भादरेश गांव के पास स्थित राजवेस्ट पावर प्लांट की चिमनियों से दिन-रात निकलने वाली डस्ट ने आस-पास के इलाके को अपनी आगोश में ले लिया है। आलम यह है कि यहां के ग्रामीणों की सुबह अब उगते सूरज के साथ नहीं, बल्कि छतों और आंगनों पर जमी राख को साफ करने के साथ होती है। प्लांट के आस-पास स्थित भादरेश, ईश्वरपुरा, हरसानियों की ढाणी के मकानों की छतें, खिड़कियां और पौधे भी इस डस्ट की वजह से सफेद नजर आने लगे हैं। पावर कंपनी ने प्लांट के आस-पास के इलाकों के घरों में पानी के कनेक्शन देने का दावा किया गया था। पानी के लिए लाइन तो बिछा दी लेकिन इसमें पानी आ रही नहीं रहा। पानी के कनेक्शन तो मिले लेकिन पानी को तरस रहे लोग ग्रामीण डूंगराराम ने बताया कि प्लांट के पास ही हरसानियों की ढाणी बसी हुई है। जहां पर पानी सप्लाई के लिए कंपनी द्वारा पाइप लाइन बिछाई थी। लेकिन इसमें पानी सप्लाई नहीं हो रहा है। ऐसे में 1 हजार रुपए देकर पीने के पानी के लिए टेंकर मंगवाना पड़ रहा है। एक तरफ हवा में तैरती राख कंठ सुखा रही है, तो दूसरी तरफ घरों के सूखे नल प्यास बुझाने में नाकाम साबित हो रहे हैं। शिकायत के बाद भी जिम्मेदार मौन बैठे हैं।


