मेरे पति को जल्द से जल्द पकड़ा जाए, नहीं तो वह मुझे जान से मार देगा… यह कहना है जेपी अस्पताल में इलाज कराने आई गीता पटेल का। गीता भोपाल के भीमनगर की रहने वाली हैं। वह मजदूरी कर गुजारा करती हैं। उन्होंने अपने पति मयंक पटेल पर मारपीट का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि दोपहर में जब वे मजदूरी के लिए जा रही थीं, तब उनके पति पेड़ के पीछे छिपकर बैठे थे। आरोप है कि उन्होंने लकड़ी के मोटे डंडे से गीता के पैर पर दो बार वार किया। तीसरी बार जब वह उनके सिर पर हमला करने की कोशिश कर रहा था, तब उनकी बेटी ने बीच-बचाव कर उन्हें बचा लिया। आसपास लोग मौजूद थे, लेकिन किसी ने मदद नहीं की। घटना मंगलवार दोपहर की है। महिला जिला अस्पताल में इलाज कराने पहुंची थी। पहले भी कर चुका है मारपीट गीता ने बताया कि यह पहली बार नहीं है। इससे पहले भी पति कई बार उनके साथ मारपीट कर चुका है। उन्होंने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी, लेकिन पति के माफी मांगने और समझाने पर शिकायत वापस ले ली थी। इसके बावजूद उसका व्यवहार नहीं बदला। मजदूरी कर परिवार पालती हैं गीता गीता पटेल ने बताया कि परिवार में एक बेटा और एक बेटी हैं। घर का खर्च वह मजदूरी करके चलाती हैं। उनके अनुसार पति अक्सर शराब या अन्य नशा कर घर आता है और मारपीट करता है। घटना वाले दिन भी वह काम पर जाने के लिए निकली थीं, तभी पति ने उन पर हमला कर दिया। तुम्हें और बच्चों को खत्म कर दूंगा पीड़िता का आरोप है कि पति लगातार उन्हें और उनके बच्चों को जान से मारने की धमकी देता है। गीता के अनुसार उसने कई बार कहा कि वह उन्हें और उनके बच्चों को खत्म कर देगा। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि पति ने एक बार उनके पेट पर दांत से काट लिया था, जिसके निशान आज भी मौजूद हैं। पीड़िता बोली- कार्रवाई नहीं हुई तो जान का खतरा गीता का कहना है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो उनके और उनके बच्चों की जान को खतरा बना रहेगा। उन्होंने आरोपित पति को कड़ी सजा दिलाने और परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है। हर दिन 20 महिलाएं घरेलू हिंसा का शिकार हो रहीं एनसीआरबी की हालिया रिपोर्ट बताती है कि साल 2024 में मध्य प्रदेश में पति या ससुराल पक्ष की क्रूरता के 7,514 मामले दर्ज हुए। यानी हर दिन औसतन 20 महिलाएं हिंसा और प्रताड़ना का शिकार हुईं। दूसरे शब्दों में कहें तो लगभग हर घंटे एक महिला पति या ससुराल पक्ष की क्रूरता का शिकार हुई। क्यों बढ़ रही घरेलू हिंसा निर्भया फाउंडेशन की संचालक समर खान बताती हैं कि घरेलू हिंसा बढ़ने के कई कारण हैं। हालांकि उनके पास आने वाले अधिकांश मामलों में कुछ प्रमुख वजहें सामने आती हैं। लगभग हर पांचवां पुरुष पीता है शराब राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण (NFHS-6) के अनुसार राज्य में 15 वर्ष से अधिक उम्र के 18.5 प्रतिशत पुरुष शराब का सेवन करते हैं। यानी लगभग हर पांचवां पुरुष शराब पीता है। विशेषज्ञों का मानना है कि शराब की लत केवल व्यक्ति के स्वास्थ्य को ही नहीं, बल्कि परिवार की आर्थिक स्थिति, घरेलू माहौल और सामाजिक संबंधों को भी प्रभावित करती है। वहीं महिलाओं में शराब सेवन का प्रतिशत केवल 1.2 है।


