आगरा में दो दिन पहले हुई तेज बारिश के बाद बालूगंज में 4 मकान ढह गए थे। हादसे के वक्त घरों में करीब 15 लोग थे। गनीमत रही कि कोई जनहानि नहीं हुई। डीएम मनीष बंसल ने बुधवार को बालूगंज पहुंचकर उस जगह का निरीक्षण किया, जहां नाले पर मकान और स्कूल बना हुआ है। डीएम ने मौके पर पहुंचकर हकीकत देखी तो वे खुद चौंक गए। बेनी सिंह इंटर कॉलेज की बिल्डिंग नाले के ऊपर बनी हुई है। इसके बीचोंबीच में से नाला गुजर रहा है। अब नगर निगम ने 7 जर्जर मकानों को चिन्हित कर उनको ध्वस्त करने के लिए नोटिस जारी किए हैं। सोमवार को हुई तेज बारिश के बाद बालूगंज में एक ही परिवार के 4 मकान बारिश के बाद भरभराकर गिर गए थे। सूचना के बाद नगर निगम और प्रशासनिक टीम मौके पर पहुंच गई थी। ये मकान नाले के किनारे बने हुए थे। इन मकानों से चंद कदमों की दूरी पर बेनी सिंह इंटर कालेज है। ये स्कूल नाले पर बना हुआ है। इस स्कूल की एक क्लास का फर्श पिछले दिनों नाले में बैठ गया था, जिससे नाला चोक हो गया था। इसका पानी इन मकानों की दीवार की नींव में जा रहा था, जिससे दीवारें कमजोर हो गई थीं।इसकी वजह से ये मकान बारिश में भरभराकर गिर गए। 7 मकानों को दिया नोटिस
गुरुवार को नगर निगम की ओर से बालूगंज में जर्जर मकानों का सर्वे किया। इसमें 7 मकानों को जर्जर पाकर उन्हें ध्वस्त करने के नोटिस जारी किए हैं। गुरुवार को टीम ने नोटिस चस्पा किए। इसमें तीन दिन में मकानों को अपने खर्च पर गिरवाने के लिए कहा गया है। नोटिस में कहा गया है कि भवन असुरक्षित है। कोई जनहानि हो सकती है। भवन गिरने से कोई नुकसान होता है, उसकी जिम्मेदारी भवन स्वामी की होगी। इनके मकान जर्जर घोषित
मुकेश
सुरेश
प्रदीप
अनिल
अजय
प्रमोद और अतीश डीएम ने किया था निरीक्षण
हकीकत जानने के लिए डीएम मनीष बंसल ने बुधवार को बालूगंज क्षेत्र का निरीक्षण किया। उन्होंने स्कूल की बिल्डिंग भी देखी। पता चला कि स्कूल की बिल्डिंग के नीचे से नाला गुजर रहा है। नाले किनारे बने मकानों को भी देखा। इनमें से कई मकान जर्जर हालत में थे। कुछ में दरारें भी आ गई थीं।
दूसरे स्कूल में भेजे जाएंगे विद्यार्थी विद्यालय प्रबंधन ने बताया, विद्यालय भवन अत्यंत पुराना एवं जर्जर अवस्था में है। भवन की संरचनात्मक स्थिति विद्यार्थियों एवं शिक्षकों की सुरक्षा के लिए उपयुक्त नहीं पाई गई। वर्तमान में विद्यालय में लगभग 20 विद्यार्थी अध्ययनरत हैं, जिनकी सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए तत्काल आवश्यक कदम उठाए जाना आवश्यक है।
उन्होंने संबंधित विभागीय अधिकारियों एवं विद्यालय प्रबंधन को निर्देशित किया कि विद्यार्थियों के हित एवं सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए विद्यालय में अध्ययनरत सभी विद्यार्थियों को शीघ्र ही किसी सुरक्षित एवं उपयुक्त निकटवर्ती विद्यालय में स्थानांतरित किया जाए।


