मोबाइल और नशे से दूर रख युवाओं की ऊर्जा को सही दिशा दे रहे खेल

रायसेन| जिले के युवाओं को खेलों के प्रति जागरूक करने और ग्रीष्मकालीन अवकाश का सकारात्मक उपयोग सुनिश्चित करने के उद्देश्य से आयोजित 31 दिवसीय ग्रीष्मकालीन खेल प्रशिक्षण शिविर आरोह-2026 का जिला खेल परिसर रायसेन में भव्य समापन हुआ। समापन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए सांची विधायक डॉ. प्रभुराम चौधरी ने कहा कि खेल केवल मनोरंजन का साधन नहीं हैं, बल्कि स्वस्थ जीवन, अनुशासन और व्यक्तित्व विकास का मजबूत आधार हैं। उन्होंने कहा कि खेल विभाग द्वारा आयोजित यह शिविर युवाओं को मोबाइल और नशे जैसी बुरी आदतों से दूर रखकर उनकी ऊर्जा को सकारात्मक दिशा देने का सफल प्रयास साबित हुआ है। डॉ. चौधरी ने जिले के खिलाड़ियों की उपलब्धियों की सराहना करते हुए कहा कि रायसेन के खिलाड़ी प्रदेश और राष्ट्रीय स्तर पर लगातार अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर जिले का नाम रोशन कर रहे हैं। 1733 खिलाड़ियों ने लिया भाग : जिला खेल एवं युवा कल्याण अधिकारी जलज चतुर्वेदी ने बताया कि पूरे जिले में आयोजित शिविर में कुल 1733 खिलाड़ियों ने भाग लिया। प्रशिक्षण के दौरान खिलाड़ियों को खेलों की बारीकियों, नियमों और प्रतिस्पर्धात्मक वातावरण के लिए तैयार किया गया। समापन समारोह में जिला विकास समिति सदस्य जमुना सेन, विधायक प्रतिनिधि ब्रजेश चतुर्वेदी, जिला खेल अधिकारी जलज चतुर्वेदी, प्रियंक शिंदे, मनीष मिश्रा, भानु प्रताप सिंह, अंकित कुशवाहा सहित अनेक खेल प्रेमी, प्रशिक्षक और खिलाड़ी मौजूद रहे। कार्यक्रम के अंत में खिलाड़ियों को खेलों में निरंतर मेहनत कर उच्च स्तर पर जिले का प्रतिनिधित्व करने के लिए प्रेरित किया गया। 20 केंद्रों पर चला प्रशिक्षण शिविर : खेल एवं युवा कल्याण विभाग द्वारा 1 मई से 2 जून तक आयोजित इस शिविर में जिले के सातों विकासखंडों के 20 केंद्रों पर विभिन्न खेलों का प्रशिक्षण दिया गया। ताइक्वांडो, वॉलीबॉल, कबड्डी, एथलेटिक्स, बॉक्सिंग, फुटबॉल, हैंडबॉल, हॉकी, खो-खो और कराते जैसी खेल विधाओं में खिलाड़ियों को विशेषज्ञ प्रशिक्षकों द्वारा तकनीकी और व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान किया गया। शिविर के दौरान खिलाड़ियों के शारीरिक प्रशिक्षण के साथ-साथ मानसिक और सामाजिक विकास पर भी विशेष ध्यान दिया गया। सप्ताह में एक दिन फिट इंडिया मूवमेंट, संडे ऑन साइकिल, फिटनेस टेस्ट, सामाजिक जागरूकता, फैमिली एंगेजमेंट और व्यक्तित्व विकास जैसी गतिविधियां आयोजित की गईं, जिससे खिलाड़ियों में नेतृत्व क्षमता, आत्मविश्वास और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना विकसित हो सके।

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