“जहां प्रेम हो, वहां प्रभाव या ऐश्वर्य का प्रदर्शन नहीं होना चाहिए, वहां केवल प्रेम ही दिखाई देता है।” यह बात कथा व्यास आचार्य इंद्रेश उपाध्याय ने शनिवार को श्रीमद्भागवत कथा के अंतिम दिन कही। श्रीकृष्ण और ब्रजवासियों के विरह प्रसंग का भावपूर्ण वर्णन करते समय स्वयं कथावाचक भावुक हो गए, जबकि पंडाल में मौजूद अनेक श्रद्धालुओं की आंखें भी नम हो गईं। पुरुषोत्तम मास के अवसर पर बल्केश्वर महादेव भक्त मंडल की ओर से आयोजित कथा के सातवें एवं विश्राम दिवस पर आचार्य इंद्रेश उपाध्याय ने ब्रजवासियों और भगवान श्रीकृष्ण के प्रेम का वर्णन किया। उन्होंने कहा कि प्रेम में व्यक्ति को केवल अपने आराध्य का स्वरूप दिखाई देता है। प्रेमी के लिए संसार की हर वस्तु प्रेममय हो जाती है। कथावाचक ने श्रीकृष्ण के मथुरा गमन का प्रसंग सुनाते हुए बताया कि जब कंस वध के लिए कान्हा मथुरा जाने लगे तो ब्रजवासियों ने उन्हें रोकने का प्रयास किया। सभी के आग्रह पर श्रीकृष्ण ने शीघ्र लौटने का आश्वासन दिया, लेकिन उनके जाने से पूरा ब्रज विरह में डूब गया। उन्होंने कहा कि राधा और मीरा के विरह का वर्णन तो अक्सर सुनने को मिलता है, लेकिन श्रीकृष्ण के विरह की चर्चा बहुत कम होती है। श्रीकृष्ण भी अपनी माता यशोदा, ग्वालबालों और ब्रजवासियों को याद कर व्याकुल होते थे। उन्होंने कहा कि श्रीकृष्ण भले ही मथुरा और द्वारका गए हों, लेकिन उनका मन हमेशा वृंदावन में ही रहा। आचार्य इंद्रेश उपाध्याय ने यशोदा और श्रीकृष्ण के संबंधों का उल्लेख करते हुए कहा कि वर्षों बाद यशोदा को पता चला कि श्रीकृष्ण उनके नहीं, बल्कि देवकी के पुत्र हैं। हालांकि श्रीकृष्ण को यह बात पहले से ज्ञात थी, लेकिन उन्होंने कभी इसका अहसास नहीं होने दिया। कथा के दौरान उन्होंने बांसुरी की उत्पत्ति का प्रसंग भी सुनाया। उन्होंने कहा कि ब्रज में माधुर्य और प्रेम का संचार करने के लिए भगवान श्रीकृष्ण ने बांसुरी का निर्माण किया। उनकी विभिन्न भंगिमाओं के अनुसार उसे बांसुरी, बंशी और वेणु जैसे नाम मिले। यशोदा और श्रीकृष्ण के वियोग प्रसंग का वर्णन करते समय पंडाल का वातावरण भावुक हो गया। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की आंखों से आंसू छलक पड़े और पूरा परिसर भक्ति रस में डूब गया। कार्यक्रम में महंत कपिल नागर, अर्चित पांड्या, मुख्य यजमान हरीश अग्रवाल, तरूना अग्रवाल, गौरीशंकर अग्रवाल, आशीष गुप्ता, पदम अग्रवाल, राजेश अग्रवाल, शिवम गोयल, अजय गोयल, गिरीश बंसल, पार्षद मुरारीलाल गोयल, आदर्श नंदन गुप्त, मीडिया प्रभारी ऋषि अग्रवाल सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे।


