धार की ऐतिहासिक भोजशाला के गर्भगृह में मां वाग्देवी की अष्टधातु की प्रतिमा शनिवार को रखी मिली। भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) के अधिकारियों ने कुछ ही घंटों में इसे हटा दिया। इस घटना ने भोजशाला की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जानकारी के अनुसार, शनिवार शाम को भोजशाला के गर्भगृह में अचानक यह प्रतिमा दिखाई दी। मामला एएसआई के संज्ञान में आने के बाद अधिकारियों ने तत्काल कार्रवाई करते हुए प्रतिमा को उसके स्थान से हटा दिया। प्रतिमा किसने और कब रखी, इसका खुलासा अभी नहीं हो पाया है। इस घटनाक्रम के बाद भोजशाला की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं। परिसर के बाहरी हिस्से में पुलिस चौकी है और अंदर एएसआई के सुरक्षा गार्ड तैनात रहते हैं। इसके बावजूद गर्भगृह तक प्रतिमा का पहुंचना एक बड़ी सुरक्षा चूक मानी जा रही है। भोज उत्सव समिति ने इस पूरे घटनाक्रम से अपनी संलिप्तता से इनकार किया है। समिति की ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। उल्लेखनीय है कि मां वाग्देवी की मूल प्रतिमा वर्तमान में लंदन के संग्रहालय में है, जिसे भारत वापस लाने की मांग लंबे समय से की जा रही है। फिलहाल, भोजशाला में प्रतिमा रखने वाले लोग कौन थे और उनका उद्देश्य क्या था, यह जांच का विषय बना हुआ है। यह खबर भी पढ़ें
MP हाईकोर्ट ने धार भोजशाला को वाग्देवी मंदिर माना मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने धार की भोजशाला को वाग्देवी मंदिर माना है। शुक्रवार को दिए फैसले में हाईकोर्ट ने कहा- हमने पुरातात्विक और ऐतिहासिक तथ्यों, एएसआई की सर्वे रिपोर्ट पर विचार किया है। ASI एक्ट के प्रावधानों के साथ-साथ अयोध्या मामले को भी आधार माना। पूरी खबर पढ़ें…


