शूटर गोविंद शर्मा हत्याकांड में दूसरा आरोपी गिरफ्तार:ओंकार के बाद पुलिस ने बाबुल को दरभंगा से पकड़ा, ऑडियो जारी कर मर्डर की ली थी जिम्मेदारी

शूटर गोविंद शर्मा हत्याकांड में दूसरा आरोपी गिरफ्तार:ओंकार के बाद पुलिस ने बाबुल को दरभंगा से पकड़ा, ऑडियो जारी कर मर्डर की ली थी जिम्मेदारी

गोविंद शर्मा हत्याकांड में दूसरे आरोपी बाबुल चौधरी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। गुरुवार देर शाम दरभंगा एयरपोर्ट से बाबुल चौधरी को पकड़ा गया है। बताया जा रहा है कि वो कहीं बाहर जाने की तैयारी में था। इसी बीच पुलिस ने पकड़ लिया। 31 मई की देर रात मर्डर के 12 घंटे बाद एक ऑडियो क्लिप सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। जो कथित तौर पर बाबुल चौधरी का बताया गया था। ऑडियो में बाबुल चौधरी ने हत्याकांड की जिम्मेदारी ली थी। इसके बाद मामले में गोविंद की पत्नी ने एफआईआर में बाबुल चौधरी को भी नामजद किया था। जानिए कौन है बाबुल चौधरी मुजफ्फरपुर में शॉर्प शूटर हत्याकांड की जिम्मेदारी लेने वाले बाबुल चौधरी कभी गोविंद शर्मा के साथ मिलकर रंगदारी, हत्याकांड जैसे मामलों में शामिल रहा था। हत्याकांड की जिम्मेदारी वाला एक ऑडियो भी सामने आया था, जिसे लेकर दावा किया जा रहा है कि ऑडियो बाबुल चौधरी का है, जिसमें वो बता रहा है कि ठेकेदारी, टेंडर और प्रॉपर्टी डिलिंग के काम में गोविंद डिस्टर्ब कर रहा था। अगस्त 2022 में प्रॉपर्टी डीलर विजेंद्र कुमार की ओर से दर्ज कराई गई FIR के मुताबिक, गोविंद के साथ मिलकर बाबुल चौधरी ने 50 लाख रुपए की रंगदारी मांगी थी। इसका जिक्र खुद सामने आए ऑडियो में बाबुल चौधरी ने किया है। बाबुल चौधरी का ये ऑडियो गोविंद शर्मा की हत्या के 12 घंटे बाद सामने आया। हालांकि इस ऑडियो की सत्यता की अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है और पुलिस इसे जांच का विषय मान रही है। अब पढ़िए, सामने आए बाबुल चौधरी के ऑडियो में क्या है मैंने गोविंद को मारा है। वो मुझे मरवाना चाहता था, इसलिए उसको मारे हैं। ठेका-टेंडर और जमीन के काम में डिस्टर्ब कर रहा था। मेरे लोग को परेशान कर रहा था, इसलिए उसे मारे हैं। उसके लिए हम बहुत कुछ किए, लेकिन वो धोखा देकर मुझे मारना चाहता था। पुलिस-प्रशासन से कोई दिक्कत नहीं है, कोई मतलब नहीं है। पुलिस जो कहेगी हम वैसे चलेंगे, लेकिन इसका लोग इधर-उधर करेगा तो उसके लोगों को भी मार देंगे। मंटू शर्मा, ओंमकार सिंह, गोविंद सिंह और मैं प्रॉपर्टी डिलर विजेंद्र कुमार से 50 लाख की रंगदारी मांगने के केस में आरोपी रह चुके हैं। उसके कारण ही मेरे पर केस हुआ था। बहुत दिन उसके चलते परेशान रहा, फरारी काटी। वो दिक्कत कर रहा था, इसलिए मार दिया। वो मेरी हत्या की सेटिंग कर रहा था। कुढ़नी के छाजन का रहने वाला बाबुल चौधरी साल 2018 के पहले से गोविंद शर्मा के साथ जुड़ा रहा था। कहा जा रहा है कि बाबुल एक वक्त में गोविंद शर्मा का करीबी था। बाबुल का नाम पहली बार साल 2022 में मिठनपुरा थाना क्षेत्र में दर्ज 50 लाख रुपए की रंगदारी मांगने के एक मामले में सामने आया था। उस मामले में व्यवसायी विजेंद्र कुमार की ओर से दर्ज प्राथमिकी में गोविंद शर्मा, मंटू शर्मा, ओंकार सिंह और बाबुल चौधरी को नामजद आरोपी बनाया गया था। 3 जून को आरोपी ओंकार को पुलिस ने किया था गिरफ्तार गोविंद शर्मा हत्याकांड में पुलिस ने 3 मई को आरोपी ओंकार सिंह को गिरफ्तार किया था। मुजफ्फरपुर एसएसपी कांतेश मिश्रा ने बताया कि पकड़ा गया आरोपी ओंकार और गोविंद एक ही सिंडिकेट में शामिल थे। दोनों मुजफ्फरपुर में दो हत्याकांड, एक रंगदारी कांड में शामिल भी थे। उन्होंने बताया कि किसी बात को लेकर विवाद के बाद दोनों अलग-अलग हो गए थे। अब तक की जांच में हत्या की जो वजह सामने आई है, वो पहले से चला आ रहा जमीन विवाद, फॉर्च्यूनर एसयूवी को लेकर विवाद सामने आया है। बुधवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में एसएसपी ने बताया कि गोविन्द शर्मा की पत्नी के बयान पर नगर थाना में FIR दर्ज की गई है। एसआईटी की ओर से त्वरित कार्रवाई करते हुए नामजद अभियुक्त ओंकार सिंह की गिरफ्तारी की गई। उन्होंने बताया कि अब तक की जांच में सामने आया है कि आरोपी ओंकार और गोविंद शर्मा ने एक साथ साल 2018 में मुजफ्फरपुर के पूर्व मेयर समीर हत्याकांड, 2023 में आशुतोष शाही हत्याकांड और साल 2022 में प्रॉपर्टी डीलर से 50 लाख रुपए की रंगदारी मांगने की वारदात को अंजाम दिया था। एसएसपी ने बताया कि गोविंद इन तीनों मामलों में ओंकार के साथ सह-अभियुक्त रहा था। उन्होंने बताया कि ओंकार के घर में तलाशी अभियान के दौरान 30 अलग-अलग जमीन के कागजात मिले हैं। इसकी भी जांच की जा रही है। अगर जांच के दौरान कुछ संदिग्ध लगा तो इसकी जांच के लिए ईडी को प्रस्ताव भेजा जाएगा, ताकि पीएमएलए के तहत मामले में कार्रवाई हो सके। हत्याकांड को कैसे अंजाम दिया गया, वाले सवाल पर बोले एसएसपी जब एसएसपी से प्रेस कॉन्फ्रेंस में पूछा गया कि हत्याकांड को कैसे अंजाम दिया गया, इसके जवाब में उन्होंने बताया कि जिस अपार्टमेंट के बेसमेंट में हत्या की वारदात को अंजाम दिया गया, उस अपार्टमेंट के चौथे फ्लोर पर कुछ अपराधी रह रहे थे, अभी संख्या स्पष्ट नहीं है। अपराधियों के कमरे से शराब के दो पैकेट मिले हैं, इस मामले में अलग से मामला दर्ज किया गया है। उन्होंने बताया कि ऐसा प्रतीत हो रहा है कि वहां जो अपराधी रह रहे थे, गोविंद के पहुंचने के बाद बेसमेंट में फायरिंग की घटना हुई। घटनास्थल का फुटेज नहीं मिल पाया है, वहां एक कैमरा लगा था, लेकिन उसमें कुछ रिकॉर्ड नहीं हुआ है। गोविंद की पत्नी अंजली ने जिस महिला की हत्याकांड में शामिल होने की आशंका जताई, उससे जुड़े सवाल पर एसएसपी ने बताया कि अभी कुछ स्पष्ट नहीं है। उन्होंने बताया कि हत्याकांड के बाद एक ऑडियो सोशल मीडिया और मीडिया के साथियों से मिली थी, जिसमें गोविंद हत्याकांड के आरोपी बाबुल चौधरी की आवाज होने की बात कही जा रही थी, उसने हत्या की जिम्मेदारी भी ली थी, इस ऑडियो की फोरेंसिक जांच भी की जाएगी। बेगूसराय के मंझौल का रहने वाला है आरोपी ओंकार आरोपी ओंकार सिंह बेगूसराय के मंझौल थाना क्षेत्र के मंझौल वार्ड नंबर 1 का रहने वाला है। उसके पिता जिला कृषि पदाधिकारी रह चुके हैं। जानकारी के अनुसार विजय सिंह मुजफ्फरपुर में भी जिला कृषि पदाधिकारी रहे हैं। इसी दौरान ही ओंकार मुजफ्फरपुर के चर्चित भू-माफियाओं के सम्पर्क में आया और उसने अपराध जगत में कदम रखा। पुलिस के अनुसार ओकार के मिठनपुरा के पीएन कॉलोनी में रहता है। ओंकार पर प्रॉपर्टी डीलर आशुतोष शाही और उनके तीन बॉडीगार्ड की हत्या का भी आरोप है। 21 जुलाई 2023 को नगर थाना क्षेत्र में हुई इस वारदात में 25 से 30 राउंड फायरिंग की गई थी। इस हत्याकांड के बाद रंजय पर तीन लाख रुपये का इनाम घोषित किया गया था। गोविंद शर्मा हत्याकांड में दूसरे आरोपी बाबुल चौधरी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। गुरुवार देर शाम दरभंगा एयरपोर्ट से बाबुल चौधरी को पकड़ा गया है। बताया जा रहा है कि वो कहीं बाहर जाने की तैयारी में था। इसी बीच पुलिस ने पकड़ लिया। 31 मई की देर रात मर्डर के 12 घंटे बाद एक ऑडियो क्लिप सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। जो कथित तौर पर बाबुल चौधरी का बताया गया था। ऑडियो में बाबुल चौधरी ने हत्याकांड की जिम्मेदारी ली थी। इसके बाद मामले में गोविंद की पत्नी ने एफआईआर में बाबुल चौधरी को भी नामजद किया था। जानिए कौन है बाबुल चौधरी मुजफ्फरपुर में शॉर्प शूटर हत्याकांड की जिम्मेदारी लेने वाले बाबुल चौधरी कभी गोविंद शर्मा के साथ मिलकर रंगदारी, हत्याकांड जैसे मामलों में शामिल रहा था। हत्याकांड की जिम्मेदारी वाला एक ऑडियो भी सामने आया था, जिसे लेकर दावा किया जा रहा है कि ऑडियो बाबुल चौधरी का है, जिसमें वो बता रहा है कि ठेकेदारी, टेंडर और प्रॉपर्टी डिलिंग के काम में गोविंद डिस्टर्ब कर रहा था। अगस्त 2022 में प्रॉपर्टी डीलर विजेंद्र कुमार की ओर से दर्ज कराई गई FIR के मुताबिक, गोविंद के साथ मिलकर बाबुल चौधरी ने 50 लाख रुपए की रंगदारी मांगी थी। इसका जिक्र खुद सामने आए ऑडियो में बाबुल चौधरी ने किया है। बाबुल चौधरी का ये ऑडियो गोविंद शर्मा की हत्या के 12 घंटे बाद सामने आया। हालांकि इस ऑडियो की सत्यता की अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है और पुलिस इसे जांच का विषय मान रही है। अब पढ़िए, सामने आए बाबुल चौधरी के ऑडियो में क्या है मैंने गोविंद को मारा है। वो मुझे मरवाना चाहता था, इसलिए उसको मारे हैं। ठेका-टेंडर और जमीन के काम में डिस्टर्ब कर रहा था। मेरे लोग को परेशान कर रहा था, इसलिए उसे मारे हैं। उसके लिए हम बहुत कुछ किए, लेकिन वो धोखा देकर मुझे मारना चाहता था। पुलिस-प्रशासन से कोई दिक्कत नहीं है, कोई मतलब नहीं है। पुलिस जो कहेगी हम वैसे चलेंगे, लेकिन इसका लोग इधर-उधर करेगा तो उसके लोगों को भी मार देंगे। मंटू शर्मा, ओंमकार सिंह, गोविंद सिंह और मैं प्रॉपर्टी डिलर विजेंद्र कुमार से 50 लाख की रंगदारी मांगने के केस में आरोपी रह चुके हैं। उसके कारण ही मेरे पर केस हुआ था। बहुत दिन उसके चलते परेशान रहा, फरारी काटी। वो दिक्कत कर रहा था, इसलिए मार दिया। वो मेरी हत्या की सेटिंग कर रहा था। कुढ़नी के छाजन का रहने वाला बाबुल चौधरी साल 2018 के पहले से गोविंद शर्मा के साथ जुड़ा रहा था। कहा जा रहा है कि बाबुल एक वक्त में गोविंद शर्मा का करीबी था। बाबुल का नाम पहली बार साल 2022 में मिठनपुरा थाना क्षेत्र में दर्ज 50 लाख रुपए की रंगदारी मांगने के एक मामले में सामने आया था। उस मामले में व्यवसायी विजेंद्र कुमार की ओर से दर्ज प्राथमिकी में गोविंद शर्मा, मंटू शर्मा, ओंकार सिंह और बाबुल चौधरी को नामजद आरोपी बनाया गया था। 3 जून को आरोपी ओंकार को पुलिस ने किया था गिरफ्तार गोविंद शर्मा हत्याकांड में पुलिस ने 3 मई को आरोपी ओंकार सिंह को गिरफ्तार किया था। मुजफ्फरपुर एसएसपी कांतेश मिश्रा ने बताया कि पकड़ा गया आरोपी ओंकार और गोविंद एक ही सिंडिकेट में शामिल थे। दोनों मुजफ्फरपुर में दो हत्याकांड, एक रंगदारी कांड में शामिल भी थे। उन्होंने बताया कि किसी बात को लेकर विवाद के बाद दोनों अलग-अलग हो गए थे। अब तक की जांच में हत्या की जो वजह सामने आई है, वो पहले से चला आ रहा जमीन विवाद, फॉर्च्यूनर एसयूवी को लेकर विवाद सामने आया है। बुधवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में एसएसपी ने बताया कि गोविन्द शर्मा की पत्नी के बयान पर नगर थाना में FIR दर्ज की गई है। एसआईटी की ओर से त्वरित कार्रवाई करते हुए नामजद अभियुक्त ओंकार सिंह की गिरफ्तारी की गई। उन्होंने बताया कि अब तक की जांच में सामने आया है कि आरोपी ओंकार और गोविंद शर्मा ने एक साथ साल 2018 में मुजफ्फरपुर के पूर्व मेयर समीर हत्याकांड, 2023 में आशुतोष शाही हत्याकांड और साल 2022 में प्रॉपर्टी डीलर से 50 लाख रुपए की रंगदारी मांगने की वारदात को अंजाम दिया था। एसएसपी ने बताया कि गोविंद इन तीनों मामलों में ओंकार के साथ सह-अभियुक्त रहा था। उन्होंने बताया कि ओंकार के घर में तलाशी अभियान के दौरान 30 अलग-अलग जमीन के कागजात मिले हैं। इसकी भी जांच की जा रही है। अगर जांच के दौरान कुछ संदिग्ध लगा तो इसकी जांच के लिए ईडी को प्रस्ताव भेजा जाएगा, ताकि पीएमएलए के तहत मामले में कार्रवाई हो सके। हत्याकांड को कैसे अंजाम दिया गया, वाले सवाल पर बोले एसएसपी जब एसएसपी से प्रेस कॉन्फ्रेंस में पूछा गया कि हत्याकांड को कैसे अंजाम दिया गया, इसके जवाब में उन्होंने बताया कि जिस अपार्टमेंट के बेसमेंट में हत्या की वारदात को अंजाम दिया गया, उस अपार्टमेंट के चौथे फ्लोर पर कुछ अपराधी रह रहे थे, अभी संख्या स्पष्ट नहीं है। अपराधियों के कमरे से शराब के दो पैकेट मिले हैं, इस मामले में अलग से मामला दर्ज किया गया है। उन्होंने बताया कि ऐसा प्रतीत हो रहा है कि वहां जो अपराधी रह रहे थे, गोविंद के पहुंचने के बाद बेसमेंट में फायरिंग की घटना हुई। घटनास्थल का फुटेज नहीं मिल पाया है, वहां एक कैमरा लगा था, लेकिन उसमें कुछ रिकॉर्ड नहीं हुआ है। गोविंद की पत्नी अंजली ने जिस महिला की हत्याकांड में शामिल होने की आशंका जताई, उससे जुड़े सवाल पर एसएसपी ने बताया कि अभी कुछ स्पष्ट नहीं है। उन्होंने बताया कि हत्याकांड के बाद एक ऑडियो सोशल मीडिया और मीडिया के साथियों से मिली थी, जिसमें गोविंद हत्याकांड के आरोपी बाबुल चौधरी की आवाज होने की बात कही जा रही थी, उसने हत्या की जिम्मेदारी भी ली थी, इस ऑडियो की फोरेंसिक जांच भी की जाएगी। बेगूसराय के मंझौल का रहने वाला है आरोपी ओंकार आरोपी ओंकार सिंह बेगूसराय के मंझौल थाना क्षेत्र के मंझौल वार्ड नंबर 1 का रहने वाला है। उसके पिता जिला कृषि पदाधिकारी रह चुके हैं। जानकारी के अनुसार विजय सिंह मुजफ्फरपुर में भी जिला कृषि पदाधिकारी रहे हैं। इसी दौरान ही ओंकार मुजफ्फरपुर के चर्चित भू-माफियाओं के सम्पर्क में आया और उसने अपराध जगत में कदम रखा। पुलिस के अनुसार ओकार के मिठनपुरा के पीएन कॉलोनी में रहता है। ओंकार पर प्रॉपर्टी डीलर आशुतोष शाही और उनके तीन बॉडीगार्ड की हत्या का भी आरोप है। 21 जुलाई 2023 को नगर थाना क्षेत्र में हुई इस वारदात में 25 से 30 राउंड फायरिंग की गई थी। इस हत्याकांड के बाद रंजय पर तीन लाख रुपये का इनाम घोषित किया गया था।  

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