दरभंगा जिले में एलपीजी गैस की उपलब्धता और वितरण व्यवस्था पूरी तरह सामान्य बनी हुई है। जिला प्रशासन ने उपभोक्ताओं को आश्वस्त करते हुए कहा है कि जिले में पर्याप्त मात्रा में गैस सिलेंडर उपलब्ध हैं और सभी गैस एजेंसियों के माध्यम से नियमित आपूर्ति की जा रही है। एक दिन में 10,721 सिलेंडरों का हुआ वितरण जिला आपूर्ति विभाग के अनुसार, गुरुवार को जिले की 75 गैस एजेंसियों द्वारा कुल 10,721 एलपीजी सिलेंडरों का वितरण किया गया। इनमें दरभंगा सदर अनुमंडल में 8,390, बेनीपुर अनुमंडल में 558 तथा बिरौल अनुमंडल में 1,773 सिलेंडर उपभोक्ताओं तक पहुंचाए गए। वितरण के बाद भी एजेंसियों के गोदामों में 10,239 सिलेंडर उपलब्ध हैं। 5 जून को 21,540 सिलेंडर वितरण का लक्ष्य विभाग ने 5 जून के लिए जिले में 21,540 एलपीजी सिलेंडरों के वितरण का लक्ष्य निर्धारित किया है। इसके तहत दरभंगा सदर अनुमंडल में 13,752, बेनीपुर में 1,993 और बिरौल अनुमंडल में 5,795 सिलेंडरों की आपूर्ति की जाएगी। गैस एजेंसियों का हुआ औचक निरीक्षण एलपीजी वितरण व्यवस्था की निगरानी के लिए प्रशासन के वरीय अधिकारियों ने छह गैस एजेंसियों और एक अन्य स्थान का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान वितरण प्रक्रिया, स्टॉक की स्थिति और उपभोक्ताओं को दी जा रही सेवाओं की समीक्षा की गई। बुकिंग के 2 से 3 दिनों में मिल रहा सिलेंडर उप निदेशक जनसंपर्क ने बताया कि शहरी क्षेत्रों में 25 दिनों और ग्रामीण क्षेत्रों में 45 दिनों के अंतराल पर गैस बुकिंग की व्यवस्था है। इसके बावजूद उपभोक्ताओं को बुकिंग के दो से तीन दिनों के भीतर गैस सिलेंडर उपलब्ध कराया जा रहा है। शादी-विवाह एवं अन्य आयोजनों के लिए कमर्शियल गैस सिलेंडरों की आपूर्ति भी सुचारु रूप से जारी है। अनियमितता पर होगी सख्त कार्रवाई जिलाधिकारी ने सभी गैस एजेंसियों को बुकिंग के अनुरूप निर्धारित दर पर होम डिलीवरी सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है। उन्होंने कहा कि एलपीजी वितरण में पारदर्शिता और समयबद्धता बनाए रखना आवश्यक है तथा किसी भी प्रकार की अनियमितता पाए जाने पर संबंधित एजेंसी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने अफवाहों से बचने की अपील की जिला प्रशासन ने उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे गैस की उपलब्धता को लेकर किसी भी प्रकार की अफवाह पर ध्यान न दें। जिले में पर्याप्त मात्रा में एलपीजी उपलब्ध है और आपूर्ति व्यवस्था पूरी तरह सुचारु रूप से संचालित की जा रही है। दरभंगा जिले में एलपीजी गैस की उपलब्धता और वितरण व्यवस्था पूरी तरह सामान्य बनी हुई है। जिला प्रशासन ने उपभोक्ताओं को आश्वस्त करते हुए कहा है कि जिले में पर्याप्त मात्रा में गैस सिलेंडर उपलब्ध हैं और सभी गैस एजेंसियों के माध्यम से नियमित आपूर्ति की जा रही है। एक दिन में 10,721 सिलेंडरों का हुआ वितरण जिला आपूर्ति विभाग के अनुसार, गुरुवार को जिले की 75 गैस एजेंसियों द्वारा कुल 10,721 एलपीजी सिलेंडरों का वितरण किया गया। इनमें दरभंगा सदर अनुमंडल में 8,390, बेनीपुर अनुमंडल में 558 तथा बिरौल अनुमंडल में 1,773 सिलेंडर उपभोक्ताओं तक पहुंचाए गए। वितरण के बाद भी एजेंसियों के गोदामों में 10,239 सिलेंडर उपलब्ध हैं। 5 जून को 21,540 सिलेंडर वितरण का लक्ष्य विभाग ने 5 जून के लिए जिले में 21,540 एलपीजी सिलेंडरों के वितरण का लक्ष्य निर्धारित किया है। इसके तहत दरभंगा सदर अनुमंडल में 13,752, बेनीपुर में 1,993 और बिरौल अनुमंडल में 5,795 सिलेंडरों की आपूर्ति की जाएगी। गैस एजेंसियों का हुआ औचक निरीक्षण एलपीजी वितरण व्यवस्था की निगरानी के लिए प्रशासन के वरीय अधिकारियों ने छह गैस एजेंसियों और एक अन्य स्थान का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान वितरण प्रक्रिया, स्टॉक की स्थिति और उपभोक्ताओं को दी जा रही सेवाओं की समीक्षा की गई। बुकिंग के 2 से 3 दिनों में मिल रहा सिलेंडर उप निदेशक जनसंपर्क ने बताया कि शहरी क्षेत्रों में 25 दिनों और ग्रामीण क्षेत्रों में 45 दिनों के अंतराल पर गैस बुकिंग की व्यवस्था है। इसके बावजूद उपभोक्ताओं को बुकिंग के दो से तीन दिनों के भीतर गैस सिलेंडर उपलब्ध कराया जा रहा है। शादी-विवाह एवं अन्य आयोजनों के लिए कमर्शियल गैस सिलेंडरों की आपूर्ति भी सुचारु रूप से जारी है। अनियमितता पर होगी सख्त कार्रवाई जिलाधिकारी ने सभी गैस एजेंसियों को बुकिंग के अनुरूप निर्धारित दर पर होम डिलीवरी सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है। उन्होंने कहा कि एलपीजी वितरण में पारदर्शिता और समयबद्धता बनाए रखना आवश्यक है तथा किसी भी प्रकार की अनियमितता पाए जाने पर संबंधित एजेंसी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने अफवाहों से बचने की अपील की जिला प्रशासन ने उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे गैस की उपलब्धता को लेकर किसी भी प्रकार की अफवाह पर ध्यान न दें। जिले में पर्याप्त मात्रा में एलपीजी उपलब्ध है और आपूर्ति व्यवस्था पूरी तरह सुचारु रूप से संचालित की जा रही है।


