कैमूर प्रशासन आपदा से निपटने को मुस्तैद:प्रभारी मंत्री ने बाढ़, सुखाड़ और लू की तैयारियों की समीक्षा की

कैमूर प्रशासन आपदा से निपटने को मुस्तैद:प्रभारी मंत्री ने बाढ़, सुखाड़ और लू की तैयारियों की समीक्षा की

कैमूर के भभुआ समाहरणालय स्थित मां मुंडेश्वरी सभागार में प्रभारी मंत्री श्री संजय सिंह “टाइगर” की अध्यक्षता में एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में आगामी मानसून के दौरान संभावित बाढ़, सुखाड़ और भीषण लू से निपटने के लिए कैमूर जिला प्रशासन की विभागवार तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की गई। प्रभारी मंत्री ने सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ मुस्तैदी से कार्य करने का निर्देश दिया। पिछले पांच वर्षों के आंकड़ों के अनुसार, कैमूर जिला बाढ़ प्रवण क्षेत्र में नहीं आता है। हालांकि, डैम से पानी छोड़े जाने पर दुर्गावती, रामगढ़ और नुऑव प्रखंडों में आंशिक जल-जमाव की स्थिति बन सकती है। सुरक्षा के मद्देनजर 12 निजी नावों के साथ अनुबंध किया गया है। 19 प्रशिक्षित गोताखोर- 29 लाइफ जैकेट तैयार इसके अलावा, 9 बाढ़ राहत शिविर, 325 पॉलीथीन शीट, 19 प्रशिक्षित गोताखोर और 29 लाइफ जैकेट तैयार रखे गए हैं। किसी भी आपात स्थिति के लिए जिला आपातकालीन संचालन केंद्र (DEOC) को 24×7 सक्रिय कर दिया गया है, जिसका हेल्पलाइन नंबर 06189-222080 और व्हाट्सएप नंबर 8544413501 है। पेयजल संकट से निपटने के लिए पीएचईडी ने 12 विशेष दल गठित कर 1483 चापाकलों की मरम्मत कराई है। प्रभावित क्षेत्रों में 7 टैंकरों से जलापूर्ति की जा रही है। लू से बचाव के लिए अस्पतालों में पर्याप्त जीवन रक्षक दवाएं और ओआरएस घोल उपलब्ध कराए गए हैं। संभावित सुखाड़ की स्थिति में मनरेगा के तहत तालाबों के जीर्णोद्धार कार्य में तेजी लाने का निर्देश दिया गया है। कृषि विभाग को आकस्मिक फसलों के वितरण की तैयारी रखने को कहा गया है। सिंचाई के लिए नहरों की सफाई का कार्य भी तेजी से जारी है। कैमूर के भभुआ समाहरणालय स्थित मां मुंडेश्वरी सभागार में प्रभारी मंत्री श्री संजय सिंह “टाइगर” की अध्यक्षता में एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में आगामी मानसून के दौरान संभावित बाढ़, सुखाड़ और भीषण लू से निपटने के लिए कैमूर जिला प्रशासन की विभागवार तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की गई। प्रभारी मंत्री ने सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ मुस्तैदी से कार्य करने का निर्देश दिया। पिछले पांच वर्षों के आंकड़ों के अनुसार, कैमूर जिला बाढ़ प्रवण क्षेत्र में नहीं आता है। हालांकि, डैम से पानी छोड़े जाने पर दुर्गावती, रामगढ़ और नुऑव प्रखंडों में आंशिक जल-जमाव की स्थिति बन सकती है। सुरक्षा के मद्देनजर 12 निजी नावों के साथ अनुबंध किया गया है। 19 प्रशिक्षित गोताखोर- 29 लाइफ जैकेट तैयार इसके अलावा, 9 बाढ़ राहत शिविर, 325 पॉलीथीन शीट, 19 प्रशिक्षित गोताखोर और 29 लाइफ जैकेट तैयार रखे गए हैं। किसी भी आपात स्थिति के लिए जिला आपातकालीन संचालन केंद्र (DEOC) को 24×7 सक्रिय कर दिया गया है, जिसका हेल्पलाइन नंबर 06189-222080 और व्हाट्सएप नंबर 8544413501 है। पेयजल संकट से निपटने के लिए पीएचईडी ने 12 विशेष दल गठित कर 1483 चापाकलों की मरम्मत कराई है। प्रभावित क्षेत्रों में 7 टैंकरों से जलापूर्ति की जा रही है। लू से बचाव के लिए अस्पतालों में पर्याप्त जीवन रक्षक दवाएं और ओआरएस घोल उपलब्ध कराए गए हैं। संभावित सुखाड़ की स्थिति में मनरेगा के तहत तालाबों के जीर्णोद्धार कार्य में तेजी लाने का निर्देश दिया गया है। कृषि विभाग को आकस्मिक फसलों के वितरण की तैयारी रखने को कहा गया है। सिंचाई के लिए नहरों की सफाई का कार्य भी तेजी से जारी है।  

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