दरभंगा में विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर जिला गंगा समिति की ओर से “एक पेड़ माँ के नाम” अभियान के तहत पौधारोपण और पर्यावरण संरक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान जिले के विभिन्न सरकारी परिसरों में पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण और हरित विकास का संदेश दिया गया। कलेक्ट्रेट परिसर में आयोजित कार्यक्रम में जिला पदाधिकारी कौशल कुमार ने पौधारोपण किया। उन्होंने कहा कि विश्व पर्यावरण दिवस हमें प्रकृति के प्रति अपनी जिम्मेदारियों का स्मरण कराता है। प्रत्येक नागरिक को पर्यावरण संरक्षण को अपने जीवन की आदत बनाना चाहिए। उन्होंने कहा कि वृक्षारोपण केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के प्रति हमारी जिम्मेदारी है। अधिक से अधिक पौधे लगाने के साथ उनके संरक्षण पर भी विशेष ध्यान देना होगा। कैडेट्स की सक्रिय भागीदारी की सराहना डीएम ने युवाओं और एनसीसी कैडेट्स की सक्रिय भागीदारी की सराहना करते हुए कहा कि उनकी ऊर्जा और जागरूकता पर्यावरण संरक्षण के जन आंदोलन को और अधिक मजबूत बनाएगी। विकास भवन परिसर में उप विकास आयुक्त स्वप्निल ने पौधारोपण करते हुए कहा कि सतत विकास और पर्यावरण संरक्षण एक-दूसरे के पूरक हैं। आर्थिक और सामाजिक विकास तभी सार्थक है जब वह पर्यावरणीय संतुलन के साथ आगे बढ़े। उन्होंने कहा कि वृक्षारोपण हरित आवरण बढ़ाने के साथ जल संरक्षण, जैव विविधता संवर्धन और प्रदूषण नियंत्रण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। “एक पेड़ माँ के नाम” अभियान प्रकृति और परिवार के प्रति जिम्मेदारियों को जोड़ने वाला प्रेरणादायक प्रयास है। जिला गंगा समिति के जिला परियोजना पदाधिकारी फारूक इमाम ने कहा कि गंगा और उसकी सहायक नदियों के संरक्षण के साथ वृक्षारोपण, स्वच्छता और जनजागरूकता जैसे प्रयास पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने युवाओं की भागीदारी को प्रेरणादायक बताया। कार्यक्रम में 70 से अधिक युवा स्वयंसेवकों ने भाग लिया। विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर जिला एवं सत्र न्यायालय परिसर में भी पौधारोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया। प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकार अजय कुमार शर्मा ने न्यायिक पदाधिकारियों, अधिवक्ताओं एवं न्यायालय कर्मियों के साथ वृक्षारोपण किया। प्रधान जिला जज ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण के लिए हर व्यक्ति को सकारात्मक पहल करनी होगी। विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर मिथिला वन प्रमंडल की ओर से स्थानीय प्रेक्षागृह (ऑडिटोरियम) परिसर में वृक्षारोपण और पर्यावरण जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारियों, वन विभाग के कर्मियों, विद्यार्थियों एवं पर्यावरण प्रेमियों ने भाग लेकर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। इस अवसर पर विधायकों ने कहा कि बढ़ते प्रदूषण और ग्लोबल वार्मिंग की चुनौतियों से निपटने के लिए बड़े पैमाने पर वृक्षारोपण आवश्यक है। उन्होंने लोगों से अधिक से अधिक पौधे लगाने और पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने वाली वस्तुओं के उपयोग को कम करने का आह्वान किया। विशेष रूप से एकल-उपयोग प्लास्टिक के प्रयोग पर रोक लगाने और उसके स्थान पर कपड़े और कागज से बने उत्पादों के उपयोग पर बल दिया गया। दरभंगा में विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर जिला गंगा समिति की ओर से “एक पेड़ माँ के नाम” अभियान के तहत पौधारोपण और पर्यावरण संरक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान जिले के विभिन्न सरकारी परिसरों में पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण और हरित विकास का संदेश दिया गया। कलेक्ट्रेट परिसर में आयोजित कार्यक्रम में जिला पदाधिकारी कौशल कुमार ने पौधारोपण किया। उन्होंने कहा कि विश्व पर्यावरण दिवस हमें प्रकृति के प्रति अपनी जिम्मेदारियों का स्मरण कराता है। प्रत्येक नागरिक को पर्यावरण संरक्षण को अपने जीवन की आदत बनाना चाहिए। उन्होंने कहा कि वृक्षारोपण केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के प्रति हमारी जिम्मेदारी है। अधिक से अधिक पौधे लगाने के साथ उनके संरक्षण पर भी विशेष ध्यान देना होगा। कैडेट्स की सक्रिय भागीदारी की सराहना डीएम ने युवाओं और एनसीसी कैडेट्स की सक्रिय भागीदारी की सराहना करते हुए कहा कि उनकी ऊर्जा और जागरूकता पर्यावरण संरक्षण के जन आंदोलन को और अधिक मजबूत बनाएगी। विकास भवन परिसर में उप विकास आयुक्त स्वप्निल ने पौधारोपण करते हुए कहा कि सतत विकास और पर्यावरण संरक्षण एक-दूसरे के पूरक हैं। आर्थिक और सामाजिक विकास तभी सार्थक है जब वह पर्यावरणीय संतुलन के साथ आगे बढ़े। उन्होंने कहा कि वृक्षारोपण हरित आवरण बढ़ाने के साथ जल संरक्षण, जैव विविधता संवर्धन और प्रदूषण नियंत्रण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। “एक पेड़ माँ के नाम” अभियान प्रकृति और परिवार के प्रति जिम्मेदारियों को जोड़ने वाला प्रेरणादायक प्रयास है। जिला गंगा समिति के जिला परियोजना पदाधिकारी फारूक इमाम ने कहा कि गंगा और उसकी सहायक नदियों के संरक्षण के साथ वृक्षारोपण, स्वच्छता और जनजागरूकता जैसे प्रयास पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने युवाओं की भागीदारी को प्रेरणादायक बताया। कार्यक्रम में 70 से अधिक युवा स्वयंसेवकों ने भाग लिया। विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर जिला एवं सत्र न्यायालय परिसर में भी पौधारोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया। प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकार अजय कुमार शर्मा ने न्यायिक पदाधिकारियों, अधिवक्ताओं एवं न्यायालय कर्मियों के साथ वृक्षारोपण किया। प्रधान जिला जज ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण के लिए हर व्यक्ति को सकारात्मक पहल करनी होगी। विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर मिथिला वन प्रमंडल की ओर से स्थानीय प्रेक्षागृह (ऑडिटोरियम) परिसर में वृक्षारोपण और पर्यावरण जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारियों, वन विभाग के कर्मियों, विद्यार्थियों एवं पर्यावरण प्रेमियों ने भाग लेकर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। इस अवसर पर विधायकों ने कहा कि बढ़ते प्रदूषण और ग्लोबल वार्मिंग की चुनौतियों से निपटने के लिए बड़े पैमाने पर वृक्षारोपण आवश्यक है। उन्होंने लोगों से अधिक से अधिक पौधे लगाने और पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने वाली वस्तुओं के उपयोग को कम करने का आह्वान किया। विशेष रूप से एकल-उपयोग प्लास्टिक के प्रयोग पर रोक लगाने और उसके स्थान पर कपड़े और कागज से बने उत्पादों के उपयोग पर बल दिया गया।


