केंद्र में जाट समाज को आरक्षण की मांग को लेकर भरतपुर में 21 जून को हुंकार रैली का आयोजन किया जा रहा है। हुंकार रैली में सांसद हनुमान बेनीवाल भी पहुंचेगे। रैली में आरक्षण की मांग को लेकर रणनीति बनाई जाएगी। हुंकार रैली में पहुंचने के लिए आरक्षण संघर्ष समिति के संयोजक ने समाज के लोगों को पीले चावल बांटे। दूसरी तरफ भरतपुर बीजेपी के कार्यकर्ता हनुमान बेनीवाल के भरतपुर आने पर उनका विरोध करने की बात कह रहे हैं। बीजेपी ने केंद्र से ख़त्म किया आरक्षण भरतपुर धौलपुर डीग जाट आरक्षण संघर्ष समिति के संयोजक नेम सिंह फौजदार ने बताया कि 3 जिले के युवाओं के केंद्र में आरक्षण की मांग काफी लंबे समय से चली आ रही है। सरकार से जाट समाज को फुटबॉल बना दिया है। समाज के लोग साल 2000 से आरक्षण के लिए संघर्ष कर रहे हैं। साल 2013 में जाट समाज को केंद्र में आरक्षण दिया गया लेकिन बीजेपी सरकार ने 10 अगस्त 2015 में सुप्रीम कोर्ट की आड़ लेकर केंद्र और राज्य का आरक्षण ख़त्म कर दिया गया। सीएम भजन लाल शर्मा ने दिया आश्वाशन लंबे आंदोलन के बाद 23 अगस्त 2017 को वसुंधरा सरकार ने जाट समाज को स्टेट में आरक्षण दे दिया। उसके बाद भी केंद्र की लड़ाई जारी रही। केंद्र में आरक्षण के लिए पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे, अशोक गहलोत ने चिट्ठी लिखी साथ ही सीएम भजन लाल शर्मा ने भी आश्वासन दिया था कि लोकसभा चुनाव के बाद आरक्षण दे दिया जाएगा। पूरे राजस्थान के जाट समाज को केंद्र में आरक्षण है लेकिन तीन जिले के समाज को केंद्र में आरक्षण नहीं है। आरक्षण मिला तो, हुंकार रैली को धन्यवाद में बदला जाएगा केंद्र में आरक्षण की मांग को लेकर 21 जून को नुमाइश मैदान में हुंकार रैली का आयोजन किया जाएगा। आज तीनों जिले का जाट समाज मीटिंग के लिए इकट्ठा हुआ है। मीटिंग में आगे की रणनीति तय की जाएगी। हुंकार रैली में सभी जाट समाज के नेताओं को इकट्ठा किया जाएगा। अगर हमें केंद्र में आरक्षण मिलता है तो, हम हुंकार रैली को धन्यवाद सभा में बदल देंगे। हुंकार रैली में सांसद हनुमान बेनीवाल आएंगे। अगर सरकार ने हमारी बात को गंभीर नहीं लिया तो, इसके परिणाम गंभीर होंगे। बीजेपी के कार्यकर्ता नहीं कर सकते बेनीवाल का विरोध वहीं दूसरी तरफ बीजेपी का कार्यकर्ता कह रहे हैं कि हनुमान बेनीवाल भरतपुर आएंगे तो, उनका विरोध किया जाएगा। इस पर नेम सिंह फौजदार ने कहा कि जो लोग हनुमान बेनीवाल का विरोध करने की बात कह रहे हैं वह अपने गिरेबान में झांके, उनकी हैसियत शायद उनके घर में भी नहीं होगी। सभी लोगों की जन्म कुंडली हमारे पास है। अगर हम पत्ते खोलने लगे तो, जवाब देना भारी पड़ जाएगा।


