दमोह में श्रीराम-हनुमान चित्रों पर विवाद, शिकायत दर्ज:वृद्धाश्रम की दीवार पर बने चित्रों से धार्मिक भावनाएं आहत होने का आरोप

दमोह में श्रीराम-हनुमान चित्रों पर विवाद, शिकायत दर्ज:वृद्धाश्रम की दीवार पर बने चित्रों से धार्मिक भावनाएं आहत होने का आरोप

दमोह शहर के वृद्धाश्रम के बाहर दीवार पर भगवान श्रीराम और हनुमान जी के चित्र बनाने को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। इन चित्रों से धार्मिक भावनाएं आहत होने की शिकायत शनिवार रात कोतवाली में दर्ज कराई गई है। हिंदू संगठन के नित्या प्यासी ने शिकायत दर्ज कराते हुए पुलिस से कार्रवाई की मांग की है। यह चित्र रेड क्रॉस समिति के सदस्य केदार शर्मा द्वारा बनवाए गए थे। केदार शर्मा का कहना है कि यहां लोग गंदे कपड़े फेंक रहे थे, जिसे रोकने के लिए उन्होंने ये चित्र बनवाए थे। कुछ समय पहले वृद्धाश्रम के बाहर ‘नेकी की दीवार’ का संचालन किया जाता था, जहां जरूरतमंदों के लिए पुराने कपड़े रखे जाते थे। गंदगी फैलने से ‘नेकी की दीवार’ को बंद किया हालांकि, इस स्थान पर काफी गंदगी फैलने लगी थी, जिसके बाद ‘नेकी की दीवार’ को बंद कर दिया गया। इसके बावजूद लोग यहां पुराने कपड़े फेंकना जारी रखे हुए थे, जिससे गंदगी बढ़ती जा रही थी। इसी समस्या को देखते हुए दो दिन पहले केदार शर्मा ने यहां भगवान श्रीराम और हनुमान जी के चित्र बनवाए थे। शिकायतकर्ता नित्या प्यासी का आरोप है कि जिस स्थान पर ये चित्र बनवाए गए हैं, वहां पहले से ही गंदगी फैली हुई थी और इसे हटाए बिना ही चित्र बना दिए गए। उन्होंने कहा कि यह भगवान का अपमान है, क्योंकि इस स्थान पर उनकी पूजा नहीं होगी। हिंदू संगठन ने इस पर आपत्ति जताते हुए पुलिस से कार्रवाई की मांग की है। पुलिस से कार्रवाई की मांग यह चित्र हमने उनसे पुतवाने के लिए कहा, लेकिन केदार शर्मा ने कहा कि हम चित्र नहीं पुतवाएंगे आपको जो अच्छा लगे वह करें। इसलिए हमने इन चित्रों की पुताई करवा दी है। साथ ही पुलिस में आवेदन देकर धार्मिक भावना आहत करने को लेकर मामला दर्ज करने की भी मांग की है। इस पर केदार शर्मा का कहना है कि उनका उद्देश्य किसी की धार्मिक भावना आहत करने का नहीं था। वृद्ध आश्रम के बाहर लोग गंदे कपड़े फेंक कर जाते थे जिससे गंदगी होती थी। उन्होंने कई बार लोगों से मना किया। इस गंदगी को रोकने के लिए उनके द्वारा यह चित्र बनवाए थे। लोग भगवान से डरे और यहां गंदगी ना फैलाएं। उनका उद्देश्य या बिल्कुल नहीं था कि किसी की धार्मिक भावना आहत हो।
उन्होंने प्रशासन से भी मांग की है कि यहां पर सूचना बोर्ड लगवाए जाएं कि लोग अब यहां पर पुराने कपड़े न फेंके।

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