कैमूर साइबर थाना पुलिस ने ऑनलाइन धोखाधड़ी के एक मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए पीड़ित अविनाश कुमार के 4.10 लाख रुपये वापस करा दिए हैं। यह राशि ऑनलाइन व्यापारिक धोखाधड़ी के माध्यम से ठगी गई थी। मोहनिया थाना क्षेत्र के ग्राम केकड़ा (पोस्ट रूपपुर) निवासी अविनाश कुमार, राजेंद्र सिंह के पुत्र हैं। उनके साथ 4 लाख 10 हजार रुपये की ऑनलाइन व्यापारिक धोखाधड़ी हुई थी। धोखाधड़ी का शिकार होते ही अविनाश ने तुरंत राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज कराई। इसके बाद यह मामला कैमूर साइबर थाने को हस्तांतरित किया गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए, साइबर सेल ने तत्काल तकनीकी जांच शुरू की। पुलिस ने समय रहते ठगों के बैंक खातों को फ्रीज करा दिया। परिणामस्वरूप, 3 जून 2026 को पीड़ित की पूरी राशि उनके खाते में सुरक्षित वापस आ गई। इस सफलता के बाद, साइबर डीएसपी भभुआ नीतू सिंह ने आम जनता से ऑनलाइन धोखाधड़ी के प्रति सतर्क रहने की अपील की है। उन्होंने कहा कि किसी भी अनजान नंबर से कॉल या मैसेज आने पर संदेह होने पर कोई भी वित्तीय लेनदेन न करें और अनजान खातों में सीधे पैसे ट्रांसफर करने से बचें। पुलिस ने यह भी जोर देकर कहा कि यदि अनजाने में कोई साइबर धोखाधड़ी का शिकार हो जाता है, तो बिना समय गंवाए राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर तुरंत सूचना दें। समय पर जानकारी मिलने से अपराधियों के खाते ब्लॉक किए जा सकते हैं और ठगी गई राशि को बचाया जा सकता है। कैमूर साइबर थाना पुलिस ने ऑनलाइन धोखाधड़ी के एक मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए पीड़ित अविनाश कुमार के 4.10 लाख रुपये वापस करा दिए हैं। यह राशि ऑनलाइन व्यापारिक धोखाधड़ी के माध्यम से ठगी गई थी। मोहनिया थाना क्षेत्र के ग्राम केकड़ा (पोस्ट रूपपुर) निवासी अविनाश कुमार, राजेंद्र सिंह के पुत्र हैं। उनके साथ 4 लाख 10 हजार रुपये की ऑनलाइन व्यापारिक धोखाधड़ी हुई थी। धोखाधड़ी का शिकार होते ही अविनाश ने तुरंत राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज कराई। इसके बाद यह मामला कैमूर साइबर थाने को हस्तांतरित किया गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए, साइबर सेल ने तत्काल तकनीकी जांच शुरू की। पुलिस ने समय रहते ठगों के बैंक खातों को फ्रीज करा दिया। परिणामस्वरूप, 3 जून 2026 को पीड़ित की पूरी राशि उनके खाते में सुरक्षित वापस आ गई। इस सफलता के बाद, साइबर डीएसपी भभुआ नीतू सिंह ने आम जनता से ऑनलाइन धोखाधड़ी के प्रति सतर्क रहने की अपील की है। उन्होंने कहा कि किसी भी अनजान नंबर से कॉल या मैसेज आने पर संदेह होने पर कोई भी वित्तीय लेनदेन न करें और अनजान खातों में सीधे पैसे ट्रांसफर करने से बचें। पुलिस ने यह भी जोर देकर कहा कि यदि अनजाने में कोई साइबर धोखाधड़ी का शिकार हो जाता है, तो बिना समय गंवाए राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर तुरंत सूचना दें। समय पर जानकारी मिलने से अपराधियों के खाते ब्लॉक किए जा सकते हैं और ठगी गई राशि को बचाया जा सकता है।


