बुरहानपुर जिले के नेपानगर स्थित संजय नगर में शनिवार सुबह रेलवे की टीम ने अतिक्रमण हटाया। भुसावल से खंडवा तक प्रस्तावित 131 किलोमीटर लंबी तीसरी और चौथी रेलवे लाइन के दायरे में संजय नगर के लगभग 60 मकान आ रहे थे। रेलवे ने इन मकानों को हटाने के लिए नोटिस जारी किए थे। रेलवे ने मकानों के बाहर नोटिस चस्पा कर 6 जून से पहले अतिक्रमण हटाने को कहा था। इसका असर यह हुआ कि दो दिन पहले से ही लोगों ने स्वेच्छा से अपने मकान तोड़ने शुरू कर दिए थे। शनिवार को शेष बचे अतिक्रमण को हटाने के लिए रेलवे की टीम जेसीबी और अमले के साथ संजय नगर पहुंची। इस दौरान किसी तरह का कोई विरोध नहीं हुआ, क्योंकि अधिकांश लोगों ने पहले ही अपने मकान तोड़ लिए थे। मौके पर बड़ी संख्या में पुलिस बल और प्रशासनिक अधिकारी मौजूद थे। नेपानगर एसडीएम भागीरथ वाखला ने बताया कि रेलवे द्वारा संजय नगर में अतिक्रमण हटाया जा रहा है और इसके लिए प्रशासनिक अमला मुस्तैद है। एएसपी एएस कनेश, तहसीलदार जगन्नाथ वास्कले सहित पुलिस बल और अलग अलग थानों के टीआई, रेल्वे की टीम मौजूद थी। प्रभावित परिवारों को नगर पालिका की ओर से दूसरे स्थान पर विस्थापित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इन परिवारों को भातखेड़ा सेक्टर के चूना भट्टा क्षेत्र में बसाया जाएगा। नजूल की जमीन नगर पालिका को आवंटित कर दी गई है। नगर पालिका अध्यक्ष भारती विनोद पाटील ने बताया कि भातखेड़ा सेक्टर के चूना भट्टा क्षेत्र में गजानन मंदिर के समीप और आरोग्य मंदिर के पड़ोस में 0.9500 हेक्टेयर जमीन जिला प्रशासन द्वारा आवंटित की गई है। सीएमओ के माध्यम से नजूल भूमि हस्तांतरण के लिए आवेदन किया गया था, जिसकी स्वीकृति कलेक्टर द्वारा 5 जून को ही दे दी गई थी। संजय नगर के रहवासियों को यह जमीन दिखा दी गई है। नगर पालिका यहां उन्हें व्यवस्थित ढंग से बसाने की तैयारी कर रही है। दोपहर में जेसीबी के माध्यम से जमीन समतल कराई जाएगी। विधायक के प्रयास से मिली जमीन संजय नगर के रहवासियों को जमीन आवंटन में नेपानगर विधायक मंजू दादू का खास रोल रहा है। पिछले दिनों वह नगर पालिका के विशेष सम्मेलन में पहुंची थी और जमीन आवंटन का प्रस्ताव रखवाया था। इससे पहले भी वह संजय नगर में लोगों से मिलने पहुंची थीं और अफसरों से चर्चा की थी। यही वजह है कि दूसरी जगह जमीन मिलने पर संजय नगर में किसी तरह का विरोध नहीं हुआ, बल्कि लोगों ने स्वेच्छा से अपने मकान तोड़े।


