दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर यूनिवर्सिटी के एक छात्र संगठन ने परीक्षा नियंत्रक कार्यालय के कर्मचारी को थप्पड़ जड़ दिए। जिससे गुस्साए कर्मचारियों ने विभाग बंद कर कार्य से बहिष्कार कर दिया और एकजुट होकर कुलपति ऑफिस का घेराव करने लगे। बताया जा रहा है कि बीएससी एग्रीकल्चर फोर्थ ईयर के एक छात्र के किसी सब्जेक्ट का नंबर मार्कशीट पर नहीं चढ़ा था। इस गड़बड़ी को ठीक कराने के लिए वह काफी समय से यूनिवर्सिटी के चक्कर काट रहा था। इसी सिलसिले में शुक्रवार को भी ऑफिस पहुंचा। जहां विवाद बढ़ गया। हालांकि बाद बातचीत के बाद दोनों पक्षों में सुलह भी हो गया। फिलहाल मामला शांत है। कई बार काटे यूनिवर्सिटी के चक्कर
जानकारी के मुताबिक, बीएससी एग्रीकल्चर फोर्थ ईयर के एक छात्र के पेपर का नंबर मार्कशीट पर नहीं चढ़ा था। इस गड़बड़ी को ठीक कराने के लिए वह काफी समय से यूनिवर्सिटी के चक्कर काट रहा था। छात्र का कहना था कि उसने नियम के मुताबिक सारे जरूरी कागजात कर्मचारी को सौंप दिए थे, फिर भी उसकी मार्कशीट अपडेट नहीं की जा रही थी। दूसरी तरफ, संबंधित कर्मचारी का कहना था कि उसने अपनी तरफ से सभी कागजी कार्रवाई पूरी करके फाइल को पहले ही आगे बढ़ा दिया था। कहासुनी के बाद जड़ा थप्पड़
इसी बात को लेकर शुक्रवार को पीड़ित छात्र एक संगठन के छात्रनेता को अपने साथ लेकर परीक्षा नियंत्रक कार्यालय पहुंचा था। वहां कर्मचारी से बात करते-करते बहस इतनी बढ़ गई कि छात्रनेता ने कर्मचारी को थप्पड़ जड़ दिया। दोनों पक्षों में हुई हाथापाई
इसके बाद दोनों तरफ से हाथापाई और मारपीट शुरू हो गई। मौके पर मौजूद दूसरे कर्मचारियों ने बीच-बचाव करके जैसे-तैसे मामले को शांत कराया। इस घटना की खबर मिलते ही यूनिवर्सिटी के बाकी कर्मचारी भड़क गए। उन्होंने एकजुट होकर एक-एक कर सभी विभाग बंद करा दिया और बड़ी संख्या में कुलपति ऑफिस पहुंच गए। सुरक्षा की मांग की
कर्मचारियों ने कुलपति से मुलाकात करके कैंपस और ऑफिस में अपनी सुरक्षा की मांग की। कर्मचारियों का आरोप है कि परीक्षा विभाग के कर्मी को पहले पीटा गया और बाद में उल्टा उसी से माफी भी मंगवाई गई। इस पूरे विरोध प्रदर्शन के दौरान रामेश्वर पांडेय, महेंद्र नाथ सिंह, मनीष तिवारी और राज बहादुर सिंह गौतम जैसे कर्मचारी नेता मौजूद रहे। मामले को लेकर संयुक्त कर्मचारी संघर्ष समिति ने शनिवार को सभी कर्मचारियों को एक जगह इकट्ठा होने के लिए कहा है, जहां आगे की रणनीति तय होगी।


