मेरठ के चर्चित सौरभ राजपूत हत्याकांड की सुनवाई गुरुवार को जिला जज अरविंद कुमार मिश्र की अदालत में जारी रही। अभियोजन पक्ष ने घटना से जुड़े महत्वपूर्ण गवाहों के बयान और साक्ष्यों को क्रमवार अदालत के समक्ष प्रस्तुत किया। अदालत में हत्या की साजिश से लेकर शव को ठिकाने लगाने तक की पूरी घटनाक्रम श्रृंखला पर विस्तार से बहस की गई। अभियोजन की ओर से जिला शासकीय अधिवक्ता (फौजदारी) केके चौबे ने पक्ष रखते हुए अदालत को मामले से जुड़े विभिन्न गवाहों के बयान पढ़कर सुनाए। सुनवाई के दौरान मृतक सौरभ राजपूत की मां रेनू राजपूत के बयान पर विशेष रूप से चर्चा हुई। इसके अलावा सौरभ के करीबी मित्र द्वारा दिए गए बयान भी अदालत में प्रस्तुत किए गए, जिन्हें अभियोजन ने मामले की महत्वपूर्ण कड़ी बताया। सुनवाई के दौरान उस व्यक्ति का बयान भी अदालत के समक्ष रखा गया, जिससे आरोपियों ने कथित तौर पर ड्रम खरीदा था। अभियोजन का दावा है कि इसी ड्रम का इस्तेमाल हत्या के बाद शव को छिपाने के लिए किया गया था। अदालत में प्रस्तुत तथ्यों और बयानों के माध्यम से अभियोजन पक्ष ने पूरे घटनाक्रम को सिलसिलेवार ढंग से रखने का प्रयास किया। करीब एक घंटे चली सुनवाई के बाद अदालत ने मामले की अगली सुनवाई शुक्रवार के लिए निर्धारित कर दी। बताया जा रहा है कि मुकदमे में बहस अंतिम चरण में पहुंच चुकी है और जल्द ही सुनवाई पूरी होने की संभावना है। गौरतलब है कि ब्रह्मपुरी क्षेत्र निवासी मुस्कान रस्तोगी और सौरभ राजपूत ने वर्ष 2016 में प्रेम विवाह किया था। बाद में पारिवारिक जीवन के दौरान मुस्कान की नजदीकियां उसके परिचित साहिल से बढ़ गईं। आरोप है कि दोनों ने मिलकर सौरभ की हत्या की साजिश रची। हत्या के बाद शव के टुकड़े कर ड्रम में भर दिए गए। इसके बाद ड्रम को सीमेंट से सील कर साक्ष्य मिटाने का प्रयास किया गया। मामले का खुलासा होने के बाद पुलिस ने मुस्कान और साहिल को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। दोनों आरोपियों की अदालत में पेशी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से कराई जा रही है। लगातार चल रही सुनवाई के बीच माना जा रहा है कि इस बहुचर्चित मामले में अदालत का फैसला जल्द सामने आ सकता है, जिस पर पूरे जिले की नजरें टिकी हुई हैं।


