जनता दरबार में 68 मामलों की सुनवाई:अररिया में जिलाधिकारी ने तुरंत निपटारे के दिए निर्देश

जनता दरबार में 68 मामलों की सुनवाई:अररिया में जिलाधिकारी ने तुरंत निपटारे के दिए निर्देश

अररिया समाहरणालय स्थित परमान सभागार में शुक्रवार को जनता दरबार का आयोजन किया गया। जिला पदाधिकारी (डीएम) विनोद दूहन की अध्यक्षता में हुए इस जनता दरबार में जिले के विभिन्न प्रखंडों से आए आम नागरिकों की समस्याओं और शिकायतों की सुनवाई हुई। यह कार्यक्रम “सात निश्चय 3.0” के अंतर्गत संचालित “सबका सम्मान–जीवन आसान” पहल का हिस्सा था। जनता दरबार में कुल 68 मामलों की सुनवाई की गई। जिलाधिकारी ने संबंधित विभागीय अधिकारियों को सभी मामलों का त्वरित, निष्पक्ष और प्रभावी निष्पादन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।सुनवाई के दौरान कई महत्वपूर्ण शिकायतें सामने आईं। कुर्साकांटा प्रखंड के डहुआबाड़ी निवासी मो. अली कलाम ने सरकारी जमीन को ग्रामीणों द्वारा बेचे जाने की शिकायत दर्ज कराई। केवाला भूमि को फर्जी व्यक्ति खड़ा कर बेच दिए जाने का आरोप वहीं, जोकीहाट प्रखंड अंतर्गत चिल्हहनियां पंचायत के मलहारिया गांव के ग्रामीणों ने सामूहिक आवेदन देकर स्वास्थ्य उपकेंद्र की भूमि को अतिक्रमण से बचाने और उसके नियमित संचालन की मांग की। भूमि संबंधी अन्य शिकायतों में रानीगंज प्रखंड के खरहट बारमोतरा निवासी कौशल्या देवी ने अपनी खरीदी गई केवाला भूमि को फर्जी व्यक्ति खड़ा कर बेच दिए जाने का आरोप लगाया। कुर्साकांटा प्रखंड के लक्ष्मीपुर निवासी जयनारायण पासवान ने लाल कार्ड की जमीन पर दखल-कब्जा दिलाने का अनुरोध किया, जबकि नरपतगंज के गोखलापुर निवासी योगधार राम ने जमाबंदी में हुई प्रविष्टि त्रुटियों को सुधारने हेतु आवेदन दिया। बड़ेपारा निवासी राजेंद्र ऋषिदेव ने भूमि बंदोबस्ती की मांग की। शिकायत करते हुए मामले की जांच कराने की मांग की इसके अतिरिक्त, रानीगंज प्रखंड के गोपालपुर परिहर निवासी मो. सब्बीर बासित ने पर्चा निर्गत करने का अनुरोध किया और तिलकोबाड़ी निवासी उजलेफा खातून ने भूमि नामांतरण की प्रक्रिया पर रोक लगाने की मांग की। भगत टोला निवासी गोपी लाल ने रैयती भूमि को नियमों के विरुद्ध अयोग्य व्यक्तियों एवं ट्रस्ट के नाम किए जाने की शिकायत करते हुए मामले की जांच कराने की मांग की। नगर परिषद अररिया के वार्ड संख्या-17 में लगभग चार माह पूर्व निर्मित सड़क के निर्माण कार्य में अनियमितता बरते जाने की शिकायत भी दर्ज की गई। जनता दरबार के समापन पर, जिलाधिकारी ने सभी संबंधित विभागीय अधिकारियों को पुनः निर्देश दिया कि प्राप्त आवेदनों का गंभीरतापूर्वक संज्ञान लिया जाए और निर्धारित समय-सीमा के भीतर उनका निष्पादन सुनिश्चित किया जाए, ताकि आम लोगों को त्वरित न्याय और राहत मिल सके। अररिया समाहरणालय स्थित परमान सभागार में शुक्रवार को जनता दरबार का आयोजन किया गया। जिला पदाधिकारी (डीएम) विनोद दूहन की अध्यक्षता में हुए इस जनता दरबार में जिले के विभिन्न प्रखंडों से आए आम नागरिकों की समस्याओं और शिकायतों की सुनवाई हुई। यह कार्यक्रम “सात निश्चय 3.0” के अंतर्गत संचालित “सबका सम्मान–जीवन आसान” पहल का हिस्सा था। जनता दरबार में कुल 68 मामलों की सुनवाई की गई। जिलाधिकारी ने संबंधित विभागीय अधिकारियों को सभी मामलों का त्वरित, निष्पक्ष और प्रभावी निष्पादन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।सुनवाई के दौरान कई महत्वपूर्ण शिकायतें सामने आईं। कुर्साकांटा प्रखंड के डहुआबाड़ी निवासी मो. अली कलाम ने सरकारी जमीन को ग्रामीणों द्वारा बेचे जाने की शिकायत दर्ज कराई। केवाला भूमि को फर्जी व्यक्ति खड़ा कर बेच दिए जाने का आरोप वहीं, जोकीहाट प्रखंड अंतर्गत चिल्हहनियां पंचायत के मलहारिया गांव के ग्रामीणों ने सामूहिक आवेदन देकर स्वास्थ्य उपकेंद्र की भूमि को अतिक्रमण से बचाने और उसके नियमित संचालन की मांग की। भूमि संबंधी अन्य शिकायतों में रानीगंज प्रखंड के खरहट बारमोतरा निवासी कौशल्या देवी ने अपनी खरीदी गई केवाला भूमि को फर्जी व्यक्ति खड़ा कर बेच दिए जाने का आरोप लगाया। कुर्साकांटा प्रखंड के लक्ष्मीपुर निवासी जयनारायण पासवान ने लाल कार्ड की जमीन पर दखल-कब्जा दिलाने का अनुरोध किया, जबकि नरपतगंज के गोखलापुर निवासी योगधार राम ने जमाबंदी में हुई प्रविष्टि त्रुटियों को सुधारने हेतु आवेदन दिया। बड़ेपारा निवासी राजेंद्र ऋषिदेव ने भूमि बंदोबस्ती की मांग की। शिकायत करते हुए मामले की जांच कराने की मांग की इसके अतिरिक्त, रानीगंज प्रखंड के गोपालपुर परिहर निवासी मो. सब्बीर बासित ने पर्चा निर्गत करने का अनुरोध किया और तिलकोबाड़ी निवासी उजलेफा खातून ने भूमि नामांतरण की प्रक्रिया पर रोक लगाने की मांग की। भगत टोला निवासी गोपी लाल ने रैयती भूमि को नियमों के विरुद्ध अयोग्य व्यक्तियों एवं ट्रस्ट के नाम किए जाने की शिकायत करते हुए मामले की जांच कराने की मांग की। नगर परिषद अररिया के वार्ड संख्या-17 में लगभग चार माह पूर्व निर्मित सड़क के निर्माण कार्य में अनियमितता बरते जाने की शिकायत भी दर्ज की गई। जनता दरबार के समापन पर, जिलाधिकारी ने सभी संबंधित विभागीय अधिकारियों को पुनः निर्देश दिया कि प्राप्त आवेदनों का गंभीरतापूर्वक संज्ञान लिया जाए और निर्धारित समय-सीमा के भीतर उनका निष्पादन सुनिश्चित किया जाए, ताकि आम लोगों को त्वरित न्याय और राहत मिल सके।  

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