लखनऊ नगर निगम और प्रशासन की संयुक्त टीम ने बुधवार को सरोजनीनगर तहसील के ग्राम रहिमाबाद में बड़ी कार्रवाई करते हुए करीब 18.75 करोड़ रुपये मूल्य की सरकारी भूमि को अतिक्रमण से मुक्त कराया। भूमि पर अवैध प्लाटिंग और अस्थायी बाउंड्रीवाल बनाकर कब्जा किए जाने की शिकायत पर जेसीबी से कार्रवाई की गई।
सरकारी भूमि पर हो रही थी अवैध प्लाटिंग
नगर आयुक्त गौरव कुमार के निर्देश पर चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत हुई जांच में पाया गया कि राजस्व अभिलेखों में वृक्षारोपण, कब्रिस्तान और श्मशान भूमि के रूप में दर्ज जमीन पर कुछ लोगों द्वारा अवैध प्लाटिंग की जा रही थी। साथ ही बाउंड्रीवाल बनाकर कब्जा करने का प्रयास किया जा रहा था।
1.25 हेक्टेयर जमीन कराई गई मुक्त
अभियान के दौरान खसरा संख्या 1279, 1286, 1385, 958, 959 और 960 से संबंधित कुल 1.250 हेक्टेयर सरकारी भूमि को अतिक्रमणमुक्त कराया गया। अधिकारियों के अनुसार मुक्त कराई गई भूमि का बाजार मूल्य लगभग 18 करोड़ 75 लाख रुपये है।
जेसीबी से हटाए गए अवैध निर्माण
नगर निगम की टीम ने मौके पर पहुंचकर जेसीबी मशीन की सहायता से अवैध प्लाटिंग और अस्थायी बाउंड्रीवाल को ध्वस्त किया। कार्रवाई के दौरान किसी प्रकार की अप्रिय स्थिति नहीं हुई और अभियान शांतिपूर्ण ढंग से पूरा किया गया।
नगर निगम और प्रशासन की संयुक्त कार्रवाई
अपर नगर आयुक्त पंकज श्रीवास्तव एवं उपजिलाधिकारी सरोजनीनगर अंकित शुक्ला के निर्देश पर प्रभारी अधिकारी (सम्पत्ति) रामेश्वर प्रसाद और तहसीलदार नगर निगम अरविन्द पाण्डेय की देखरेख में कार्रवाई की गई। अभियान में नगर निगम, राजस्व विभाग और ईटीएफ टीम के अधिकारी व कर्मचारी मौजूद रहे।
सरकारी जमीनों पर कब्जे के खिलाफ अभियान जारी
नगर निगम अधिकारियों ने बताया कि सरकारी भूमि पर अवैध कब्जों के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा। सार्वजनिक उपयोग की भूमि को सुरक्षित रखने और अतिक्रमण हटाने के लिए नियमित कार्रवाई की जाएगी।


