सहारनपुर के कोतवाली देहात क्षेत्र के गांव सरकड़ी शेख निवासी एक महिला ने अपने पूर्व पति, उसके परिजनों और भाभी पर गंभीर आरोप लगाते हुए डीआईजी को प्रार्थना पत्र दिया। जिसके बाद मुकदमा दर्ज हुआ है है। महिला का आरोप है कि पति के अपनी भाभी के साथ कथित अवैध संबंधों का विरोध करने पर उसे प्रताड़ित किया गया, तीन तलाक दिलवाया गया और तयशुदा खर्चा व सामान भी नहीं लौटाया गया। पीड़ित रुबी पत्नी नौशाद ने बताया कि उसकी शादी करीब 13 वर्ष पहले मुस्लिम रीति-रिवाज से नौशाद निवासी हरदेवनगर रामदासपुर उर्फ नागल के साथ हुई थी। शादी के बाद से ही पति का व्यवहार उसके प्रति ठीक नहीं था और वह अक्सर मारपीट करता था। इस दौरान उनके दो बच्चे भी हुए, लेकिन हालात नहीं बदले। महिला का आरोप है कि उसने अपने पति नौशाद को उसकी भाभी नर्गिस के साथ आपत्तिजनक स्थिति में देख लिया था। इसकी जानकारी ससुराल पक्ष को देने पर कार्रवाई करने के बजाय उसे ही गाली-गलौज और मारपीट का सामना करना पड़ा। आरोप है कि इसके बाद ससुराल पक्ष के दबाव में उसे तीन तलाक दिला दिया गया। रुबी के अनुसार, तलाक के बाद हुए समझौते में उसे तीन माह बाद दो लाख रुपये देने, फरवरी से मई 2026 तक पांच हजार रुपये प्रतिमाह खर्चा देने और उसका सामान वापस करने पर सहमति बनी थी। लेकिन आरोप है कि न तो उसे कोई रकम दी गई और न ही उसका सामान लौटाया गया। महिला ने यह भी आरोप लगाया कि कुछ समय पहले उसका पूर्व पति अपनी भाभी नर्गिस को लेकर घर से चला गया और उसके मायके में रहने लगा। जब उसने इस बारे में परिवार के अन्य लोगों को बताया तो उसे ही दोषी ठहराया गया। प्रार्थना पत्र में कहा गया है कि 5 मई 2026 को वह अपने दोनों बच्चों के भरण-पोषण के लिए खर्च मांगने हरौड़ा स्थित घर पहुंची थी। वहां नर्गिस से पति को बुलाने की बात कहने पर विवाद हो गया। आरोप है कि इसी दौरान नौशाद भी वहां पहुंच गया और गाली-गलौज करते हुए उसके साथ मारपीट की। महिला का कहना है कि पूर्व पति ने कहा कि वह उसे कोई खर्च नहीं देगा और चाकू लेकर उसके पीछे दौड़ पड़ा। किसी तरह जान बचाकर वह वहां से निकल सकी। पीड़िता ने डीआईजी से आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर कानूनी कार्रवाई करने, बच्चों के भरण-पोषण के लिए खर्च दिलाने तथा उसका सामान वापस दिलाने की मांग की है। हालांकि डीआईजी के आदेश पर मुकदमा दर्ज हो गया है। मामले में पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।


