औरैया में राजस्व न्यायालयों में व्याप्त भ्रष्टाचार और प्रशासनिक तानाशाही के खिलाफ राजस्व अधिवक्ता एसोसिएशन का आंदोलन निर्णायक मोड़ पर पहुंच गया है। अपनी 10 सूत्रीय मांगों को लेकर अधिवक्ताओं की हड़ताल आज 25वें दिन भी जारी रही। यह आंदोलन तब और तेज हो गया जब राजस्व अधिवक्ता एसोसिएशन के आह्वान पर जिला बार एसोसिएशन औरैया, तहसील बार एसोसिएशन अजीतमल और तहसील बार एसोसिएशन बिधूना सहित जनपद के सभी अधिवक्ता संघों ने कार्य बहिष्कार कर अपना पूर्ण समर्थन दिया। इस अभूतपूर्व एकजुटता के कारण कलेक्ट्रेट से लेकर जिला न्यायालय और तहसीलों तक न्यायिक, प्रशासनिक और बैनामा संबंधी कामकाज पूरी तरह ठप रहा। शुक्रवार जिला बार एसोसिएशन के महामंत्री अजय कुमार पाल के नेतृत्व में अधिवक्ताओं के एक प्रतिनिधिमंडल ने जिलाधिकारी से मुलाकात की। राजस्व अधिवक्ता एसोसिएशन के महामंत्री हरिभानु अवस्थी ने आंदोलन को लेकर कड़ा रुख अपनाते हुए एक बड़ा ऐलान किया है। उन्होंने बताया कि प्रशासन की हठधर्मिता के खिलाफ आगामी शनिवार को एक विशाल महापंचायत बुलाई गई है। इस महापंचायत में जनपद के सभी बार एसोसिएशनों के पदाधिकारी और अधिवक्ता शामिल होंगे, जहां आंदोलन को और उग्र तथा व्यापक बनाने की रणनीति तैयार की जाएगी। अधिवक्ता संघ के पदाधिकारियों ने संयुक्त रूप से कहा कि यह लड़ाई सिर्फ राजस्व अधिवक्ताओं की नहीं, बल्कि पीड़ित समाज और न्याय व्यवस्था को पारदर्शी बनाने की है। उन्होंने कहा कि 25 दिनों से अधिवक्ता शांतिपूर्ण ढंग से अपनी आवाज उठा रहे हैं, लेकिन प्रशासन की हठधर्मिता दुर्भाग्यपूर्ण है। शनिवार की महापंचायत से आर-पार की लड़ाई का शंखनाद होगा। सभी संघों के पदाधिकारियों ने प्रशासन को चेतावनी दी कि यदि शनिवार से पहले उनकी मांगों पर संवेदनशील विचार कर सकारात्मक कदम नहीं उठाए गए, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा जिसकी पूरी जिम्मेदारी जिला प्रशासन की होगी।


