मैनपुरी के घिरोर थाना क्षेत्र में भंडारे की सब्जी बनाते समय खौलती कढ़ाई में गिरकर गंभीर रूप से झुलसे युवक की नौ दिन बाद उपचार के दौरान मौत हो गई। घटना से परिवार में कोहराम मचा हुआ है। मृतक अपने पीछे पत्नी और तीन छोटे बच्चों को छोड़ गया है। जानकारी के अनुसार, थाना क्षेत्र के नगला रामा निवासी 35 वर्षीय रंजीत सिंह गांव रतवा स्थित मंदिर आश्रम में आयोजित भंडारे में मजदूरी कर रहा था। आश्रम में श्रीमद्भागवत कथा का समापन 23 मई को हुआ था, जिसके उपलक्ष्य में 24 मई को भंडारे का आयोजन किया गया था। बताया गया कि देर शाम आलू की सब्जी तैयार की जा रही थी। रंजीत सिंह हलवाइयों के साथ काम करते हुए लकड़ी की सहायता से कढ़ाई में आलू चला रहा था। इसी दौरान अचानक लकड़ी टूट गई, जिससे उसका संतुलन बिगड़ गया और वह खौलती कढ़ाई में जा गिरा। हादसे में वह गंभीर रूप से झुलस गया। घटना के तुरंत बाद परिजन और ग्रामीण उसे उपचार के लिए सैफई मेडिकल कॉलेज ले गए। वहां चिकित्सकों ने उसकी गंभीर हालत को देखते हुए दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल रेफर कर दिया। पिछले नौ दिनों से उसका उपचार चल रहा था, लेकिन मंगलवार देर शाम उसने दम तोड़ दिया। रंजीत की मौत की खबर मिलते ही पत्नी भारती सहित पूरे परिवार का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। ग्रामीणों ने बताया कि रंजीत भूमिहीन था और मजदूरी करके परिवार का भरण-पोषण करता था। उसके दो बेटे और एक बेटी हैं। परिवार की आर्थिक स्थिति पहले से ही कमजोर है, ऐसे में रंजीत की मौत से परिजनों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। ग्रामीणों ने प्रशासन से पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता दिलाने की मांग की है।


