा रुख अपनाया है। झज्जर डीसी वर्षा खांगवाल ने कहा कामगारों की सुरक्षा, जान-माल की रक्षा और औद्योगिक इकाइयों में आपदा प्रबंधन को मजबूत करना जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। किसी भी फैक्ट्री में सुरक्षा मानकों, फायर सेफ्टी व्यवस्था या भवन निर्माण नियमों की अनदेखी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। निरीक्षण के दौरान कमी मिलने पर संबंधित फैक्ट्री के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की जाएगी। गठित की गई विशेष टास्क फोर्स जिला प्रशासन ने निरीक्षण के लिए एक संयुक्त टास्क फोर्स का गठन किया है। इसमें अग्निशमन विभाग, औद्योगिक सुरक्षा एवं स्वास्थ्य विभाग, स्थानीय नगर निकाय, एचएसआईआईडीसी और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारी शामिल होंगे। टीम जिले की प्रत्येक फैक्ट्री का दौरा कर सुरक्षा मानकों की जांच करेगी। इन बिंदुओं पर होगी जांच स्वीकृत बिल्डिंग प्लान के अनुसार निर्माण हुआ है या नहीं। अवैध निर्माण या बिना अनुमति विस्तार तो नहीं किया गया। फायर एनओसी, स्प्रिंकलर सिस्टम, फायर हाइड्रेंट और अग्निशामक यंत्र मौजूद हैं या नहीं। आपातकालीन निकास मार्ग खुले और सुरक्षित हैं या नहीं। श्रमिकों को सुरक्षा उपकरण उपलब्ध कराए जा रहे हैं या नहीं। कर्मचारियों को नियमित मॉक ड्रिल और सुरक्षा प्रशिक्षण दिया जा रहा है या नहीं। कमी मिली तो तुरंत होगी सीलिंग प्रशासन ने साफ किया है कि निरीक्षण के दौरान राष्ट्रीय सुरक्षा मानकों, फायर सेफ्टी या बिल्डिंग नियमों में छोटी या बड़ी किसी भी प्रकार की कमी मिलने पर फैक्ट्री को तत्काल प्रभाव से सील कर दिया जाएगा। संचालन तब तक बंद रहेगा जब तक सभी कमियां दूर कर दोबारा सुरक्षा अनुपालन प्रमाणपत्र प्राप्त नहीं किया जाता। हादसों के बाद जागा प्रशासन बहादुरगढ़ में लगातार हो रही दुर्घटनाओं और मजदूरों की मौतों के बाद प्रशासन का यह कदम बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। औद्योगिक क्षेत्र में अब पहली बार इतने बड़े स्तर पर सुरक्षा ऑडिट अभियान चलाया जा रहा है, जिससे हजारों मजदूरों की सुरक्षा सुनिश्चित करने का प्रयास किया जाएगा।

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