करनाल जिले के गांव कल्हेड़ी की दीवानचंद कॉलोनी में पानी की पाइप लाइन टूटने से पिछले करीब 15 दिनों से लोगों को पीने के पानी के लिए भारी परेशानी झेलनी पड़ रही है। हालात ऐसे हैं कि लोगों को दूर-दूर खेतों में लगे ट्यूबवेल से पानी भरकर लाना पड़ रहा है। कई बार प्रशासन और पंचायत को शिकायत देने के बावजूद समाधान नहीं हुआ, जिससे कॉलोनी में रोष बढ़ता जा रहा है। लोगों की माने तो सबसे बड़ी दिक्कत यह है कि पानी की पाइप लाइन गलियों की बजाय लोगों के प्लॉटों के नीचे से निकाली गई है। ऐसे में जब भी कोई अपने प्लॉट में निर्माण कार्य करता है तो पाइप लाइन टूट जाती है। इसी वजह से बार-बार पानी की सप्लाई बाधित हो रही है और अब 15-16 दिन से पूरी तरह बंद पड़ी है। ट्यूबवेल से पानी ढो रहे लोग ग्रामीण सुनील कुमार, बलराज, विक्की और सूरज ने बताया कि भीषण गर्मी में पानी के बिना रहना मुश्किल हो गया है। दिन में मजदूरी करने के बाद रात को खेतों में लगे ट्यूबवेल से पानी भरकर लाना पड़ता है। कोई पैदल जाता है तो कोई बाइक और रेहड़ी का सहारा लेता है। कई घरों में केवल बुजुर्ग हैं, जिनसे ठीक से चला भी नहीं जाता। पानी लाते समय उनके गिरने का खतरा बना रहता है। दूर से पानी लाने के कारण लोगों के हाथ तक दुखने लगे हैं। टैंकर से नहीं हो रही पूरी पूर्ति ग्रामीणों का कहना है कि पंचायत की ओर से एक पानी का टैंकर कॉलोनी में खड़ा किया गया, लेकिन वह कुछ ही समय में खाली हो जाता है। इससे सभी लोगों की जरूरत पूरी नहीं हो पा रही। बार-बार शिकायत करने के बावजूद समस्या का स्थायी समाधान नहीं किया जा रहा है। 30-32 साल पुरानी पाइप लाइन, मरम्मत की तैयारी गांव कल्हेड़ी के सरपंच बिजेंद्र सिंह ने बताया कि दीवानचंद कॉलोनी की समस्या 3 दिन पहले ही उनके संज्ञान में आई है। जांच में सामने आया कि पाइप लाइन 30-32 साल पुरानी है और प्लॉटों के बीच से गुजर रही है, जिससे यह बार-बार क्षतिग्रस्त हो रही है। 500 फुट में नई लाइन, फिर पूरे क्षेत्र में काम होगा सरपंच ने बताया कि सबसे पहले टूटी हुई जगह से कट लगाकर करीब 500 फुट एरिया में गली के रास्ते नई पाइप लाइन डाली जाएगी। इसके लिए पाइप मंगवा लिए गए हैं और इस संबंध में जेई और एक्सईएन से भी बातचीत हो चुकी है। इसके बाद पूरे क्षेत्र में करीब 1165 फुट लंबी पाइप लाइन बिछाने का प्रस्ताव तैयार किया जाएगा। पानी की किल्लत दूर करने को भेजे जा रहे टैंकर उन्होंने कहा कि जब तक पाइप लाइन का काम पूरा नहीं हो जाता, तब तक लोगों को राहत देने के लिए पानी के टैंकर भेजे जा रहे हैं, ताकि किसी को ज्यादा परेशानी न हो। हालांकि ग्रामीणों का कहना है कि जल्द से जल्द स्थायी समाधान होना चाहिए, ताकि उन्हें इस संकट से राहत मिल सके।


