2027 विधानसभा चुनाव से पहले युवाओं को साधने और रोजगार के मोर्चे पर बड़ा संदेश देने के लिए योगी सरकार ने पूरी ताकत झोंक दी है। उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UPSSSC) के जरिए अलग-अलग विभागों में 38 हजार से ज्यादा पदों पर भर्ती प्रक्रिया पूरी करके राजनीतिक माहौल बनाने की तैयारी है। आयोग ने मार्च, 2026 तक 115 विभागों में 23 हजार 668 पदों के लिए परीक्षा और इंटरव्यू पूरा कर लिया है। वहीं, जून से सितंबर के बीच 48 विभागों में 10 हजार 445 पदों पर परीक्षा और इंटरव्यू की तारीखें तय कर दी गई हैं। इसके अलावा विभिन्न विभागों में 3685 पदों पर भर्ती के लिए वर्तमान में एप्लिकेशन फॉर्म भरे जा रहे हैं, जबकि आने वाले कुछ ही दिनों में करीब 10 हजार नए पदों पर बंपर भर्तियां आने की पूरी संभावना है।
लोकसभा चुनाव के खराब रिजल्ट के बाद भर्तियां बढ़ीं
मुख्य रूप से ग्रुप-सी के पदों पर होने वाली इन भर्तियों की रफ्तार में 2024 लोकसभा चुनाव के बाद तेजी आई है। दरअसल, लोकसभा चुनाव से पहले तमाम सरकारी विभागों की ओर से खाली पदों के प्रस्ताव आयोग को नहीं भेजे जा रहे थे। चुनाव में उम्मीद के मुताबिक परिणाम न मिलने के बाद जब समीक्षा की गई, तो बेरोजगारी और पेपर लीक युवाओं की नाराजगी के सबसे बड़े मुद्दे बनकर सामने आए। इसके बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सभी विभागों को खाली पदों पर भर्ती के प्रस्ताव तत्काल आयोग को भेजने के निर्देश दिए। सीएम के इसी एक्शन मोड का असर है कि अब विभागों से लगातार प्रस्ताव भेजे जा रहे हैं और सरकार चुनाव से पहले इन 38 हजार पदों को भरकर युवाओं के बीच अपनी पकड़ मजबूत करने की तैयारी में है। रोजगार के जरिए युवाओं को साधने की तैयारी
सीनियर जर्नलिस्ट आनंद राय का मानना है कि सरकार मिशन रोजगार के जरिए युवाओं को साधने की कोशिश कर रही है। लोकसभा चुनाव के बाद जिस प्रकार विपक्ष ने सरकार के खिलाफ माहौल बनाया था, उसे ठीक करने की पूरी कोशिश हो रही है। सीएम योगी हर महीने नियुक्ति-पत्र वितरण समारोह कर रहे हैं। यूपी लोक सेवा आयोग, UPSSSC, शिक्षा सेवा चयन आयोग और पुलिस भर्ती बोर्ड लगातार वैकेंसी निकाल रहा है। 9 लाख सरकारी भर्तियां पहले नहीं हुई
सीनियर जर्नलिस्ट वीरेंद्रनाथ भट्ट मानते हैं कि बीते 20 सालों में इतनी भर्तियां किसी सरकार ने नहीं की हैं। योगी सरकार नौ साल में 9 लाख पदों पर भर्ती का दावा कर रही है। विभिन्न भर्ती आयोग के जरिए करीब डेढ़ लाख पदों पर भर्तियां निकली हुई हैं। सरकारी विभागों में पद भरने से एक ओर दफ्तरों में कामकाज आसान होता है, वहीं युवाओं को रोजगार मिलने से सत्तारूढ़ दल के लिए माहौल भी बनता है। भर्ती समय से पूरी कराना आयोग के लिए चुनौती
जानकार बताते हैं कि लंबे समय बाद आयोग की ओर से लगातार भर्तियां निकाली जा रही हैं। आयोग ने 2 जून को भर्ती परीक्षा और इंटरव्यू का कैलेंडर जारी किया है। हालांकि, समय पर परीक्षा और इंटरव्यू कराकर परिणाम जारी करना आयोग के लिए चुनौती है। इसकी वजह है कि आयोग में कर्मचारियों की संख्या कम है। आयोग में सदस्यों के 8 में से 5 पद खाली हैंं। इस वजह से इंटरव्यू पूरे होने में समय लगता है। कर्मचारियों की कमी के कारण दस्तावेजों के वैरिफिकेशन में भी देरी होती है। हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में भर्ती प्रक्रिया को चुनौती दिए जाने से बचाना भी आयोग के लिए एक कठिन परीक्षा होगी। ————————————- पूरी खबर पढ़ें… यूपी में इस साल डेढ़ लाख भर्तियां होंगी:पुलिस में 80 हजार, शिक्षा विभाग में 50 हजार पद; 10 साल में 10 लाख नौकरी का टारगेट यूपी सरकार ने इस साल डेढ़ लाख युवाओं को नौकरी देने का टारगेट रखा है। पुलिस विभाग में करीब 80 हजार, शिक्षा विभाग में 50 हजार भर्ती हो सकती हैं। इसके अलावा राजस्व, मेडिकल, न्याय, महिला एवं बाल विकास विभाव में भर्तियां प्रस्तावित हैं। कई भर्तियों के विज्ञापन भी सामने आ गए हैं। ‘सरकार 10 साल में 10 लाख नौकरी’ का लक्ष्य हासिल करना चाहती है। पूरी खबर पढ़ें…


